बालाघाट कलेक्टर बोले, मुझे स्ट्रॉंग रूम खुलने की जानकारी नहीं थी, बिजली गुल होने पर भड़की कांग्रेस, पूछा कहां है चुनाव आयोग?

Atul Saxena
Updated on -
MP Election 2023

MP Election 2023 : बालाघाट जिले में स्ट्रॉंग रूम खुलने और पोस्टल बैलेट की गिनती करने के आरोपों के बाद बढ़ा प्रदेश का सियासी पारा नीचे आने की जगह ऊपर ही बढ़ रहा है, अब स्ट्रॉंग रूम की बिजली गुल होने और सीसीटीवी कैमरे बंद होने की बात सामने आई है, कांग्रेस इस पर बहुत आक्रोशित है और चुनाव आयोग से सवाल कर रही है। उधर कलेक्टर डॉ गिरीश कुमार मिश्रा का एक नया बयान सामने आया है उनका कहना है कि उन्हें स्ट्रॉंग रूम खुलने की जानकारी नहीं थी।

कलेक्टर बोले – मुझे स्ट्रॉंग खुलने की जानकारी नहीं थी 

बालाघाट के कलेक्टर डॉ गिरीश कुमार मिश्रा ने आज मीडिया से बात करते हुए कहा कि ARO यानि सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी (पोस्टल बैलेट ) ने पहले स्ट्रॉंग रूम खोला उसके बाद मुझे फोन पर जानकारी दी जो गलत है, उन्होंने कहा कि सामान्यतः सॉर्टिंग की प्रक्रिया मतगणना के एक दिन पहले की जाती है यानि ये इस बार 2 दिसंबर को होनी थी, चूँकि ARO ने राजनीतिक दलों को पहले से ही पोस्टल बैलेट सॉर्टिंग की सूचना दी थी और 3 बजे स्ट्रॉंग खुलना था लेकिन उन्होंने उसे पहले खोल दिया, मुझे इस बात की जानकारी नहीं थी कि तीन बजे के पहले स्ट्रॉंग रूम खोला गया है।

अब बिजली गुल होने और सीसीटीवी बंद होने पर भड़की कांग्रेस 

इस बीच कांग्रेस प्रत्याशी अनुभा मुंजारे ने आज मीडिया के सामने स्ट्रॉंग रूम की बिजली गायब रहने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि ये बहुत गंभीर मामला  है आधा घंटे करीब लाईट बंद रही, सीसीटीवी बंद रहे, अरे भाई आप कलेक्टर हैं जिला निर्वाचन अधिकारी है, आप चुनाव करवा रहे हैं या कोई शादी ब्याह करवा रहे हैं, किसी भी समस्या के निपटारे के लिए 24 घंटे कर्मचारी तैयार रहना चाहिए। अब ऐसा हुआ है तो ये एक साजिश है, अब कहाँ है चुनाव आयोग? क्या कोई एक्शन लेगा?

 


About Author
Atul Saxena

Atul Saxena

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं ....

Other Latest News