कमीशनखोरी का खुला खेल, तीन एक्सरे मशीनों के बाद भी बाहर भेजे जाते हैं मरीज

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अशोकनगर |जिला चिकित्सालय में डॉक्टरों की कमीशनखोरी एवं असंवेदनशीलता का एक मामला सामने आया है।जिला अस्पताल में तीन एक्सरे मशीन होने के बावजूद एक गरीब महिला को यहां के अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉक्टर ने बाजार में एक्सरे कराने के लिये भेज दिया। महिला शिवरानी का दिव्यांग पति स्ट्रेचर पर महिला को  भरी दोपहरी में एक्सरे कराने ले  गया ।वापिस आते समय मरीज को राह चलते लोगो की मदद से रेलवे ट्रेक पार करा कर अस्पताल लाया गया।

सागर निवासी महिला शिवरानी धानुक को कमर में चोट लगने के बाद जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था। यहाँ उसका एक्सरे कराया गया।हड्डी रोग विशेषज्ञ ड़ॉ राजकुमार जैतवार ने एक्सरे को धुंधला बता कर मरीज के परिजनों को बाजार की एक पैथोलॉजी का पर्चा पकड़ा कर एक्सरे कराने के लिये कह दिया।महिला के पति गजराज घानुक को जब कोई साधन नही मिला तो अस्पताल का स्ट्रेचर पर ही अपनी पत्नी को ले कर दिशा पैथोलॉजी पहुचा।भरी दोहपरी में ओवरब्रिज पार कर सड़क पर स्ट्रेचर धकेलता हुआ एक्सरे कराने पहुच।अस्पताल में निःशुल्क होने बाले एक काम के लिये उसे 600 रुपये देने पड़े।इसके बाद वापिसी में ओवरब्रिज की चढ़ाई से बचने के लिये इस बुजुर्ग दिव्यांग को रेलवे पटरी से ही स्ट्रेचर को पार करना पड़ा।

    इस पूरे मामले में सिबिल सर्जन  डॉ एस एस छारी का कहना है कि  अस्पताल में तीन एक्सरे मशीन है। अगर एक्सरे धुंधला आया था तो डॉक्टर को दोबारा एक्सरे कराना था।इस पूरी घटना ने निजी पैथोलॉजियो से जिला अस्पताल के डॉक्टरों की कमीशनखोरी को उजागर कर दिया है।

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