बालाघाट: हेडमास्टर से ही नहीं सुलझा गणित का सवाल, क्या होगा बच्चों के भविष्य का हाल

बालाघाट से हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां हेडमास्टर ही गणित का सवाल नहीं सुलझा पाई।

बालाघाट, डेस्क रिपोर्ट। शिक्षक का काम होता है विद्यार्थियों के जीवन में शिक्षा के जरिए रोशनी लाना। लेकिन क्या हो जब शिक्षक खुद ही गणित के सवालों में उलझ कर रह जाए। ऐसा ही हैरान कर देने वाला मामला बालाघाट (Balaghat) के एक प्राइमरी स्कूल से सामने आया है। यहां पर स्कूल की हेड मास्टर को गणित का सवाल सुलझाने में उलझते हुए देखा गया। बालाघाट कलेक्टर गिरीश कुमार मिश्रा स्कूल का निरीक्षण करने के लिए गए थे। यहां पर बच्चों को परखने के लिए उन्होंने एक सवाल हल करने के लिए दिया। बच्चे सवाल हल नहीं कर पाए तो कलेक्टर ने हेड मास्टर से इसे हल करने को कहा। उसने तीन बार कोशिश की लेकिन सही जवाब नहीं आ पाया।
इसे देखते हुए कलेक्टर ने तुरंत ही हेड मास्टर की वेतन वृद्धि को रोकने और प्रभार वापस लेने के निर्देश जारी कर दिए।

पूरा मामला बिरसा विकासखंड के शासकीय प्राथमिक शाला मोहगांव का है। कलेक्टर डॉ गिरीश कुमार यहां पर निरीक्षण के लिए पहुंचे थे और उन्होंने मौजूद बच्चों को 441 को 4 से भाग देने के लिए कहा था। बच्चे सवाल हल नहीं कर सके, जिस पर शिक्षक और हेडमास्टर सोना धुर्वे ने कलेक्टर को बताया कि 2 साल लॉकडाउन की वजह से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई है, उन्हें फिलहाल सिखाया जा रहा है।

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यह सुनकर कलेक्टर ने हेडमास्टर को सवाल हल करने के लिए कहा। हेडमास्टर ने सवाल हल तो किया लेकिन सही जवाब नहीं दे पाई। तीन बार उन्होंने एक ही सवाल को हल किया लेकिन जवाब नहीं आया। इसके बाद जब कलेक्टर ने उनसे यह पूछा कि भाग देने के बाद यह कैसे पता किया जाएगा कि जवाब सही आया है या नहीं। इसका जवाब भी हेड मास्टर के पास नहीं था। यह सब देखकर कलेक्टर नाराज हुए और उन्होंने सख्त कदम उठाया।

बिरसा विकासखंड के अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला में 98 बच्चे पढ़ाई करते हैं। इन बच्चों को पढ़ाने के लिए यहां पर 4 शिक्षकों को पदस्थ किया गया है। बच्चों की कम संख्या और 4 शिक्षकों को पदस्थ करने के बाद भी यहां बच्चों की शिक्षा का जो स्तर है, वह काफी चिंताजनक है। जिसे देखते हुए कलेक्टर ने नाराजगी जताई है।