अपमान के बदले में रची हत्या की साजिश, पुलिस ने किया हत्याकांड का पर्दाफाश

बालाघाट, सुनील कोरे। बिरसा थाना अंतर्गत मछुरदा में 6 एवं 7 फरवरी की दरमियानी रात में हुई अंधे हत्याकांड की गुत्थी को सुलझाकर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। मुख्य आरोपी मछुरदा निवासी सुद्धू धुर्वे, अनूप उर्फ विनोद मरकाम तथा रमेश धुर्वे की गिरफ्तारी हुई है जबकि एक आरोपी फरार है, जिसकी पुलिस सरगर्मी से तलाश कर रही है।

पुलिस की मानें तो श्यामसिंह की हत्या सुनियोचित साजिश रचकर की गई थी। जिसमें मुख्य आरोपी के ताऊजी के लड़के से सगाई के बाद श्यामसिंह मरकाम ने शादी तुड़वा दी थी। इस अपमान से आहत होकर आरोपी के ताऊजी ने आत्महत्या कर ली थी। जिसको लेकर आरोपी, श्यामसिंह के शादी तोड़ने को अपने ताऊजी की हत्या मानता था और वह मन बदले की आग जल रही थी। इसी कारण पूरी तैयारी के साथ मुख्य आरोपी सुद्धु धुर्वे ने श्यामसिंह मरकाम की हत्या की साजिश रची और मंडई की आवाज में हत्या की आवाज गुम होने की सोच को लेकर किराये के गुड्डो से श्यामसिंह की हत्या करवा दी। लेकिन कानून से वह बच नहीं सका और अंततः पुलिस जांच के बाद वह अपने साथियों के साथ पुलिस के हाथों धरा गया।

बताया जाता है कि आरोपी सुद्धु धुर्वे के बड़े पिताजी बीहरसिंह धुर्वे, श्यामसिंह मरकाम की बहन के हाथ अपने बेटे शिवराम की शादी के लिए मांगा था। जिसमें मंगनी के बाद श्यामसिंह मरकाम ने बीहरसिंह के लड़के शिवराम से बहन की शादी करने से इंकार कर दिया था। उस समय श्यामसिंह मरकाम और सुद्धु धुर्वे के बीच कहा-सुनी हुई थी। इस घटना के एक साल बाद आरोपी सुद्धु धुर्वे के बड़े पिता बीहरसिंह ने आत्महत्या कर ली थी। जिनकी मौत को आरोपी सुद्धु धुर्वे बड़े पिता की मौत को हत्या बताकर, उनकी मौत के लिए श्यामसिंह को जिम्मेदार मानता था। विवाह तोड़ने के अपमान और बड़े पिताजी की मौत से आहत आरोपी सुद्धु धुर्वे ने श्यामसिंह की हत्या की साजिश रची। उसके इस अपराधिक कृत्य का सहयोगी बना उसका करीबी दोस्त गठिया निवासी रमेश धुर्वे, जिसने श्यामसिंह की हत्या के लिए सुद्धु धुर्वे को चिलकोना निवासी 20 वर्षीय अनूप उर्फ विनोद मरकाम और उसके साथी से मिलवाया। जिन्होंने 4 हजार रूपये में श्यामसिंह की हत्या करने की सुपारी ली। श्यामसिंह की हत्या की योजना के तहत मछुरदा की मंडई का दिन चुना गया। ताकि किसी को श्यामसिंह की हत्या को लेकर शक न हो और पुलिस भी भ्रम में आ जाये। 6 फरवरी को मछुरदा की मंडई में योजना अनुसार आरोपी सुद्धु धुर्वे का करीबी दोस्त और सहयोगी रमेश धुर्वे, अनूप उर्फ विनोद मसराम को लेकर मंडई पहुंचा। जहां आरोपी सुद्धु धुर्वे ने उनसे मुलाकात की। जिसके बाद रात लगभग 12 से 1 बजे के बीच अपमान की आग में चल रहे आरोपी सुद्धु धुर्वे, अनूप उर्फ विनोद मसराम और उसके साथी ने सो रहे 26 वर्षीय श्यामसिंह पिता चैतु मरकाम की हत्या कर दी और वे वहां से फरार हो गये।

बिरसा थाना अंतर्गत ग्राम मछुरदा में 6 फरवरी को मंडई के दिन आधी रात में हुई श्यामसिंह मरकाम के निर्मम अंधे हत्याकांड का पुलिस ने पर्दाफाश किया। रात में घर में सोते समय भीड़भाड़ वाली रात में श्यामसिंह पिता चेतु मरकाम की निर्मम तरीके से गर्दन काटकर हत्या किये जाने के मामले में पुलिस ने तत्परता से कार्य करते पुलिस अधीक्षक अभिषेक तिवारी के निर्देशन बैहर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्याम कुमार मरावी एवं एसडीओपी आदित्य मिश्रा के मार्गदर्शन में गठित टीम द्वारा पुलिस ने मुख्य आरोपी मछुरदा निवासी सुद्धू धुर्वे, अनूप उर्फ विनोद मसराम और हत्या की साजिश में सहयोगी सुद्धु के करीबी दोस्त रमेश धुर्वे को धारा 450, 302, 120बी, 34 भादवि. में गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त हथियार जब्त कर लिया है। जबकि अनूप उर्फ विनोद के फरार साथी की तलाश जारी है। इस अंधे हत्याकांड का खुलासा करने मछुरदा चौकी प्रभारी विनीत तिवारी, सालेटेकरी चौकी प्रभारी जयप्रकाश पटेल, देवरबेली चौकी प्रभारी संजीत मवई, सहायक उपनिरीक्षक राजकुमार हिरकने, आर. गोविन्द तोमर, नंदकिशोर लिल्हारे, प्रशांत पचौरी, मानिक चंदेल एवं हॉक फोर्स के जवानों की अहम भूमिका रही है। अंधे हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने वाली टीम को पुलिस अधीक्षक द्वारा नगद पुरस्कृत करने की घोषणा की गई है।