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Ashoknagar News: मुंगावली जिला कोर्ट ने आरोपियों को सुनाई आजीवन कारावास की सजा, पुरानी रंजिश में हुई थी मौत

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Ashoknagar News: मध्य प्रदेश अशोकनगर जिले से एक बड़ी खबर सामने आई हैं। जहां कत्ल के आरोपियों को आजीवन कारवास और अर्थदंड की सजा मुंगावली कोर्ट के न्यायाधीश अवधेश कुमार श्रीवास्तव की तरफ से सुनाई गई है। दरअसल, एजीपी प्रतिपाल सिंह राजपूत की तरफ से मिली जानकारी के मुताबिक 22 सितंबर 2020 को थाना सेहराई में फरियादी रावराजा यादव निवासी देवरछी ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। लगभग रात के 2 बजे आरोपी धारा सिंह बंदूक लेकर अपने साथियों कलेक्टर सिंह, देवेंद्र सिंह, चंद्रपाल, गंगाराम, मंगल सिंह और आशाराम उसकी छत पर आए और पुरानी रंजिश के चलते अपशब्द कहने लगे। वहीं जब मेघराज छत पर आया और उन लोगों को बाहर निकलने के लिए कहा तो उस पर कातिलाना हमला करते हुए उस पर गोली चलाई। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

फरियादी ने दर्ज कराई थी शिकायत

फरियादी की तरफ से सेहराई थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने उसकी शिकायत के आधार पर भारतीय दंड संहिता की धारा 302, 294,147,148,149 और आयुध अधिनियम की धारा 25,27 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया था। जिसके बाद विवेचन के लिए न्यायालय में चालान पेश किया गया था।

कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई

मामले में संपूण साक्ष्य के बाद न्यायालय ने आरोपी धारा सिंह के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 147,148,149, और 302 के तहत 1400 रुपए जुर्मान और आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही आयुध अधिनियम की धारा 25,27 के तहत 1500 रुपए जुर्माना और 2 से 3 साल की कारावास की सजा सुनाई है। जबकि अन्य आरोपियों कलेक्टर सिंह, देवेंद्र सिंह, चंद्रपाल, गांगाराम, मंगल सिंह और आशाराम के खिलाफ धारा 147,148,149, और 302 के तहत 1400-1400 रुपए जुर्माने के साथ आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

अशोकनगर से अलीम डायर की रिपोर्ट

Shashank Baranwal
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पत्रकारिता उन चुनिंदा पेशों में से है जो समाज को सार्थक रूप देने में सक्षम है। पत्रकार जितना ज्यादा अपने काम के प्रति ईमानदार होगा पत्रकारिता उतनी ही ज्यादा प्रखर और प्रभावकारी होगी। पत्रकारिता एक ऐसा क्षेत्र है जिसके जरिये हम मज़लूमों, शोषितों या वो लोग जो हाशिये पर है उनकी आवाज आसानी से उठा सकते हैं। पत्रकार समाज मे उतनी ही अहम भूमिका निभाता है जितना एक साहित्यकार, समाज विचारक। ये तीनों ही पुराने पूर्वाग्रह को तोड़ते हैं और अवचेतन समाज में चेतना जागृत करने का काम करते हैं। मशहूर शायर अकबर इलाहाबादी ने अपने इस शेर में बहुत सही तरीके से पत्रकारिता की भूमिका की बात कही है– खींचो न कमानों को न तलवार निकालो जब तोप मुक़ाबिल हो तो अख़बार निकालो मैं भी एक कलम का सिपाही हूँ और पत्रकारिता से जुड़ा हुआ हूँ। मुझे साहित्य में भी रुचि है । मैं एक समतामूलक समाज बनाने के लिये तत्पर हूँ। View all posts by Shashank Baranwal
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