बालाघाट मनी लॉन्ड्रिंग मामला : झारखंड और आंध्रप्रदेश से 7 आरोपी गिरफ्तार, 18 राज्यों की पुलिस कर रही जांच

इस मामले में दो आरोपियों का पुलिस ने रिमांड पर लिया है।

बालाघाट, सुनील कोरे। बालाघाट (Balaghat) में 20 करोड़ से ज्यादा के सायबर फ्रॉड (cyber fraud) के चलते 7 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। बालाघाट के दो आरोपियों के साथ ही झारखंड (Jharkhand) के तीन और आंधप्रदेश (Andhra Pradesh) के दो आरोपियों को बालाघाट पुलिस, ट्रांजिट रिमांड पर लेकर बालाघाट पहुंची। जहां मामले में उन्हें विधिवत गिरफ्तार किया। इसी मामले में पुलिस ने सायबर फ्राड के आरोपियों से कर की चोरी और फर्जी बिलिंग के माध्यम से मोबाइल खरीदने वाले बालाघाट और गोंदिया के 6 व्यापारियों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में पुलिस ने गिरफ्तार किये गये झारखंड के तीन आरोपी और व्यापारियों को गुरूवार 17 जून को बालाघाट न्यायालय में पेश किया। जिसमें पुलिस ने झारखंड निवासी दो लोगों को पुलिस रिमांड पर लिया है। पुलिस सायबर फ्राड के मुख्य आरोपी झारखंड प्रदेश के देवगढ़ जिले के मारकोमुंडा थाना अंतर्गत अर्जुनका निवासी 21 वर्षीय संजय मेहतो को लेकर बालाघाट के लिए रवाना हो गई है।

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आरोपी और व्यापारी गिरफ्तार, न्यायालय में किया पेश
ऑनलाइन ओटीपी (online otp) और क्रेडिट कार्ड (Credit Card) से किये गये ठगी की राशि से मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स सामान की कालाबाजारी और कर चोरी के 20 करोड़ से ज्यादा राशि के सायबर फ्राड के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों में झारखंड के जिला रांची के अरगोडा थाना अंतर्गत भट्टागढ़ निवासी 35 वर्षीय प्रभात कुमार पिता तारकेश्वर प्रसाद, हरमु पटेल चौक निवासी 21 वर्षीय सुशांत पिता संजय कुमार और झारखंड प्रदेश के जमशेदपुर खरसावा सराईकिला बड़ा गमरिया कैलाश नगर निवासी 19 वर्षीय नितिन उर्फ विकास पिता सतेन्द्रसिंह सहित सायबर फ्राड से ऑनलाइन मोबाइल और इलेक्ट्रानिक्स सामान की कर चोरी और फर्जी बिलिंग करते थे। और बालाघाट के अरिहंत मोबाईल शॉप संचालक वार्ड क्रमांक 15 गौली मोहल्ला निवासी 31 वर्षीय अनुराग पिता प्रमोद जैन, ओम मोबाईल शॉप संचालक शांति भवन के पाास वार्ड क्रमांक 18 निवासी 31 वर्षीय विनोद पिता हरिराम दात्रे, पंकज मोबाईल शॉप संचालक वार्ड क्रमांक 32 जैन बेकरी के पास नर्मदा नगर निवासी 32 वर्षीय पंकज पिता दामोदर चावला, नेहा मोबाईल शॉप संचालक वार्ड क्रमांक 17 महावीर चौक निवासी 43 वर्षीय शैलेष पिता भंवरलाल जैन, रेणुका मोबाईल शॉप संचालक वार्ड क्रमांक 27 प्रेमनगर निवासी 38 वर्षीय श्रीकांत पिता गोविंद गचके और गोंदिया के पंकज मोबाईल शॉप संचालक श्रीनगर वार्ड निवासी 32 वर्षीय पंकज पिता बीरभान चंदवानी को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। जहां से सात आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भिजवा दिया गया है।

दो आरोपियों की पुलिस ने रिमांड
सायबर फ्रॉड के मेगा नेटवर्क में 700 से ज्यादा संदेहियों और एक मेगा मामले की कड़ी दर कड़ी जोड़ने की मंशा से बालाघाट पुलिस ने 2 लोगों को रिमांड में लिया है। जिसमें हरमु पटेल चौक निवासी 21 वर्षीय सुशांत कुमार और झारखंड प्रदेश के जमशेदपुर खरसावा सराईकिला बड़ा गमरिया कैलाश नगर निवासी 19 वर्षीय नितिन उर्फ विकास शामिल है। जिनसे मामले में और पूछताछ के साथ ही मुख्य आरोपी संजय मेहतो से पूछताछ को लेकर पूछताछ में मिलने वाली जानकारी से कड़ी को जोड़ने का पुलिस प्रयास करेगी।

