अनूपपुर: पुत्र ने पिता के शव को बोरी में बांधकर फेंका, लिखाई गुमशुदगी की रिपोर्ट, ये है मामला

हांलाकि यह बात ग्रामवासियों में चर्चा के तौर पर चल रही थी, लेकिन स्पष्ट न होने की वजह से घटनाक्रम को सप्ताह भर बीत गये। लेकिन कोतवाली पुलिस की सक्रियता की वजह से 4 नवंबर को पूरे मामले से पर्दा उठ गया।

अनूपपुर, वेद शर्मा। कोतवाली अनूपपुर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सेंदुरी निवासी जयराम सिंह राठौर पिता जेठू राठौर उम्र 48 वर्ष की हत्या पुत्र गुलाब सिंह राठौर और पंकज राठौर ने कर दी। 27 अक्टूबर की रात्रि लगभग 11 बजे घर पर ही किसी बात को लेकर विवाद की स्थिति निर्मित हुई। जहां घटना के दिन उनके घर पर दोनो पुत्र एवं मृतक की पत्नी और पिता की मौजूदगी होना बताया गया। लडाई-झगडे के दौरान जयराम की मौत हो गई। जहां से दोनो पुत्रो ने पिता के शव को बोरी में भरकर डंडे के सहारे तीन किलोमीटर दूर ले जाकर ग्राम के ही किसी व्यक्ति के खेत में फेक दिये।

लिखाई गुमशुदगी की रिपोर्ट

27 अक्टूबर से गायब जयराम की बात जब आस-पडोस व रिश्तेदारों तक पहुंची। तब पुत्र गुलाब सिंह राठौर 2 नवंबर को कोतवाली पहुंच कर अपने पिता की गुमशुदगी दर्ज करा दी। हांलाकि यह बात ग्रामवासियों में चर्चा के तौर पर चल रही थी, लेकिन स्पष्ट न होने की वजह से घटनाक्रम को सप्ताह भर बीत गये। लेकिन कोतवाली पुलिस की सक्रियता की वजह से 4 नवंबर को पूरे मामले से पर्दा उठ गया।

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पुलिस करती रही शव वाहन का इंतजार

कोतवाली पुलिस की टीम ने सूझबूझ दिखाते हुए ग्राम सेंदुरी पहुंच कर पूरे घटनाक्रम से जहां पर्दा उठा रही थी, वही जिला चिकित्सालय के जिम्मेदारो ने उन्हे शव वाहन तक उपलब्ध नही कराया गया, 4 घंटे तक पुलिस के जवान दुर्गंध देते हुए मृतक के शरीर के पास शव वाहन का इंतजार करते रहे, कई बार फोन पर सूचना दी गई, लेकिन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बीडी सोनवानी फोन तक रिसीव नही किये और शव वाहन के ड्राईवर को फोन किया तो उन्होने समय का अभाव बताते हुए मना कर दिया।

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