MP के इस क्षेत्र में सबसे बड़ा थर्मल पावर स्टेशन होने के बावजूद अंधेरे में जीने को मजबूर ये आदिवासी गांव

उमरिया जिले के 8 गांव में विद्युत व्यवस्था न होने के कारण आदिवासी बैगा परिवार अंधेरे में अपना जीवन व्यतीत करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों को कहना है कि आजादी के 75 वर्ष बीतने के बाद भी इन आदिवासी परिवारों की सुध लेने वाला कोई नहीं है।

उमरिया, बृजेश श्रीवास्तव। जहां पूरे देश में कल स्वतंत्रता दिवस के साथ अमृत महोत्सव मनाया गया। वहीं मध्यप्रदेश कैबिनेट के मंत्री मीना सिंह के मानपुर विधानसभा क्षेत्र के 8 गांव में विद्युत व्यवस्था न होने के कारण आदिवासी बैगा परिवार अंधेंरे मे अपना जीवन व्यतीत करने को मजबूर है। यहां के युवा छात्र कलेक्टर बनने की ख्वाहिश रखते हैं लेकिन यहां उतनी व्यवस्थाएं नहीं हैं। हम आपको बता दें कि इसी जिले में मध्यप्रदेश का सबसे बड़ा थर्मल पावर स्टेशन है और यहीं बिजली बाहर के प्रदेशों मे भेजने के लिए हाई टावर की लाईन इन्हीं गांवों से गुजरती है। लेकिन फिर भी कह सकते हैं यहां दिया तले अंधेरा है।

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मामला उमरिया जिले के मानपुर विधानसभा एवं आदिवासी ब्लॉक पाली के गांवों का है जहां पर आजादी के 75 वर्ष बीतने के बाद भी आज तक यहां बिजली के खंबे नहीं पहुंचे हैं। यहां सर्वाधिक बैगा जनजाति के लोग निवास करते हैं। यहां के छात्र पढाई करके कलेक्टर बनने की चाहत रखतें हैं। वही़ युवाओं की शादियां नहीं होती हैं, लोग अपनी बेटियों को ब्याहने मे शर्म महसूस करते हैं। तो वहीं सरकार के नुमाईदें अभी भी अव्यवस्थित हैं। मामले पर जिले के प्रभारी मंत्री ने आश्वासन दिया है कि समस्या का जल्द से जल्द निवारण किया जायेगा।

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ग्रामीणों को कहना है कि आजादी के 75 वर्ष बीत गये लेकिन इन आदिवासी परिवारों की सुध लेने वाला कोई नहीं है। कांग्रेस ने राजीव गाँधी विद्युतीकरण के माध्यम से बिजली गांव-गांव तक पहुंचाने की बात कही थी, तो भाजपा ने अटल ज्योति योजना बनाई लेकिन सफलता किसी को नहीं मिली। सरकारें आई और गई पर इनके हाथ हार ही लगी। इस मामले में सरकारी अमले ने भी किसी को नही छोड़ा है। आदिवासी जिला कलेक्टर को ज्ञापन देकर चले गये मगर ज्ञापन फाईलों मे दफन हो गये।