डीपी से निकला चुनाव का करंट,एक ट्रांसफॉर्मर लगवाने का श्रेय लेने भीड़ जुटी

अशोकनगर/हितेंद्र बुधौलिया

जैसे-जैसे प्रदेश में उपचुनाव की गर्मी बढ़ रही है वेसे-वेसे दावेदारों एवं उनके समर्थकों में चुनाव का करंट बढ़ने लगा है। अशोकनगर सहित मुंगावली सीट पर भी उपचुनाव होना है और ऐसे में यहां मुंगावली विधानसभा के घाट बमुरिया गांव की एक डीपी (ट्रांसफार्मर) से बिजली की जगह चुनाव का करंट निकलेने लगा है। फूंकी पढ़ी डीपी को बनवाने का श्रेय लेने के लिये एक नहीं, तीन-तीन लोगों की पोस्ट सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियों में हैं। ये पूरा मामला हाई वोल्टेज ड्रामे की तरह है। आईये चुनाव के पहले अपनी दावेदारी पेश करने, लोगो को लुभाने एव चाटुकारिता के प्रदर्शन का यह पूरा मामला समझते हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार विकासखण्ड मुंगावली के ग्राम घाट बमुरिया में पिछले दिनों ट्रांसफार्मर फूंक गया था। भीषण गर्मी के दिनों में ग्रामीणों को इस कारण काफी परेशानी उठानी पड़ी। विद्युत विभाग ने ग्रामीणों की शिकायत के आधार पर उस ट्रांसफार्मर को बदल दिया। बस उसी के बाद ट्रांसफार्मर के बदलते का श्रेय लेने की प्रतिस्पर्धा शुरू हो। फिर तो जो हाई वोल्टेज ड्रामा शुरू हुआ उसका करंट गांव सहित पूरे जिले में ऐसा दौड़ा कि लोगों के समझ में नहीं आ रहा कि उनको यह ट्रांसफार्मर की सौगात उनकी शिकायत पर मिली है या किसी की अनुकम्पा से।

सबसे पहले राव अजय प्रताप सिंह एवं उनके समर्थकों ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के माध्यम से उस ट्रांसफार्मर को रखवाने का न केवल श्रेय लिया बल्कि आगामी उपचुनाव की दावेदारी कर अन्य दावेदारों को झटके देने शुरू कर दिए। उल्लेखनीय है अजय यादव निवर्तमान अशोकनगर मंडी के अध्यक्ष होने के साथ पूर्व विधायक स्व. देशराज सिंह के बेटे है। ढाई साल पहले इनकी मां बाईसाहब यादव भाजपा से उपचुनाव लड़ी थी और ब्रजेन्द्र यादव से चुनाव हार गई थी।

इस घटना का पता जैसे ही पूर्व विधायक ब्रजेन्द्र सिंह को चला उनकी ओर से बीजेपी के सोशल मीडिया एकाउंट से इस ट्रांसफार्मर को रखवाने की घोषणा कर दी गई। ऐसा करते समय उन्होंने अपने पूर्व कार्यकाल के कार्यों को भी शुमार कर दिया। बता दें कि ब्रजेन्द्र यादव कांग्रेस के उन 22 बागी विधायकों में से है जिन्होने कांग्रेस की सत्ता गिरा कर भाजपा का दामन थाम लिया है।

श्रेय लेने का बाजार उप चुनाव में टिकिट पाने की मंशा रखने वाले नेताओं के बीच चल ही रहा था कि इस डीपी प्रकरण मेंं भाजपा सासंद केपी यादव के समर्थक ने सांसद की मेहरबानी के तार बिछा दिये। सोशल मीडिया पर पोस्ट डाल कर बताया गया कि ग्राम घाट बमुरिया का ट्रांसफार्मर उनके लोकप्रिय सासंद की वजह से रखा गया है। इतना ही नहीं इन सभी के प्रशंसकों ने सोशल मीडिया पर अपनी पोस्ट को टैग के साथ आभार भी प्रदर्शित किया है।

इन सभी ने आगामी चुनाव के लिए अपने नेता को सर्वश्रेष्ठ और उपयुक्त उम्मीदवार बताया है। सबने एक ही फ़ोटो का उपयोग अपनी पोस्ट में किया है। विचित्र स्थिति तो तब बन गई जब इतने महिमामंडन के बाद कांग्रेस के संभावित प्रत्याशी ने भी घाट बमुरिया के ट्रांसफार्मर पर अपना दावा ठोंक दिया। अब मुंगावली की जनता को समझ नहीं आ रहा कि उनके इस ट्रांसफार्मर का असली श्रेय किसको दें। फिलहाल तो ट्रांसफार्मर एक और मुरीद अनेक की स्थिति बनी हुई है। अब यह हाई वोल्टेज ड्रामा अपने पूरे शबाब पर है, देखते हैं कि आगामी समय में जोर का झटका किसको लगता है।

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