पुलिस-नक्सली मुठभेड़ में 8 लाख की इनामी महिला नक्सली ढेर, एक अन्य के आहत होने की खबर

बालाघाट, सुनील कोरे। बालाघाट पुलिस ने नक्सली उन्मूलन में लगे सुरक्षाबल के हॉकफोर्स जवानों के साथ मिलकर खटिया मोचा दलम के विस्तार प्लाटून नंबर 2 की इनामी महिला नक्सली (female naxalite) को मार गिराया। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिला अंतर्गत पश्चिम बस्तर निवासी 25 वर्षीय शारदा उर्फ पुज्जे की नक्सली मुठभेड़ (police naxalite encounter) में 6 नवंबर की रात मौत हो गई। उसपर मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के बालाघाट, कवर्धा और राजनांदगांव में जिले में हत्या, हत्या का प्रयास और नक्सली गतिविधियों में शामिल रहने के कुल 18 गंभीर अपराध दर्ज थे। उसपर मध्यप्रदेश शासन ने 3 लाख और छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 5 लाख रूपये का ईनाम भी घोषित किया गया था। इसी के साथ एक और नक्सली के आहत होने की खबर भी है, डेढ़ माह में बालाघाट पुलिस को मिली ये दूसरी बड़ी सफलता है।

बालाघाट पुलिस को 17 सितंबर को 8 लाख के नक्सली बादल उर्फ कोसा को जीवित पकड़ने के बाद एक डेढ़ महीने में इनामी महिला नक्सली को मार गिराने में दूसरी बड़ी सफलता मिली है। संयोग की बात है कि इस पर भी 8 लाख रूपये का इनाम था। जिसके शव के पास से पुलिस ने 12 बोर की एक रायफल, राशन सामग्री, जूते-चप्पल, कारतूस के खाली खोखे और अन्य सामग्री बरामद की है, जिसमें एक जूते में खून के निशान मिलने से यह आशंका जाहिर की जा रही है कि मुठभेड़ में एक और नक्सली को गोली लगी है लेकिन उसके आहत होने पर नक्सली उसे अपने साथ उठाकर ले गये है। बहरहाल घटना के बाद बालाघाट पुलिस ने पूरे क्षेत्र में घेराबंदी कर सर्चिंग अभियान तेज कर दिया है और सभी थाना एवं चौकियों को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिये है।

बालाघाट पुलिस की मानें तो मालखेड़ी में नक्सलियों के आने की सूचना मुखबिर से मिली थी जिसके बाद बालाघाट पुलिस अधीक्षक अभिषेक तिवारी स्वयं बंदूक संभाले दो टीमों के साथ नक्सलियों की धरपकड़ और घेराबंदी में साथ रहे। जब नक्सलियों को पुलिस की घेराबंदी का पता चला तो वह पुलिस पार्टी पर अंधाधुंध फायरिंग करने लगे। जिसके बाद पुलिस ने नक्सलियों को घेरने और जान की सुरक्षा के लिए आत्मसमर्पण करने कहा, लेकिन नक्सली पुलिस से बचने भागते हुए फायरिंग करने लगे। जिसके जवाब में पुलिस और सुरक्षाबलों के जवानों ने भी फायरिंग का जवाब फायरिंग से दिया। लगभग आधे घंटे दोनो ओर से चली फायरिंग में जहां नक्सलियों की ओर से लगभग 80 से 90 राउंड फायरिंग की गई, वहीं पुलिस और सुरक्षाबलों की ओर से लगभग 50 राउंड फायरिंग की गई। जिसके बाद एकाएक नक्सलियों की ओर फायरिंग की आवाज बंद हो गई और रात के अंधेरे का फायदा उठाकर नक्सली भागने में कामयाब हो गये। रात के बाद भोर होते ही पुलिस ने शनिवार 7 नवंबर को मुठभेड़ स्थल पर सर्चिंग अभियान चलाया गया तो एक खेत में पुलिस को महिला नक्सली का शव मिला जिसकी शिनाख्त छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिला अंतर्गत पश्चिम बस्तर निवासी 25 वर्षीय शारदा उर्फ पुज्जे के रूप में की गई। उसके शव को पुलिस ने बरामद कर उसे पोस्टमार्टम के लिए जिला चिकित्सालय भिजवाया जहां चिकित्सकों की टीम द्वारा महिला नक्सली के शव का पीएम करवाया गया।

कान्हा क्षेत्र से लगे मालखेड़ी के जंगल में बीती रात हुई बालाघाट पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ को लेकर आयोजित प्रेसवार्ता में पुलिस महानिरीक्षक के.पी. व्यंकटेश्वर राव और पुलिस अधीक्षक अभिषेक तिवारी ने मुठभेड़ को लेकर विस्तृत जानकारी प्रेस को दी।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि 10 से 12 की संख्या में सशस्त्र वर्दीधारी नक्सली दो अलग-अलग मोर्चा पर डटे थे, बावजूद इसके पुलिस ने पूरे सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए नक्सलियों की गोलियांे का जवाब गोलियों से दिया जिसमें पुलिस को मुठभेड़ में एक महिला नक्सली के मारे जाने में सफलता मिली है। मुठभेड़ बैहर थाना क्षेत्र के मालखेड़ी गांव में खलिहान से लगे कान्हा नेशनल पार्क के बफर जोन में हुई है।

