बकाया बिल को लेकर विद्युत विभाग और नगर परिषद आमने-सामने, एक ने काटी बिजली तो दूसरे ने नल कनेक्शन

मुंगावली, स्वदेश शर्मा। विद्युत विभाग द्वारा बकाया राशि को लेकर चलाये जा रहे अभियान के चलते नगर परिषद व बिजली कम्पनी आमने सामने आ गए हैं। दोनों ही विभाग के अधिकारी अपनी शक्तियों का प्रयोग करते नजर आ रहे हैं। यह इसलिए कहा जा रहा है कि नगर परिषद पर बिजली बिल का 18 लाख रुपये के आसपास बकाया है जिसके लिए बिजली कम्पनी के अधिकारियों द्वारा पूर्व में पत्राचार करके बिल जमा कराने के लिये कहा गया था। लेकिन बिल जमा न होने के कारण बुधवार की शाम को अधिकारियों द्वारा नगर की स्ट्रीट लाइट का कनेक्शन काट दिया जिससे पूरे नगर की गलियों व सड़कों पर अंधेरा पसर गया।

इसकी जानकारी सीएमओ विनोद उन्नीतान को लगी तो उइन्होंने अधिकारियों से बात की और तीन दिन में बकाया बिल जमा कराने को कहा जिसके बाद लगभग 10 बजे के आसपास स्ट्रीट लाइट का कनेक्शन जोड़ा गया। इस तरह बिजली कम्पनी के अधिकारियों द्वारा कनेक्शन काटे जाने के बाद नगर परिषद के अधिकारियों ने भी अपने अधिकारों का उपयोग करते हुए जलकर बकाया होने के कारण विद्युत मंडल के सभी नल कनेक्शन काट दिए।

देर रात तक चलता रहा ड्रामा
इस तरह दो विभागों के आमने सामने आने के बाद मामला यहीं नही रुका। रात के दो बजे के आसपास विद्युत मंडल कार्यालय पर कोई अज्ञात व्यक्ति चार मृत कुत्ते फेंक आया जिसकी सूचना रात में ड्यूटी कर रहे बिजली कम्पनी के कर्मचारियों द्वारा डायल 100 को दी गई। उसके बाद पुलिस ने पहुँचकर नगर परिषद के कर्मचारियों को रात के तीन बजे  बुलाकर कुत्तों को उठवाया। इस तरह बिजली कम्पनी में सारी रात ड्रामा चलता रहा।

अधिकारी बोले- आर्थिक स्थिति ठीक न होने के चलते बनी ऐसी स्थिति 
इस तरह बिजली बिल का लाखों बकाया होने के मामले में जब नगर परिषद के सीएमओ विनोद उन्नीतान से जानना चाहा तो उन्होंने बताया कि पिछले कुछ महीनों से नगर परिषद की आर्थिक स्थिति ठीक नही है और कर्मचारियों का वेतन तक वितरित नही हो पा रहा है। बिजली कम्पनी द्वारा बिना बताए अचानक स्ट्रीट लाइट का कनेक्शन काट दिया गया जिसके बाद जलकर बकाया होने के चलते इनके नल कनेक्शन काटे गए हैं।

आखिर कैसे मिलेगी नागरिकों को बेहतर सुविधाएं
इस तरह दो महत्वपूर्ण विभाग नगर परिषद व बिजली विभाग के पैसों के चलते आमने सामने आने के बाद अब सवाल यह खड़ा होता है कि शासन द्वारा नगर परिषद में लगातार राशि की कटौती की जा रही है, जिसके चलते नगर परिषद आर्थिक तंगी से गुजर रही है। ऐसे में अब नगर परिषद कैसे नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मुहैया करा पाएगी।