कोरोना संदिग्ध की मौत! कोविड सेंटर की बजाये मेडिकल वार्ड में किया था भर्ती

बालाघाट। सुनील कोरे| जिले के वारासिवनी नगरीय क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 11 निवासी 55 वर्षीय योगलाल पिता भाउलाल बिसेन को वारासिवनी अस्पताल से रिफर होने के बाद बीती रात जिला चिकित्सालय के मेडिकल वार्ड में भर्ती कराया गया था। जहां उसकी मौत हो गई। जिसके शव को जिला चिकित्सालय के फ्रिजर में सुरक्षित रखवा दिया गया है। चूंकि मृतक योगलाल में कोरोना जैसे लक्षण पाये जाने के कारण उसके सैंपल को जांच के लिए भेजा गया था। जिसकी रिपोर्ट आना बाकी है।
वारासिवनी निवासी योगलाल बिसेन को परिजनों ने 2 मई को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र वारासिवनी में भर्ती कराया था। जिसे सांस लेने में तकलीफ, बुखार, खांसी और खून में ऑक्सीजन की कमी जैसे कोरोना लक्षण पाये जाने पर चिकित्सक डॉ. रविन्द्र ताथोड़ द्वारा उसके नॉक और थ्रोड का सैंपल लिया गया था। जिसके बाद उसे 108 से जिला चिकित्सालय रिफर कर दिया था।
जिसे 108 एम्बुलेंस से जिला चिकित्सालय लाने के बाद यहां उसे भर्ती कराने को लेकर लापरवाही देखी गई। जिसमें कोरोना लक्षण पाये जाने और उसका सैंपल लिये जाने की जानकारी के बाद भी जिला चिकित्सालय प्रबंधन द्वारा उसे कोविड सेंटर में भर्ती कराये जाने की बजाये, उसे मेडिकल वार्ड में भर्ती किया गया। जहां ईलाज के दौरान बीती रात उसकी मौत हो गई। जहां से उसके शव को परिजनों द्वारा ही बिना किसी सुरक्षा साधनों के उठाकर फ्रिजर में रखवाया गया। अस्पताल प्रबंधन अब उसकी कोरोना जांच के लिए भेजे गये सैंपल रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है। यदि वह निगेटिव आती है तो अच्छा है और यदि पॉजिटिव आती है तो काफी चिंता की बात होगी। चूंकि जिला चिकित्सालय के मेडिकल वार्ड में भर्ती से लेकर उसकी मौत होने के बाद परिजनों द्वारा उसे बेड से उठाकर फ्रिजर तक पहुंचाने में की गई लापरवाही बड़ी मुसीबत खड़ा कर सकती है।
मामले की जानकारी प्रकाश मंे आने के बाद अब अस्पताल प्रबंधन मरीज योगलाल बिसेन को मेडिकल वार्ड में भर्ती करने और परिजनों के बिना किसी सुरक्षा साधनों के उठाने को लेकर सवालों से बचने का प्रयास कर रहा है। हालांकि चिकित्सकों का कहना है कि भले ही गाईड लाईन के अनुसार उसका सैंपल लिया गया है किन्तु मरीज की कोई बाहरी ट्रेवल हिस्ट्री नहीं होने और पूर्व से ही उसके द्वारा धूम्रपान किये जाने से उसके कोरोना इंम्पेक्ट होने की संभावना कम है फिर भी जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सौंपा जायेगा परिजनों को शव
योगलाल बिसेन में कोरोना वायरस जैसे लक्षण पाये जाने पर वारासिवनी मं उसका सैंपल लिया गया था। जिसकी बालाघ्ज्ञाट जिला चिकित्सालय में लाकर भर्ती कराने के बाद मौत होने से उसके शव को बरामद कर उसे मर्चुरी के फ्रिजर में रखवा दिया गया है। जिसके सैंपल की रिपोर्ट आने के बाद ही उसके शव को परिजनों के सुपुर्द किया जायेगा। बहरहाल विशेषज्ञ चिकित्सको ने विश्वास जताया है कि उसकी मौत कोरोना लक्षण से नहीं बल्कि हार्ट में तकलीफ के कारण हुई है।

इनका कहना है
2 मई को सुबह लगभग 10 बजे मरीज योगलाल बिसेन को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र लाया गया था। जिसमें सांस की समस्या, बुखार, खांसी और उसके खून में ऑक्सीजन की कमी होने के कारण, कोरोना वायरस के जांच की गाईडलाईन के अनुसार उसका सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया। जिसके बाद शाम को उसे 108 एम्बुलेंस से रिफर पर जिला चिकित्सालय भिजवाया दिया गया था। जहां उसकी मौत होने की जानकारी मिली है। उसे पहले से ही हार्ट और दमा की समस्या थी। संभवतः उसी से उसकी मौत हो सकती है किन्तु भेजी गई जांच रिपोर्ट का इंतजार है। जिसके बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
-डॉ. रविन्द्र ताथोड़, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, वारासिवनी

वारासिवनी से रिफर पर मरीज योगलाल को लाया गया था। जिसे अचानक मेडिकल वार्ड में भर्ती करा दिया गया था। चूंकि उसमें कोरोना जैसे लक्षण पाये जाने पर उसके सैंपल रिपोर्ट भेजे जाने की जानकारी के बाद उसे मेडिकल से हटाकर कोविड सेंटर ले जाया जा रहा था, इस दौरान ही उसकी मौत हो गई। जिला चिकित्सालय में की गई उसकी जांच में पाया गया कि उसे हार्ट की समस्या थी, जिससे ही उसकी मौत हुई है। जिसके शव को सुरक्षित मर्चुरी के फ्रिजर में रखवा दिया गया है। जिसकी जांच रिपोर्ट आने के बाद ही परिजनों को शव सौंपा जायेगा।
-डॉ. आर.के. मिश्र, सिविल सर्जन, जिला चिकित्सालय