जिले में एक ही दिन में आये 36 मरीज, संक्रमित मरीजों का आंकड़ा बढ़कर पहुंचा 337

बालाघाट, सुनील कोरे| जिले में अब तक के कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलने का सबसे बड़ा आंकड़ा 3 सितंबर को सामने आया। एक ही दिन में 36 नये कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले है। जिनको मिलाकर जिले में कोरोना संक्रमित मरीजों का आंकड़ा 337 हो गया है। संक्रमित मरीजों के साथ ही जिले में एक्टिव मरीजों की संख्या भी बढ़कर 82 पहुंच गई है। जिले में बढ़ते कोरोना संक्रमण के मामले ने लोगों को चितिंत कर दिया है। भले ही प्रशासन इस बात को स्वीकार न करें लेकिन जिले में कोरोना पॉजिटिव मरीजों के संपर्क में आने से मिल रहे नये मरीजों को लेकर सामुदायिक स्तर पर कोरोना संक्रमण फैलने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।

3 सितंबर को एक ही दिन में सामने आये 36 नयो मरीजों को उपचार के लिए आईटीआई के पीछे बूढ़ी बालाघाट में बनाए गए कोविड अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि 3 सितंबर को देर रात में प्राप्त रिपोर्ट में बालाघाट जिले के 36 मरीजों के सैंपल कोरोना पॉजिटिव पाये गये है। इन सभी मरीजों की कांटेक्ट एवं ट्रेवल हिस्ट्री का पता किया जा रहा है।

इस प्रकार बालाघाट जिले में अब तक कुल 337 मरीज कोरोना पॉजिटिव पाए जा चुके हैं। इनमें से 250 मरीज शासन के प्रोटोकॉल के अनुसार ठीक होकर अपने घर जा चुके हैं। 82 मरीजों का कोविड अस्पताल बूढ़ी में उपचार किया जा रहा है। 4 मरीजों को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज छिंदवाड़ा रेफर किया गया है और एक मरीज की मृत्यु हो चुकी है।
गोंदिया में पॉजिटिव बताई गई युवती ने अस्पताल में तोड़ा दम, परिजन ने किया अंतिम संस्कार
बालाघाट नगरीय क्षेत्र के सिंधी मोहल्ले स्थित एक युवती को बीते दिवस स्वास्थ्य की समस्या के बाद ईलाज के लिए गोंदिया ले जाया गया था। जहां निजी चिकित्सालय में किये गये उपचार के पूर्व किये गये कोविड टेस्ट में उसे कोविड पॉजिटिव बताया गया। जिसके बाद परिजन उसे लेकर बालाघाट अपने घर आ गये थे। जहां रात में फिर उसकी तबियत बिगड़ने पर उसे जिला चिकित्सालय ले जाया गया था। जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। जिसके बाद उसके शव को चिकित्सालय के मर्चुरी मंे रखा गया था। जिसके निधन के बाद कोविड-19 के प्रोटोकॉल के तहत उसे अस्पताल से वाहन में मोक्षधाम ले जाया गया लेकिन यहां लापरवाही देखने को मिली। जिसके शव को परिजन द्वारा अग्नि दी गई। हालांकि इसके बाद स्वास्थ्य अमले ने परिजन को क्वारेंटाईन करने के साथ ही उस क्षेत्र को सील कर दिया है, लेकिन इस युवती की कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट को लेकर चिकित्सक, रिपोर्ट नहीं मिलने की बात कर रहे है। दूसरी ओर मोक्षधाम में कोरोना पॉजिटिव मरीज को जलाये जाने के बाद क्षेत्रीय लोगों ने आपत्ति ली है। मोक्षधाम के पास निवासरत महिला नेत्री सरिता बिसेन ने कहा कि सामान्य मौत में मोक्षधाम में अंतिम संस्कार को लेकर मनाही नहीं है लेकिन कोरोना मरीज की मौत का अंतिम संस्कार भी यदि मोक्षधाम में किया जा रहा है तो यह चिंतनीय है, चूंकि जिस रास्ते से कोरोना मरीज के मृत देह को लाया गया, उसी रास्ते मंे सार्वजनिक नल है, जहां क्षेत्र के लोग पानी भरने जाते है। उन्होंने कहा कि मोक्षधाम के पास निवासरत लोगों को देखते हुए कोरोना मरीज का अन्यत्र अंतिम संस्कार किया जायें, ताकि आसपास के रहने वाले लोगों को चिंता न हो।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here