जब रावण ने दिये सफाई के आदेश

अशोकनगर| रावण का दरबार सजा था  लंका दहन  के प्रसंग के बाद रावण का दरबार लगा था।लंका की दुर्दशा पर  बात करने की वजह अचानक रावण का अपने मूल स्वभाव को छोड़कर लंका में गंदगी साफ करने का आदेश देने लगा।रावण का यह रूप देख कर ना केवल रामलीला के मंच पर मौजूद रावण दरबार के कलाकार बल्कि रामलीला देखने आये लोग भी सकते में आ गये।साथ ही स्वच्छता के लिये रावण का यह संदेश लोगो को खूब पसंद आया।

अशोकनगर में अंबेडकर भवन के पास श्री राम सिध्द कला मंडल द्वारा रामलीला का मंचन चल रहा है।गुरुवार को  रात में रामलीला में लंका दहन के बाद रावण का दरबार दृश्य देखने लोग बैठे थे।  अचानक रावण ने अपने दरबार में बैठे मंत्री और अन्य लंका वासियों को कहा कि लंका के अंदर कहीं भी गंदगी नहीं होना चाहिए। इसके बाद उन्होंने रामलीला पंडाल में बैठे सभी श्रोताओं को सिंहासन पर बैठकर स्वच्छता के लिए आदेशित किया।  लंकेश का पाठ कर रहे अनिल शर्मा ने अचानक अपने दरबार में लंका वासियों को लंका के अंदर गंदगी न करने की नसीहत देते हुए गंदगी करने वालों पर कार्रवाई के आदेश दिए। इसके बाद उन्होंने पंडाल में बैठे श्रोताओं को भी अंगुली दिखकर आदेशित किया कि यहां उपस्थित सभी माता-बहनें ध्यान रखें कि गंदगी से न केवल घर की लक्ष्मी जाती है बल्कि कई रोग भी शरीर को लगते हैं। इसलिए सफाई की जिम्मेदारी नगर पालिका के साथ हमारी भी बनती है। उन्होंने कहा कि हमारा शहर स्वच्छता सर्वेक्षण में नंबर एक पर आए इसके लिए आज से ही हमें कचरा सिर्फ कचरादान में फैंकना है। इसके अलावा उन्होंने सूखा और गीला कचरा अलग से सहजने की जानकारी भी मंच से दी।