लॉकडाउन में जमाखोरी करने वालों पर कार्रवाई, बालाघाट में 25 क्विंटल पीडीएस चावल बरामद

बालाघाट/सुनील कोरे

जिले में कोरोना वायरस कोविड-19 के संक्रमण से बचाव को लेकर किये गये लॉक डाउन के दौरान काम धंधे बंद होने से दिहाड़ी मजदूर और गरीब परिवारों को भोजन की समस्या न हो, इसलिए उन्हें पीडीएस के माध्यम से राशन देने का काम किया जा रहा है। लेकिन देखने में आ रहा है कि गरीबों की थाली तक पहुंचने वाले यह अनाज, दलालों और कालाबाजारी करने वालों के पास पहुंच रहा है। जहां हितग्राही अपने कोटे का राशन बेचने में लगे है तो वहीं सीधे राशन दुकान या फिर पीडीएस का सप्लाई करने वाले वाहनों के माध्यम से दलालों तक पहुंचाया जा रहा है। जिसकी शिकायतों के बाद कलेक्टर दीपक आर्य और पुलिस अधीक्षक अभिषेक तिवारी के मार्गदर्शन में राजस्व, खाद्य और पुलिस विभाग द्वारा संयुक्त रूप से छापामार कार्रवाई की जा रही है।

इसी कड़ी में गुरूवार को राजस्व, खाद्य और पुलिस विभाग की संयुक्त छापामार कार्यवाही में हिरापुर रोड पर मुंडीमाई में स्थित गायत्री राईस मिल से 25 क्विंटल पीडीएस का चावल बोरी पैक बरामद किया गया है। जिसे प्रशासन की टीम ने पंचनामा कार्यवाही के बाद बरामद कर उसे खाद्यान्न बैंक में जमा करा दिया है। वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में गठित राजस्व, खाद्य एवं पुलिस की टीम राईस मिलर्स में पहुंचने वाले धान और चावल की जांच कर रही है, इसी के चलते बालाघाट तहसीलदार रामबाबू देवांगन, सहायक नागरिक आपूर्ति अधिकारी  यादव, कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी सुनील किरार और भरवेली थाना प्रभारी राजेन्द्र नरवरिया, पुलिस बल के साथ हिरापुर रोड पर मुंडीमाई में संचालित गायत्री राईस मिल पहुंचे थे। जहां राईस मिल के अंदर जांच के दौरान प्रशासनिक टीम को चावल की बोरियों में दबाकर रखा गया पीडीएस का चावल बोरी पैक दिखाई दिया। जिसे प्रशासनिक अमले ने राईस मिल के मजदूरों से बाहर निकला। जिसके बारे में पूछने पर मिल संचालक हितेश अग्रवाल ने बताया कि उसने यह चावल खरीदा है लेकिन किससे खरीदा, इसकी जानकारी उसने नहीं दी। इसके बाद प्रशासनिक टीम ने राईस मिल से 25 क्विंटल पीडीएस का चावल मिलने पर पंचनामा कार्यवाही कर उसे जब्त करने के बाद उसे खाद्यान्न बैंक भिजवा दिया है, वहीं राईस मिल को सील कर दिया है।

गायत्री राईस मिल में मिले पीडीएस के चांवल की बोरियां सील पैक थी। जिसमें पर्ची भी लगी थी। जिससे साफ है कि पीडीएस के चावल की इन बोरियों को हितग्राही ने नहीं बेचा है, तो फिर राईस मिल संचालक ने पीडीएस के चांवल की बोरियां किससे खरीदी? सूत्रों की मानें तो कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव को लेकर किये गये लॉक डाउन के दौरान गरीबों के लिए आये अनाज की कालाबाजारी की जा रही है। जिसमें सोसायटी और परिवहनकर्ताओं की भी मिलीभगत से इंकार नहीं किया जा सकता। बहरहाल जांच के बाद ही यह साफ हो पायेगा कि बोरियों कहां से और कैसे राईस मिल तक पहुंची। आपूर्ति विभाग गायत्री राईस मिल के संचालक हितेश अग्रवाल के खिलाफ पीडीएस का चावल खरीदने की जांच उपरांत मामला कलेक्टर न्यायालय में पेश करेगा जहां से ही मामले में राईस मिल संचालक पर कार्रवाई की जायेगी।

गौरतलब हो कि विगत 15 अप्रैल को ही बालाघाट प्रशासनिक अमने बैहर चौकी रेलवे क्रांर्सिंग के पास राजु छाबड़ा की किराना दुकान को गरीबों को दिये जाने वाले पीडीएस के चांवल को खरीदने के मामले में सील किया था, वहीं शाम को कोसमी स्थित प्रकाश दमाहे के घर से भी लगभग 10 क्विंटल पीडीएस का चांवल बरामद किया था। बालाघाट में पीडीएस के चांवल की हो रही दलाली और कालाबाजारी पर की जा रही प्रशासनिक कार्यवाही से इसमें लिप्त लोगो में हड़कंप का माहौल है।