अशोकनगर| महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के अवसर पर एकता परिषद द्वारा दिल्ली से निकली जय जगत यात्रा  बीते दिनों अशोकनगर पहुची। यात्रा का नेतृत्व कर रहे प्रख्यात गांधीवादी राजगोपाल पीवी ने यात्रा के उद्देश्य एवं उसके स्वरूप को लेकर पवारगढ़ के गुरुद्वारे में पत्रकारवार्ता को संबोधित किया। इस दौरान क्षेत्रीय विधायक जजपाल सिंह जज्जी एवं कनाडा की ग़ांधीवादी जिल हैरिस भी मौजूद रही।

     राजगोपाल पीवी ने बताया कि यह यात्रा 1 साल की है। 2 अक्टूबर को  विश्व शांति एवं न्याय के लिये इस यात्रा की शुरुआत दिल्ली में बापू की समाधि राजघाट से इसकी शुरुआत की गई है। अगले  साल 2 अक्टूबर को जिनेवा मैं यह यात्रा समाप्त होगी। राजा जी ने बताया कि यह यात्रा 10 देशों को पार करके 11 हजार 300 किलोमीटर  की दूरी पार करके  जिनेवा पहुंचेगी। इस यात्रा में 16 विदेशी पदयात्रियों सहित 50 लोग पदयात्रा कर रहे है।

     जय जगत यात्रा का मुख्य  उद्देश्य गरीबी समाप्त करना, दुनिया के किसी भी कोने में गरीबी हो उसे समाप्त करना है। दूसरा उद्देश है की हिंसा समाप्त करना है। तीसरा  उद्देश्य है जल वायु प्रदूषण की समस्या को हल करना है, चौथा उद्देश है कि दुनिया में असमानता खत्म करना । इसी प्रकार के मुख्य चार उद्देश्य को  लेकर 50 लोग यात्रा  के दौरान पैदल चल रहे है।  इस यात्रा को 50 लाख लोग देख रहे हैं ।जो एक माहौल बना रहे है। राजाजी ने कहा कि दुनिया आज जिन समस्याओं को लेकर परेशान हैं ।गांधीजी के विचार एवं उनके आदर्शों से  इन सभी समस्या का समाधान संभव है। इस यात्रा का उद्देश्य यही ।यूएन सहित दुनिया भर को आज के दिखावटी विकास की जगह अहिंसा एवं शांति की जरूरत  है।

 70 के दशक में चंबल के डाकू समर्पण के कार्य से जुड़े रहे राजाजी ने बताया कि डाकूयो के समर्पण के बाद उन्हें मुख्यधारा में लाने के लिये मुंगाबली में खुली जेल  के दौरान उनका अशोकनगर आना जाना होता रहा है।अशोकनगर में अपनी यात्राओं के पड़ाव को बहुत शानदार बताते हुये श्री राजगोपाल ने बताया कि इस जिले में काम करने की अपार संभावनाएं है।उन्होंने विधायक जजपाल सिंह जज्जी के साथ युवाओं की टीम के द्वारा किये जा रहे समाजिक क्षेत्र के कार्यो की सराहना की।