टाटा मोटर्स के गोदाम से लगे रोडलाईंस में डंप किये गये पटाखे, ग्रामीणों के विरोध के बाद पुलिस ने किया सील

जांच में जुटा अमला

बालाघाट,सुनील कोरे। जून 2017 में मुख्यालय से चंद दूरी पर स्थित खैरी में चल रही पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट के बाद 27 श्रमिकों की मौत हो गई थी। जिसे आज भी बालाघाट (Balaghat) भुला नहीं है। आज भी घटना की याद जेहन को झंझोड़ देती है। जहां पटाखा में विस्फोट से श्रमिक जिंदा जल गये थे। उस दौरान घटना में सामने आया था कि बिना अनुमति के बड़ी मात्रा में विस्फोटक भंडारित कर पटाखों का निर्माण किया रहा था।

खैरीकांड के बाद यदि नैतरा में भंडारित रखे गये पटाखो में विस्फोट होता तो निश्चित ही कई लोगों पर इसका प्रभाव पड़ता। चूंकि नैतरा स्थित टाटा मोटर्स से लगे एक रोडलाईंस गोदाम में तीन ट्रक पटाखे भंडारित कर रखे गये थे। जैसे ही इसकी जानकारी जागरूक ग्रामीण युवाओं को मिली, उन्होंने ग्रामीणो के सहयोग से इसको लेकर प्रदर्शन किया। जिसके बाद यह जानकारी पुलिस को मिली।

पुलिस को नहीं थी जानकारी तो सूचना तंत्र हो रहा फेल
जानकारी अनुसार नवेगांव थाने से कुछ ही दूरी पर स्थित लिंगा मार्ग पर बड़ी मात्रा में डंप किये गये पटाखों की जानकारी, यदि पुलिस को नहीं थी तो निश्चित ही यह पुलिस के सूचना तंत्र का फेलियर है, अन्यथा पुलिस के सूचना तंत्र तक यह जानकारी ग्रामीणो से पहले पहुंच जानी चाहिये थे।

ग्रामीणों के प्रदर्शन के बाद पहुंचा पुलिस अमला
24 सितंबर की रात्रि नैतरा में टाटा मोटर्स से लगे रोडलाईंस गोदाम में बड़ी मात्रा में पटाखे रखे जाने की जानकारी के ग्रामीणों द्वारा किये गये प्रदर्शन के बाद पुलिस ने पहुंचकर गोदाम को सील कर दिया है। क्षेत्रीय जनपद सदस्य अमित लिल्हारे ने बताया कि इस बात की जानकारी ग्रामीणों को लगते ही ग्रामीणों ने आक्रोश व्यक्त कर प्रदर्शन किया है और तत्काल ही गोदाम से पटाखों को निकालने की मांग की है। अमित लिल्हारे जनप्रतिनिधि, सरपंच संतोष लिल्हारे ने बताया कि ग्राम में टाटा मोटर्स का गोदाम संचालित है, जहां वाहनों की रिपेरिंग के साथ ही सामग्री रखी जाती है, लेकिन विगत आठ दिनों से गोदाम में संदिग्ध गतिविधि एवं लोगों आना जाना अधिक देखा गया, शंका होने पर बीती रात एक ट्रक के खाली होने के बाद बाहर निकलने पर उससे रोककर जानकारी ली गई तो पता चला कि पटाखों का डंप किया जा रहा है।

ग्रामीणों ने बताया कि समीप के ही ग्राम खैरी में कुछ साल पूर्व की पटाखों के कारण ब्लास्ट होने से 25 से अधिक ग्रामीणों की मौत हो गई है। यहां गोदाम में बिना परमिशन, एनओसी के अवैध रुप से पटाखों का भंडारण किया गया है। जिससे खैरी जैसी दर्दनाक वारदात घटित हो सकती है। इस बात को ध्यान में रखते हुए ग्रामीणों ने रात में ही एकजुट होकर इस मामले का विरोध किया और तत्काल ही अवैध भंडारण को खाली कराकर टाटा मोटर्स के संचालक संजय बेदी सहित अन्य के विरुद्ध कार्यवाही किए जाने की मांग की गई है। वहीं रात में पुलिस और प्रशासन ने गोदाम को सील कर दिया है। जबकि आज 25 सितंबर रविवार को प्रशासनिक टीम द्वारा जांच की जा रही है। तहसीलदार नितिन चौधरी ने बताया कि मामले में पूछताछ की जा रही है, यदि अनुमति नहीं है तो प्रकरण दर्ज कर माल की जब्ती बनाकर उसे विनिष्ठ किया जायेगा।