कथा समापन पर श्रीकृष्ण रूक्मिणी संग राज्यमंत्री ने जमकर खेली फूलों की होली

मुंगावली, स्वदेश शर्मा। संकट मोचन समिति द्वारा लगातार ग्यारह वर्षों से आयोजित की जा रही संगीतम श्रीमद्भागवत कथा का फूलों की होली के साथ समापन हो गया। इस अवसर पर मध्यप्रदेश सरकार के राज्यमंत्री ब्रजेन्द्र सिंह यादव ने श्रीकृष्ण और रुक्मणी के साथ जमकर फूलों की होली खेली।

परिसर में मौजूद सैकड़ों महिलाओं-पुरुषों ने भी जमकर फूलों की होली खेली। साथ ही श्रीकृष्ण और रुक्मणी ने श्रद्धालुओं के बीच पहुँचकर उनके साथ फूलों की होली खेली और होली के गीतों पर भी श्रद्धालुओं द्वारा जमकर नृत्य भी किया गया। ऐसा लग रहा था कि बूढ़े बालाजी प्रांगण ब्रज धाम मैं तब्दील हो गया हो। कथा के अंतिम दिन भागवत गीता पर प्रकाश डालते हुए व्यासपीठ से कनक बिहारी जी ने श्रीकृष्ण रुकमणी के विवाह का वर्णन करते हुए कहा कि कुछ लोग रासलीला के विषय में गलत बोलते है। उन्होंने बताया कि भगवान कृष्ण के सोलह हजार एक सौ आठ विवाह हुये। भगवान ने नरलासुर के कारागार में बंदी राजकुमारियों के सम्मान की रक्षा के लिए उनसे विवाह किया। व्यासजी ने बताया कि वास्तव उपासना और कर्मकांड के सभी मंत्र वेदों की स्त्री रूप में भगवान के साथ ही है।

उन्होंने कथा में आगे बताया कि महाभारत के युद्ध के उपरांत बर्बरीक से पूछा गया कि युध्द किसके मध्य हुआ तो उन्होंने बताया कि वास्तव में भगवान के सुदर्शन चक्र ने ही सब का संहार किया। अर्थात वास्तविक कर्ता तो स्वयं श्रीभगवान ही है। इसके उपरांत जसासंघ वध की कथा श्रीव्यास जी द्वारा सुनाई गई। शुशुपाल दंतवक्र के वध की कथा भी व्यास जी ने सुनाई इसके उपरांत सुदामा चरित्र का मार्मिक प्रसंग सुनते हुए बताया गया कि त्रेतायुग मे भगवान ने केवट द्वारा उतराई नही ली तब द्वापर में वही केवट सुदामा जी के रूप में अवतरित हुआ तो भगवान ने द्वारका के रास्ते में नागरिक बनकर उन्हें नदी पार करा कर किरण उतारा गया प्रेम किरण को भगवान कभी नहीं भूलती इसके उपरांत समिति द्वारा 10 कुंटल पूर्व प्रति वर्ष के अनुसार देव होली का आयोजन किया गया श्री व्यास जी के सुंदर भजनों पर समस्त नर-नारी भाव भाव विभोर होकर नृत्य करने लगे अंत में समिति के मनोज शर्मा कल्लन द्वारा आभार व्यक्त किया गया। इस अवसर पर राज्यमंत्री ब्रजेन्द्र सिंह यादव के साथ भाजपा मंडल अध्यक्ष नरेश ग्वाल भी उपस्थित रहे।

एक गरीब कन्या का कराएंगे विवाह
कथा स्थल से संकट मोचन समिति द्वारा एक निर्णय लिया गया कि प्रत्येक वर्ष कृष्ण रुकमणी विवाह के अवसर पर एक गरीब जोड़े का विवाह सम्पन्न कराया जाएगा। इसकी घोषणा करते हुये मनोज शर्मा कल्लन ने बताया कि ऐसी बच्ची का चयन किया जाएगा जिसके मां या पिता नहीं है और उनके विवाह में कठिनाई आ रही हो।