भारत की पहली महिला शिक्षिका सावित्री बाई फुले जयंती पर मातृ गोष्ठी का आयोजन

सरस्वती शिशु मंदिर के प्राचार्य मुकुट विहारी शर्मा ने बताया कि 1931 में पैदा होकर करीब डेढ़ सौ वर्ष पहले भारत में महिला शिक्षा एवं महिलाओं के अधिकारों के लिए आजन्म काम करने वाली देश की पहली मानद महिला शिक्षिका एवं समाजसेविका सावित्री बाई फुले के द्वारा बताए गए आदर्शो को समाज मे प्रतिष्ठ करने के लिये यह मातृ गोष्ठी कार्यक्रम का आयोजन किया गया था।

अशोकनगर, हितेंद्र बुधोलिया| भारत की पहली महिला शिक्षिका एवं समाजसेवी सावित्रीबाई फुले की जयंती के अवसर पर आज सरस्वतीपुरम के सरस्वती शिशु मंदिर में मातृ गोष्टी कार्यक्रम का आयोजन किया गया ।जिनमे शहर में काम अलग अलग क्षेत्रो में उत्कृष्ठ कार्य करने बाली महिला समाजसेवियों का सम्मान किया गया, साथ ही कोरोना काल के दौरान ऑनलाइन पठाई के लिये घरों में अपने बच्चो की पढ़ाई में मदद के माता बहिनों के लिये प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया।

गोष्ठी में मुख्यवक्ता के रूप में प्रसिद्ध लेखिका कु अंकिता जैन मौजूद रही। कार्यक्रम की अध्यक्षता हस्तरेखा विशेषक एवं समाजसेविका श्रीमती वंदना शर्मा ने की।गोष्ठी में बृन्दावन की कथा वाचक साध्वी सुरेखा वशिष्ट, गायत्री परिवार की सक्रिय सदस्य श्रीमती पूनम गुलाटी,भारतीय शिक्षण मंडल की संयोजिका डॉ दीपा रस्तोगी,समाजसेविका कल्पना बिजोले विशेष रूप से उपस्थित रही।

सरस्वती शिशु मंदिर के प्राचार्य मुकुट विहारी शर्मा ने बताया कि 1931 में पैदा होकर करीब डेढ़ सौ वर्ष पहले भारत में महिला शिक्षा एवं महिलाओं के अधिकारों के लिए आजन्म काम करने वाली देश की पहली मानद महिला शिक्षिका एवं समाजसेविका सावित्री बाई फुले के द्वारा बताए गए आदर्शो को समाज मे प्रतिष्ठ करने के लिये यह मातृ गोष्ठी कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। श्री शर्मा ने बताया सावित्रीबाई फुले जयंती के इस आयोजन में उपस्थित सभी सक्रिय महिलाओं का विद्यालय परिवार द्वारा सम्मान किया गया ।मंच पर मौजूद मात्र शक्तियां एवं बहनों अशोकनगर शहर में महिला सशक्तिकरण एवं महिला शिक्षा का बड़ा उदाहरण है और उनको इस जयंती के अवसर पर विद्यालय परिवार ने सम्मानित किया ।

इस कार्यक्रम में विद्यालय में पढ़ने वाली बच्चों की मात्र अभिभावकों को भी आमंत्रित किया गया था जिन्हें घर में बैठकर बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई में मदद करने विषयक प्रशिक्षण भी दिया गया