प्रदेश में आयुुर्वेद ने कोरोना को रोकने का काम किया है-रामकिशोर कावरे

बालाघाट। सुनील कोरे| प्रदेश में सत्ता के तख्तापलट के बाद सत्ता में आई भाजपा के शिवराजसिंह चौहान की सरकार में आयुष और जलसंसाधन विभाग के राज्यमंत्री बनाये गये रामकिशोर कावरे ने कहा कि कोरोना कॉल में देश की सबसे पुरानी संस्कृति आयुर्वेद पर लोगों का विश्वास जागा है। जहां अब तक कोरोना जैसी वैश्विक महामारी को रोकने में आज तक कोई ऐलोपैथिक दवा नहीं बनी है वहीं इससे लड़ने में आयुर्वेद के त्रिकुट चूर्ण काढ़े ने लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाकर प्रदेश में कोरोना को बढ़ने से रोकने का काम किया है। आयुष के माध्यम से प्रदेश में हमने कोरोना को काबु किया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत और मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान के आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश बनाने के संकल्प में आयुष विभाग अपनी क्या भूमिका अदा कर सकता है, इसका चिंतन किया जायेगा। प्रदेश में आयुर्वेद के जानकार वैध और आयुर्वेद से जुड़े लोगो का चिन्हित कर आयुर्वेद को एक नई पहचान देने का काम किया जायेगा।
राज्यमंत्री श्री कावरे ने कहा कि आयुर्वेदिक औषधियों से युवा बेरोजगारों को जोड़कर रोजगार दिया जायेगा। प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री बनाये गये रामकिशोर कावरे आज 16 जून को राज्यमंत्री बनने के बाद पहली बार बालाघाट पहुंचे थे। जिनका जिले में भाजपा और उनके चाहने वालों ने आत्मीय अभिनंदन किया। बालाघाट पहुंचने के बाद एक से सवा घंटे विलंब से पत्रकारों से मुलाकात के दौरान उन्हें लेट आने की वजह को साफ करते हुए पत्रकारों से क्षमा भी मांगी।
सर्किट हाउस में आयोजित प्रेसवार्ता में राज्यमंत्री रामकिशोर कावरे के अलावा पूर्व मंत्री गौरीशंकर बिसेन, सांसद डॉ. ढालसिंह बिसेन, भाजपा महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती लता एलकर, भाजपा अध्यक्ष रमेश भटेरे, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष रमेश रंगलानी सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।
प्रेस से चर्चा करते हुए राज्यमंत्री रामकिशोर कावरे ने प्रेस के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि आयुष विभाग, आयुष चिकित्सकों की भी चिंता कर रहा है। उनके लिए बनाई गई नीतियों का अवलोकन कर क्या किया जा सकता है, इस पर विचार किया जायेगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान, प्रदेश में कोरोना बीमारी को काफी चितिंत है, प्रतिदिन कोरोना बीमारी को लेकर वह आला अधिकारियों से बैठक ले रहे है। वहीं प्रदेश में आयुष के माध्यम से प्रदेश में कोरोना को रोकने का काम किया गया है। कोरोना बीमारी में प्रदेश का रिकवरी रेट आगे है और हम प्रेस के माध्यम से भी यह संदेश देना चाहते है कि प्रदेश की जनता कोरोना महामारी को लेकर सुरक्षित रहे और नियमों का पालन करें।
दिग्विजयसिंह सरकार के कार्यकाल के बाद प्रदेश में सिंचाई का क्षेत्र बढ़ा
राज्यमंत्री रामकिशोर कावरे ने भले ही पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजयसिंह का नाम नहीं लिया लेकिन यह जरूर कहा कि प्रदेश में 2003 के बाद आज प्रदेश में ऐरिकेशन की स्थिति में सुधार हुआ है और सिंचाई का क्षेत्र बढ़ा है। हालांकि ऐरिकेशनम में अभी और बहुत काम करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आयुष और जलसंसाधन विभाग की कमियों को ठीक करने का काम करेंगे।

जवाबदारी और जिम्मेदारी का पूरी निष्ठा के साथ करूंगा पालन
राज्यमंत्री रामकिशोर कावरे ने कहा कि बालाघाट जिले के बेटे और भाई को प्रदेश में राज्यमंत्री बनाकर जो जिम्मेदारी और जवाबदारी दी है, उसका वह पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ पालन करेंगे। उन्होंने कहा कि पूर्व मंत्री गौरीशंकर बिसेन, सांसद डॉ. ढालसिंह बिसेन और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के अनुभवों और सहयोग से बेहतर मध्यप्रदेश और बेहतर जिले बनाने का काम किया किया जायेगा। उन्होंने कहा कि जिस सोच और विचार के साथ मध्यप्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने उन्हें वैश्विक महामारी कोरोना को आयुर्वेद के माध्यम से रोकने का जवाबदारी और जिम्मेदारी दी है, उसमें किस प्रकार हम आयुर्वेद के माध्यम से कोरोनो को और रोक सकेंगे, इस पर काम किया जा रहा है।

आत्मीय स्वागत के लिए किया पाटी कार्यकर्ताओं का आभार
मध्यप्रदेश सरकार के राज्यमंत्री रामकिशोर कावरे ने जिले में उनके राज्यमंत्री बनने के बाद प्रथम प्रवास पर जगह-जगह किये गये आत्मीय स्वागत के प्रति पार्टी कार्यकर्ताओं और चाहने वालों के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि बालाघाट का बेटा और भाई समझकर, मेरा जो अभिनंदन किया गया है, उससे वह अभिभूत है।