Eid-celebration-in-mungwali

अलीम डायर मुंगावली।


मुस्लिम समाज का  सबसे बड़ा पर्व जश्ने ईद मिलादुन्नबी नबी करीम सल्लल्लाहो अलेही वसल्लम की यौमे पैदाइश का दिन है जिसे मुस्लिम समाज बड़े ही हर्षोल्लास और जोशो खरोश के साथ मनाते हैं। सारे नगर को दुल्हन की तरह सजाते हैं।

ईद मिलादुन्नबी के दिन नगर की जामा मस्जिद से एक जुलूस का आयोजन किया गया यह जुलूस काजी मोहल्ला कछियाना मोहल्ला तकिया मोहल्ला किरमानी मोहल्ला चौकी मोहल्ला से होता हुआ बस स्टैंड पर आया और बस स्टैंड से नए बाजार पुराने बाजार होते हुए वापस जामा मस्जिद पहुंचा। जहां पहुंचकर कुरान खानी की गई और तबर्रुक तक्सीम किया गया।

जुलूस में मुस्लिम भाई एक हाथ में नबी का परचम  और दूसरे हाथ में हिंदुस्तान का तिरंगा भी हाथ में लिए चल रहे थे। जुलूस के दौरान जुलूस में सम्मिलित सभी मुस्लिम भाइयों ने एक दूसरे को गले मिलकर बधाई दी और जुलूस का रास्ते में जगह-जगह स्वागत और इस्तकबाल किया गया इसी दौरान रंगरेजान ब्रदर्स राईन ब्रदर्स और खान ब्रदर्स द्वारा खाने पीने के स्टाल लगाए गए और लोगों को तबर्रुक तकसीम किया गया।

जुलूस में मुस्लिम भाई नाते पाक और दरूदे पाक बढ़ते जा रहे थे और नबी की यौमे पैदाइश के नारे भी लगाए जा रहे थे वही बाहर से बुलाए गये अनवर बैंड द्वारा बेहतरीन कव्वालियां की प्रस्तुति दी गई जिन्हें सुनकर लोग झूम उठे वहीं बच्चों ने मिठाइयों का भी लुत्फ लिया और नौजवान भाइयों द्वारा आतिशबाजी भी की गई।

सुरक्षा की दृष्टि से जुलूस के साथ साथ काफी पुलिस बल भी मौजूद रहा ।