क्या है घटनाक्रम
बालाघाट पुलिस ने गृह मंत्रालय भारत सरकार और मध्यप्रदेश पुलिस, झारखंड पुलिस, आंध्रप्रदेश पुलिस सहित 18 स्टेट में फैले 20 करोड़ से ज्यादा राशि के बड़े सायबर फॉड का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने नेटवर्क के एक सर्किट को पकड़ा है, जबकि इस पूरे मामले में 700 लोगों के शामिल होने की आशंका है। जो देश और प्रदेश का सबसे बड़ा सायबर फ्रॉड होगा। बालाघाट पुलिस ने अभी इस मामले में बालाघाट से नेटवर्क से जुड़े किरनापुर थाना अंतर्गत रमगढ़ी निवासी 28 वर्षीय हुकुमसिंह पिता योगीराज बिसेन, बालाघाट कोतवाली थाना अंतर्गत भटेरा वार्ड क्रमांक 2 निवासी 38 वर्षीय मनोज पिता ढुंडीलाल राणा सहित पुलिस झारखंड और आंधप्रदेश के आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जिनके पास से पुलिस ने मोबाईल और क्रेडिड, डेबिड कार्ड बरामद किये है।

गौरतलब है कि ओटीपी और क्रेडिट कार्ड धोखाधड़ी के माध्यम से की गई ठगी की राशि से सायबर फ्रॉड कर रहा नेटवर्क ऑनलाईन मार्केटिंग के माध्यम से फर्जी आईडी, मोबाईल नंबर, पते पर मोबाईल सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स सामान बुलवाकर कालाबाजारी को बढ़ावा देकर उत्पाद बिक्री में कर चोरी, मनी लांड्रिग और आदतन चोरी के माल के लेनदेन में शामिल विभिन्न चरणों को चला रहे थे। यह बड़ा नेटवर्क भारत के 18 से अधिक राज्यों में चल रहा है। आर्थिक अपराधों और सायबर अपराधों के खिलाफ अंतर्राज्यीय समन्वय बनाते हुए देश की कानून प्रवर्तन एजेंसियों की मदद से इन धोखेबाजों के वित्तिय ट्रेस के साक्ष्य जुटाये गये। जिससे धोखेबाजों की धोखाधड़ी, कालाबाजारी और कर चोरी का पता चला। इस पूरे मामले में 20 करोड़ रूपये से अधिक के मनी लॉड्रिंग का पता चला है। जिसमें आगामी समय में और भी बड़े खुलासे होंगे। इस मामले में जीएसटी से लेकर आयकर विभाग और ईडी भी मामले की जांच करेगी।

इस नेटवर्क के लोगों से बालाघाट के मोबाइल व्यापारी भी जुड़े थे। जो इनके द्वारा मंगाये जाने वाले मोबाइल फोन को बेचकर चांदी काटने का काम कर रहे थे। इस मामले में बालाघाट के पकड़ाये गये दो आरोपियों से पूछताछ में मिली जानकारी के बाद शहर के पांच मोबाइल व्यापारियों के पास से पुलिस ने मोबाइल की बरामदगी भी की है। वहीं इस मामले में आरोपियों के पास से मिले रजिस्टर पर भी कई व्यापारियों से लेनदेन की जानकारी होने की बात कही जा रही है। जिससे भी कई व्यापारियों के चेहरों से नकाब उतर सकता है। हालांकि इस मामले के सामने आने और व्यापारियों के इस मामले से जुड़े लोगों से लिंक होने के बाद व्यापारियों में घबराहट भी है। वहीं मोबाइल खरीदी की विश्वसनियता पर भी सवाल खड़े हो गये है। जिले के कई मोबाइल यूजर्स का कहना है कि व्यापारियों से मोबाइल खरीदने के बाद वह ठगे तो नहीं गये है या उनके द्वारा खरीदा गया मोबाइल इस मामले से जुड़े लोगों द्वारा मंगाये गये मोबाइल तो नहीं है। जिससे खरीददारों में चिंता होने लगी है। बहरहाल अब देखना है कि पुलिस इस मामले में और क्या नये खुलासे करती है, क्योंकि इस बड़े सायबर फ्रॉड की हर कार्रवाई पर मीडिया की निगाहे है।

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