बालाघाट में लापता Corona Positive, तलाश के बाद भी नहीं चला पता, स्वास्थ्य विभाग पर उठे सवाल

बालाघाट में कोरोना पॉजिटिव मरीज लापता के बाद स्वास्थ्य विभाग द्वारा उसे अभी तक नहीं ढूंढा गया है। जिसके बाद अब विभाग पर सवाल खड़े हो रहे है।

बालाघाट, सुनील कोरे। बालाघाट जिले (Balaghat district) में कोरोना महामारी (corona pandemic) को लेकर स्वास्थ्य विभाग कितना संवेदनशील है, इसका पता इसी से चलता है कि एक कोरोना पॉजिटिव मरीज लापता हो गया है, जिसके बारे में न तो स्वास्थ्य विभाग को पता है और नहीं स्थानीय अमले को। जिले में कोरोना महामारी को लेकर स्वास्थ्य विभाग सैंपल एकत्रित कर रहा है, हालांकि पूर्व में सैंपल के लिए स्वास्थ्य विभाग ने आधार कार्ड या फिर अन्य वैधानिक दस्तावेज अनिवार्य किया था, ताकि सैंपल जांच कराने आये शख्स की प्रमाणिकता और उसके बारे में जानकारी रख सके, लेकिन शनैः शनैः इस अनिवार्यता को स्वास्थ्य विभाग ने ही बंद कर दिया, अब बस केवल सैंपल जांच कराने आये लोगों का मोबाईल नंबर और उसके बताये अनुसार पता नोट कर रहा है, जिसका खामियाजा कोरोना पॉजिटिव ( Corona Positive) रिपोर्ट के बाद मरीज के जानकारी पता नहीं चलने के रूप में उठाना पड़ रहा है।

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मिली जानकारी अनुसार जिले में लंबे अंतराल के बाद महज एक सप्ताह से भी कम दिनों के अंतराल में दो पॉजिटिव मरीज आये है, जिससे जिले में एक बार फिर कोरोना ने दस्तक दे दी है, जानकारी अनुसार जहां पहले मरीज की कोई हिस्ट्री नहीं है, वहीं दूसरा मरीज महाराष्ट्र के पुणे से आया था, लेकिन 21 सितंबर को शहरी क्षेत्र में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र सरेखा में जिस तीसरे व्यक्ति का सैंपल लिया गया था, जिसकी रिपोर्ट 22 सितंबर को पॉजिटिव आई है, उसका पता नहीं चल पा रहा है।

बताया जाता है कि लगभग 58 वर्षीय इस अज्ञात व्यक्ति ने सैंपल की जांच कराते समय अपना नाम जयकिशन और पता कोसमी निवासी बताया था, लेकिन जब उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई तो उसका बताये गये स्थान और नाम से कोई पता नहीं चल पा रहा है। जिसको खोजने स्वास्थ्य अमले के साथ की पंचायत प्रशासनिक अमले ने भरपूर प्रयास किया लेकिन उस नाम का वहां कोई व्यक्ति नहीं मिला है। जिससे स्वास्थ्य विभाग के हाथपांव फूले हुए है कि आखिर वह मरीज कहां है? यदि वह मरीज नहीं मिलता तो वह और लोगों को संक्रमित कर जिले में कोरोना के आंकड़े को बढ़ाने में एक प्रमुख कारण बन सकता है। बहरहाल अब भी उसको लेकर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।

बताया जाता है कि यह कोई पहला मामला भी नहीं है, इससे पहले भी फोन नंबर और पता गलत होने के मामले कथित रूप से सामने आते रहे है, लेकिन रिपोर्ट निगेटिव होने से स्वास्थ्य विभाग ने उतनी गंभीरता नहीं दिखाई। वहीं कुछ जो पॉजिटिव आये थे, इससे पहले की उनकी खबर सामने आती, कड़ी मशक्कत के बाद स्वास्थ्य अमले ने उसे ढूंढ निकाला था, लेकिन कथित जयकिशन नाम का लापता व्यक्ति, कोरोना पॉजिटिव आने के बाद उसके नहीं मिलने से स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। वहीं सीएचएमओ डॉ. मनोज पांडेय ने कहा कि इस घटना से सबक लेकर अब सैंपल की जांच आधार कार्ड या वैधानिक दस्तावेज के प्रमाणीकरण के बाद ही की जायेगी।

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