सरकारी व कब्रिस्तान की जमीनों पर बेरोकटोक विकसित हो रही है काॅलोनियां

Encroachment-on-graveyard-land

अशोकनगर मुंगावली। अलीम डायर।

मुंगावली में मिडल स्कूल के पास बेशकीमती कब्रिस्तान व शासकीय जमीन पर अब धड़ल्ले से काॅलोनियां बनाई जा रही है, और प्रशासन मौन बना हुआ है। हालत यह है कि महज एक से दो साल के भीतर कब्रिस्तान की  शासकीय जमीन एक बड़ी काॅलोनी में तब्दील हो चुकी है। मुंगावली के ही रहने वाले शकलुद्दीन रफीकउद्दीन इकबालुद्दीन कफीलुद्दीन काजी के द्वारा यहां पर प्लाट काटकर बैच रहे। इसके बाद भी जिम्मेदारों द्वारा इस और कोई ध्यान नही दिया जा रहा है। नतीजतन कब्रिस्तान व शासकीय जमीन अब एक बडी काॅलोनी में तब्दील हो चुकी है। 

पहले तो शासकीय व कब्रिस्तान की भूमि पर कब्जा जमा लिया गया और अब उसी जमीन को अपनी पैतृक संपत्ति समझकर ऐसे बैच रहे है जैसे कि उन्होंने इस जमीन को किसी से खरीदी हो। ऐसा भी नही है कि प्रशासन को इसकी जानकारी न हो कई बार मुस्लिम समुदाय के लोगों द्वारा इसकी शिकायतें भी की जा चुकी है लेकिन राजस्व विभाग के जमीनी स्तर के अमले की यानी पटवारियों और गिरदावर की अतिक्रमणकारियों से मिली भगत के चलते ठोस कार्रवाई नही हो पाती है। ऐसे में सरकारी जमीनों पर बेरोकटोक पक्के मकान बनते ही चले जा रहे है यदि जिम्मेदारों द्वारा समय रहते इस ओर ध्यान नही दिया तो वह दिन दूर नही जब मुंगावली में नाम मात्र के लिए भी कब्रिस्तान व सरकारी जमीन नही बचेगी। ऐसे में कई सवाल है जो इस मामले में जिम्मेदारों को कटघरे में ला रहे है।

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