बालाघाट जिले में अधिक से अधिक निवेश करें उद्यमी, हम देंगें सुविधायें- सीएम शिवराज

सीएम शिवराज ने जिले में उद्यम लगाने उद्यमियों ने 4500 करोड़ रुपये के निवेश की दी सहमति है।

बालाघाट, सुनील कोरे। प्रकृति ने बालाघाट जिले (Balaghat district) को जल, खनिज एवं वन संपदा प्रचुर मात्रा में उपलब्ध कराया है। बालाघाट जिले में प्रदेश का सर्वाधिक धान पैदा होता है। इस जिले में उपलब्ध संसाधनों पर आधारित उद्योग लगाने एवं उनमें निवेश की अच्छी संभावना है। इससे यह जिला तेजी से विकास की ओर अग्रसर होगा। उद्यमी यहां पर आयें और उद्योग लगाने के लिए अधिक से अधिक राशि का निवेश करें। उद्यमियों को हम सारी सुविधायें उपलब्ध करायेंगें। यह बातें मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) ने 18 अगस्त को बालाघाट में आयोजित इन्वेस्‍टर्स मीट में उपस्थित उद्यमियों को संबोधित करते हुए कही। मुख्यमंत्री चौहान इस इन्वेटर्स मीट में वर्चुअली शामिल हुए थे।

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बालाघाट जिले में नये उद्योग लगाने एवं निवेश को प्रोत्साहित करने के मकसद से 18 अगस्त को नवेगांव-बालाघाट में स्थित लान में आयोजित इन्वेस्टर्स मीट प्रदेश शासन के औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन मंत्री राजवर्धन सिंह दत्तीगांव एवं आयुष मंत्री रामकिशोर कावरे, पूर्व कृषि मंत्री एवं वर्तमान विधायक गौरीशंकर बिसेन, सांसद डॉ. ढालसिंह बिसेन, पूर्व विधायक रमेश भटेरे, कलेक्टर दीपक आर्य, मॉयल के सीएमडी मुकुद चौधरी अन्य प्रशासनिक अधिकारी, गणमान्य अतिथि एवं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, उड़ीसा एवं पश्चिम बंगाल के उद्यमी उपस्थित थे। इस इन्वेस्टर्स मीट में उद्यमियों से जिले में निवेश को लेकर एवं उन्हें शासन से मिलने वाली सुविधाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

मुख्यमंत्री चौहान ने वर्चुअली इन्वेस्टर्स मीट में उपस्थित उद्यमियों को संबोधित करते हुए कहा कि बालाघाट जिले में प्रचुर मात्रा में बांस पाया जाता है। अब तो निजी भूमि पर भी बांस की खेती की जा रही है। यहां पर बांस से जुड़े उद्यम भी लगाये जा सकते है। बालाघाट जिले में सुगंधित एवं अच्छी गुणवत्ता का चावल भी होता है। इस जिले में राईस मिल उद्योग के लिए भी अच्छी संभावनायें है। यह जिला अब बाघ (टाईगर) के नाम से भी अपनी अलग पहचान बना रहा है। इस जिले में पर्यटन के क्षेत्र में उद्योग लगाये जा सकते है। हमारी सरकार की मंशा है कि बालाघाट जिला निरंतर आगे बढ़े और तरक्की करें। इसके लिए हमारी सरकार बालाघाट जिले में उद्योग लगाने एवं निवेश करने के इच्छुक उद्यमियों को हर संभव मदद करेगी। आज बालाघाट जिले में इन्वेस्टर्स मीट का आयोजन कर अच्छी पहल की गई है। यह इंवेस्टर्स मीट बालाघाट जिले के विकास के मामले में मील का पत्थर साबित होगी।

प्रदेश शासन के औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन मंत्री राजवर्धन सिंह दत्तीगांव ने इस अवसर पर उद्यमियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार की उद्योगों को प्रोत्साहन देने की नीति के कारण मध्यप्रदेश बीमारू राज्य की श्रेणी से बाहर आकर अब विकसित राज्य में आ गया है। प्रदेश सरकार उद्यमियों को निवेश के लिए प्रोत्साहित करने नई नीतियां बना रही है। बालाघाट जिले में उद्यमियों ने बांस, एथेनाल, मैंगनीज एवं राईस मिल उद्योग लगाने के लिए प्रस्ताव दिये है। जिले में इन उद्योगों के लगने से यहां के युवाओं को रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा कि बालाघाट में आयोजित इस इन्वेस्टर्स मीट का प्रदेश एवं देश के उद्यमियों को संदेश है कि, बालाघाट आईये और यहां पर निवेश करिये। उन्होंने बालाघाट जिले में एथेनाल उद्योग के लिए मिले प्रस्तावों पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि भोपाल में भी शीघ्र ही ऐथेनाल उद्योग के लिए प्रदेश स्तरीय इंवेस्टर्स मीट का आयोजन किया जायेगा।