जानकारी के मुताबिक नक्सलियों के दो दल 6 नवंबर शुक्रवार की शाम पांच बजे करीब मालखेड़ी गांव पहुंचे थे। जहां पर वे स्थानीय लोगों को डरा धमकाकर उनसे राशन एवं अन्य खाद्य सामग्री लेकर जंगल की ओर जा रहे थे। इसी बीच सूचना पर पहुंचे पुलिस और हॉकफोर्स के जवानों की टीम गांव में पहुंची। जिसके बाद दूसरे छोर पर मौजूद नक्सलियों ने बम फोड़कर और लाइट जलाकर गांव में मौजूद 15 से 20 नक्सलियों को भागने का इशारा किया। इसी दौरान पुलिस और हॉकफोर्स के जवानों ने पीछे से फायरिंग शुरू कर दी। जिसमें स्थानीय निवासी सीताराम परते के खलिहान से होकर जंगल की ओर भाग रहे नक्सलियों में से एक वर्दीधारी महिला नक्सली गोली लगने से ढेर हो गई। वही रात होने का फायदा उठाकर बाकि के नक्सली खेत और नाले के रास्ते जंगल की ओर भागने में सफल हो गए। जवानों की ओर से हो रही फायरिंग के चलते नक्सलियोें को अपना मूवमेंट बनाने का भी मौका नहीं मिला। जिससे वे अपनी जान बचाकर भागने के लिए हाथ में रखे सामान को भी मौके पर फेंक गये। जिसके कई निशान घटनास्थल पर दिखाई दे रहे है। मुठभेड़ की सूचना के बाद पुलिस अधीक्षक अभिषेक तिवारी और हाकफोर्स एसपी नागेद्र भी आज सुबह मौके पर पहुंचे। जहां उन्होने घटना स्थल पर बरामद नक्सलियों के निशान और उनके भागने वाले स्थल का मुआयना करते हुए सर्चिंग पार्टी को उनके पीछे रवाना कर दिया है।

गौरतलब है कि बीते कुछ दिनो से कान्हा नेशनल पार्क के बफर इलाकों में नक्सलियों के दलों की सूचनाएं लगातार पुलिस को मिल रही थी। जहां पर वे रात्रि के समय जंगल से लगे गांवों में पहुंचकर लोगों को डरा धमकाकर उनसे राशन और अन्य जरूरत की सामग्री के लिए दबाव बना रहे थे। इसी को लेकर शुक्रवार को मालखेड़ी गांव में नक्सलियों के पहुंचने की खबन मिली थी। जिस पर पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में पुलिस और हॉकफोर्स के जवानों ने नक्सल विरोधी ऑपरेशन को अंजाम दिया।

नक्सलियों के सहयोग करने वाले ठेकेदार बख्शे नहीं जायेंगे- आईजी राव
पत्रकार वार्ता में मौजूद आईजी के.पी. व्यंकटेश्वर राव ने पुलिस और नक्सली मुठभेड़ की जानकारी देते हुए बताया कि नक्सलियों की मदद करने वाले ठेकेदारों को बख्शा नहीं जायेगा। उन्होंने कहा कि पूरे देश में नक्सली रेड कॉरीडोर बनाने का काम कर रहे है, उनकी सोच काल्पनिक दुनिया बनाने की है, जो कभी सफल नहीं होगी। उन्होंने बताया कि बीते दिनों बालाघाट प्रवास पर आये डीजीपी के आगमन से बालाघाट पुलिस और नक्सली उन्मूलन में लगे सुरक्षाबलों का हौंसला बढ़ा है। उन्होंने कहा कि जल्द ही बालाघाट और मंडला जिले में सुरक्षाबलों की और फोर्स मिलने वाली है, जिसके बाद पूरा जोन सुरक्षित हो जायेगा। जो लोग बालाघाट-मंडला में नक्सली नहीं होने की बात करते है, उनके लिए ईनामी नक्सली बादल का जिंदा पकड़ा जाना और महिला नक्सली का मारा जाना, एक जीवंत प्रमाण है कि जोन में नक्सली गतिविधियां बीते दशको से ज्यादा बढ़ी है, उन्होंने कहा कि यह जानकारी काफी समय से मिल रही थी कि विस्तार दलम के लीडर अपने सदस्यों के साथ बालाघाट जिले के जंगलो में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने आ रहे है। जिसमें गत दिवस पुख्ता सूचना के आधार पर पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में रात में कार्यवाही की गई। जिसमें पुलिस को बड़ी सफलता मिली है।

नक्सलियों के आत्मसमर्पण के लिए खुला है कार्यालय- एसपी
पुलिस अधीक्षक अभिषेक तिवारी ने मालखेड़ी में नक्सलियों के आने की सूचना पर की गई कार्यवाही को लेकर जानकारी प्रेस को देते हुए कहा कि जिंदा पकड़े गये नक्सली बादल से पूछताछ में पता चला था कि कई नक्सली, संगठन में मन से नहीं है जो वापस मुख्यधारा में लौटना चाहते है लेकिन सीनियर लीडर उन्हें आने नहीं दे रहे है। यदि कभी भी किसी नक्सली को लगता है कि वह वापस लौटना चाहता है तो वह कभी भी मेरे कार्यालय में आकर आत्मसमर्पण कर सकता है, जिसके बाद उसे शासन से जो भी सहायता या सुविधायें मिलना होगी, उसे प्रदान की जायेगी।

 

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