Balaghat News : जिले में डेंगू के मिले दो नए मरीज, एक नागपुर रेफर

बालाघाट, सुनील कोरे। बालाघाट (Balaghat ) जिले में कोरोना (corona) के बाद डेंगू (Dengue) ने चिंता बढ़ा दी है, जिले में कोरोना के बाद चार लोग डेंगू पॉजिटिव पाये गये है। जिसमें दो मरीजों के उपचार के बाद स्वास्थ्य होने पर उन्हें छुट्टी दे दी गई है, वहीं प्रदेश में डेंगू की रोकथाम के लिए प्रदेश सरकार द्वारा प्रारंभ किये गये “डेंगू पर प्रहार” अभियान के पहले ही दिन दो नये मरीज, डेंगू पॉजिटिव पाये गये है। जो माईग्रेट है, अर्थात हाल के दिनों में बाहर से आये थे, जिन्हें बुखार आने पर जब उनका डेंगू जांच के लिए एलाईजा टेस्ट किया गया तो वह पॉजिटिव पाये गये है। जिसमें एक व्यापारी और एक नर्सिंग की छात्रा बताई जाती है, जिसमें एक बालाघाट नगरीय क्षेत्र के गौरीशंकर नगर और दूसरी नर्सिंग छात्रा लालबर्रा की रहने वाली है। हालांकि राहत की बात यह है कि जिले में निवासरत कोई भी व्यक्ति डेंगू पॉजिटिव नहीं पाया गया है, जो भी पहले एलाईजा टेस्ट में डेंगू पाये गये थे। वे भी बाहर से आये थे और जो नये मरीज मिले है, वह भी बाहर से ही आये थे।

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सूरत और जबलपुर से आये थे दोनो
मिली जानकारी अनुसार नगरीय क्षेत्र के गौरीशंकर नगर का जो डेंगू पॉजिटिव मरीज मिला है, वह खरीदी करने सूरत गया था। जहां से वह बीमार होकर लौटा था, जब उसका बुखार कम नहीं हुआ तो उसका टेस्ट कराया गया था, जिसमें वह पॉजिटिव मिला है, जबकि लालबर्रा की नर्सिंग छात्रा, डेंगू प्रभावित जबलपुर क्षेत्र से आई थी। जिसे भी फीवर होने पर उसका टेस्ट कराया गया तो वह भी डेंगू पॉजिटिव पाई गई। चूंकि छात्रा के प्लेटलेट्स कम होने पर उसे परिजन बेहतर उपचार के लिए नागपुर लेकर गये है।

फीवर आने पर अनदेखा न करें, कराये जांच
जिला मलेरिया अधिकारी मनीषा जुनेजा ने बताया कि सामान्यतः डेंगू बीमारी के लक्षण 6-7 दिनों में दिखाई देने लगते है, कुछ लोगों में कुछ देरी से भी दिखाई देते है। जब फीवर आना शुरू होता है तो हम उसे सामान्य बुखार समझकर अनदेखी करते है और दवायें लेते है, लेकिन जब बुखार की दवा पैरासिटामॉल लेते समय में भी बुखार नहीं उतर रहा है तो हमें समझ जाना चाहिये कि यह डेंगू का बुखार है, जिसकी बिना अनदेखी कर टेस्ट कराये और अपना ईलाज करायें। उन्होंने कहा कि सरकार ने डेंगू से प्रहार अभियान का 15 सितंबर से प्रारंभ किया है, जिसके तहत आम लोग डेंगू को लेकर सतर्कता बरते और पानी की टंकी को साफ और ढांक कर रखना है। कहीं भी पानी जमा नहीं होने देना है। क्योंकि जमे हुए पानी में ही डेंगू का मच्छर पनपता है। पानी जमा होने पर कीटनाशक का छिड़काव करते रहें।

जिला मलेरिया अधिकारी मनीषा जुनेजा का कहना है दो माईग्रेट मरीजों के टेस्ट में डेंगू की पुष्टि हुई है। जिसमें एक की हालत स्थिर है, वही दूसरे मरीज की स्थिति ठीक नहीं होने पर उसे परिजन नागपुर लेकर गये है।

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