मध्यप्रदेश शासन के आयुष मंत्री रामकिशोर “कावरे ने इस अवसर पर उद्यमियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज का दिन बालाघाट जिले के लिए गौरव का दिन है। प्रदेश शासन की नीतियों के तहत उद्यमियों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। इस जिले में मैंगनीज प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है। मैगनीज आधारित उद्योग लगने से यहां के युवाओं को रोजगार मिलेगा। जिले में एक उत्पाद योजना के अंतर्गत चिन्नौर की खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

सांसद डॉ. ढालसिंह बिसेन ने इस अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि बालाघाट जिले में अधोसंरचना का तेजी से विकास हो रहा है। इससे उद्यमियों को बहुत मदद मिलेगी। बालाघाट एवं तिरोड़ी में रैक पाईंट बन गया है। इससे स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्योगों के लिए लाभ होगा। विधायक गौरीशंकर बिसेन ने इस अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि जिले में उपलब्ध खनिज, वन एवं राईस पर आधारित उद्योगों के लगने से इस जिले के विकास को गति मिलेगी और यह जिला तेजी से विकास करेगा।

फैरो एलाय का हब बनेगा बालाघाट जिला
बालाघाट जिला अब फैरो एलाय का हब बनने की ओर अग्रसर हो रहा है। इन्वेस्टर्स मीट में लगभग 2200 करोड़ रुपये का निवेश फैरो एलाय उद्यम में करने के लिए उद्यमियों ने प्रस्ताव दिया है। इन उद्योगों के प्रारंभ होने पर बालाघाट जिला फैरो एलाय का सबसे बड़ा उत्पादक बन जायेगा। फैरो एलाय के लिए अमर अग्रवाल ने 133 करोड़ रुपये, रायपुर के निकेत खंडेलवाल ने 155 करोड़, रायपुर के उमंग जुनेजा ने 150 करोड़ रुपये, रायगढ़ के संदी डे ने 225 करोड़ रुपये, वर्धमान पश्चिम बंगाल के तेजपाल सिंह ने 112 करोड़ रुपये, विपिन अग्रवाल ने 110 करोड़ रुपये, संदीप गोयनका ने 112 करोड़ रुपये, अजय खंडेलवाल ने 190 करोड़ रुपये, हर्ष त्रिवेदी ने 269 करोड़ रुपये, तपन खंडेलवाल ने 111 करोड़ रुपये, शंकर केवलानी ने 100 करोड़ रुपये, पार्थ सिंघल ने 126 करोड़ रुपये, विनय कुमार राधेश्याम बाटड़ ने 105 करोड़ रुपये का उद्यम लगाने के लिए सहमति दी है। इस मीट में एथेनाल बायोफ्यूल के लिए सी.एस. तिवारी ने 800 करोड़ रुपये, अतुल वैद्य ने 212 करोड़ रुपये, आयुषी जैन ने 800 करोड़ रुपये, शुगर मिल के लिए सम्राट सिंह सरस्वार ने 125 करोड़ रुपये, केमिकल उत्पादन के लिए अंकित अग्रवाल ने 200 करोड़ रुपये, स्टील एवं उसके उत्पाद के लिए बालकृष्णा सिंह ने 120 करोड़ रुपये का उद्यम लगाने की सहमति दी है। इसके अलावा 32 अन्य उद्यमियों ने 280 करोड़ रुपये के लघु उद्यम लगाने के प्रस्ताव दिये है।

मायल के सीएमडी मुकुंद चौधरी ने फैरो एलाय उद्यम के लिए जिले में उपलब्ध मैगनीज उद्यमियों को सुगमता से प्रदाय किया जा सके, इसके लिए हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया। बालाघाट जिले के ग्राम बोड़ुन्दाकला में 305 एकड़ उद्योगों के लिए चिन्हित की गई है और शासन द्वारा यहां पर 52 एकड़ जमीन 220 केव्ही का विद्युत उपकेन्द्र बनाने के लिए आबंटित कर दी है। यहां पर विद्युत उपकेन्द्र का काम शीघ्र प्रारंभ होने जा रहा है।

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