बैगा बाहुल्य इलाकें में 5 लोगों की मौत, सर्व आदिवासी समाज का आरोप डायरिया से गई इनकी जान

बालाघाट, सुनील कोरे। कान्हा के बफरजोन अंतर्गत आने वाले समनापुर के बैगा ग्राम जगराहटोला में विगत 10-15 दिनों से फैले डायरिया बीमारी में उल्टी, दस्त से 5 लोगों की मौत होने और संरक्षित बैगा बाहुल्य जाति के लोगों के ईलाज में को-ताही बरतने को लेकर मध्यप्रदेश सर्व आदिवासी समाज जिलाध्यक्ष इंजीनियर भुवनसिंह कोर्राम के नेतृत्व में कलेक्टर के नाम अपर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने ग्राम में डायरिया बीमारी के फैलने से इंकार किया है, बीएमओ सुनीलसिंह ने 5 लोगों की मौत की बात स्वीकार करते हुए कहा कि सभी की मौत का कारण अलग-अलग है, जहां दो बुजुर्ग की अन्य बीमारी से मौत हुई है। वहीं दो लोगों की दूषित खाद्य पदार्थ खाने से और एक की मौत का कारण अज्ञात है।

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आरोप है की  जगराहटोला में डायरिया बीमारी से विगत 10-15 दिनो में 5 लोगों की मौत होने के बावजूद उन्हें स्वास्थ्य उपयोगी सुविधायें नहीं दिये की बात कहते हुए सर्व आदिवासी समाज ने ज्ञापन सौंपा। जिलाध्यक्ष भुवनसिंह कोर्राम ने बताया कि जगराहटोला में संरक्षित बैगा जाति के 5 लोगों की मौत, डायरिया से प्रभावित होने के बाद उपचार नहीं मिलने से हुई है। उन्होंने कहा कि संरक्षित बैगा जाति जो सरकार द्वारा दी जाने वाली मूलभूत सुविधायें एवं संरक्षण नीति के क्रियान्वयन में लापरवाही के कारण बैगा आदिवासी क्षेत्र में निवासरत बैगा दहशत भरे जीवन जीने मजबूर है। जहां स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, पानी, सड़क, रोजगार और नक्सली जैसी समस्या मुंह फाड़े खड़ी है। हमारी मांग है कि भारत सरकार द्वारा घोषित विशेष संरक्षित जाति के दर्जा प्राप्त बैगा आदिवासियों को जीवन उपयोगी मूलभूत सुविधाओं केा जल्द से जल्द उपलब्ध कराने संबंधित विभागों को आदेशित किया जायें, ताकि बैगा आदिवासियों को समस्याओं से निजात मिल सके। इस दौरान पीतमसिंह उईके, जयसिंह कुंभरे, एस.आर. धुर्वे, बी.एल. मड़ावी, एल.पी. धुर्वे सहित अन्य मौजूद थे।

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इस मामले में बीएमओ सुनीलसिंह का कहना है कि गांव में डायरिया जैसी बीमारी नहीं है, जानकारी के बाद लगातार तीन दिनों से टीम वहां पहुंचाई गई है, लेकिन डायरिया से पीड़ित ऐसा कोई नहीं मिला है। जिन पांच लोगों के मौत की बात कही जा रही है, उसमें कोई भी उपचार करवाने अस्पताल नहीं आया है। दो 90 प्लस बुजुर्ग की मौत अन्य बीमारी से हुई है, जबकि दो लोगों की मौत दूषित भोजन खाने से हुई है। इन सभी ने गांव के झोलाछाप डॉक्टर से ईलाज कराया था। जबकि फुटबॉल खेलकर आने पर खाना खाने के बाद एक की मौत हुई है, जिसकी मौत का कारण अज्ञात है। उन्होंने बताया कि लगातार ग्राम में नजर रखी जा रही है, लेकिन डायरिया से संबंधित कोई मरीज सामने नहीं आया है।