रेंजर कॉलेज के जंगली क्षेत्र में संदेहास्पद परिस्थिति में मिला युवक का शव

बालाघाट। सुनील कोरे| रविवार सुबह रेंजर कॉलेज के जंगली क्षेत्र में गौरीशंकर नगर निवासी 30 वर्षीय अंकित पिता रतन मेश्राम का संदेहास्पद परिस्थिति में शव दिखाई दिखाई देने से सनसनी मच गई। बालाघाट परिक्षेत्र के भाग-2 अंतर्गत आने वाले रेंजर कॉलेज के जंगली क्षेत्र में सुबह भ्रमण के दौरान वनकर्मी दिलीप बागड़े ने मृतक युवक का शव देखा और इसकी सूचना पुलिस को दी।

घटना की सूचना मिलने के बाद सीएसपी सुमित केरकट्टा और कोतवाली थाना प्रभारी विजयसिंह परस्ते हमराह स्टॉफ के साथ घटनास्थल पहुंचे और सीन ऑफ क्राईम को सुरक्षित करने के बाद घटनास्थल में डॉग स्कॉट और एफएसएल टीम द्वारा बारिकी से जांच की गई। घटनास्थल पर युवक का शव अर्धनग्न हालत में था। युवक के शव पर कमर से नीचे कोई कपड़ा नहीं था। शव से लगभग 50 मीटर दूरी पर मृतक अंकित की मोटर सायकिल और चप्पल तथा लगभग 10 मीटर दूरी पर गमछा और अन्य सामग्री पड़ी थी। घटनास्थल का बारिकी से निरीक्षण करने के बाद शव को पीएम के लिए जिला चिकित्सालय भिजवा दिया गया। जहां शव का पीएम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया गया। घटना के बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार युवक की मौत गला घोंटने से हुई है। बहरहाल पुलिस का कहना है कि पीएम रिपोर्ट के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।

पत्नी बबिता मेश्राम की मानें तो विगत दो दिन पूर्व वह गांव से घर गौरीशंकर नगर आये थे। पति अंकित मेश्राम बीते 16 मई को एकोड़ी में बन रहे घर में चौखट के लिए गये हुए थे। जहां से शाम पांच बजे बुआ के साथ मेरी बात हुई तो बुआ ने कहा था कि पति अंकित खाना खा रहे है। जिसके बाद मैने रात 9 बजे तक पति घर नहीं लौटे तो मैने लगातार उनके मोबाईल पर कॉल लगा रही थी, लेकिन रिंग जाने के बाद वह फोन नहीं उठा रहे थे। रात लगभग 11.30 बजे मोबाईल बंद दिखा रहा था। जिसके बाद आज सुबह उन्हें पति का शव, रेंजर कॉलेज के जंगल में मिलने की सूचना मिली। उन्होंने कहा कि उनका किसी से कोई विवाद नहीं था।

इनका कहना है
सूबह डायल 100 से सूचना मिली थी कि रेंजर कॉलेज के जंगल में युवक का शव नाले में पड़ा है। जिसमें प्रथमदृष्टया अज्ञात कारणों से मौत होने की बात सामने आ रही है। सीन ऑफ क्राईम को सुरक्षित करवा दिया गया है। मृतक के शव को बरामद कर पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया गया है। हर परिस्थितिजन्य साक्ष्य को एकत्रित कर मामले की विवेचना की जा रही है।
-सुमित केरकट्टा, सीएसपी