नाबालिग से गैंगरेप, गर्भवती होने के बाद की शिकायत, सभी आरोपी गिरफ्तार

बालाघाट। सुनील कोरे| लांजी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम में 15 वर्षीय नाबालिग के साथ एक साल तक पांच युवकों द्वारा लगातार सामूहिक दुष्कर्म किये जाने का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। सामूहिक दुष्कर्म के कारण गर्भवती हुई नाबालिग की शिकायत के बाद लांजी पुलिस ने वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में विवेचना करते हुए सामूहिक दुष्कर्म के सभी पांच आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद बालाघाट न्यायालय में पेश किया। जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भिजवा दिया गया है।
मिली जानकारी अनुसार गत 18 जून को लांजी थाने में गर्भवती नाबालिग ने पुलिस को बताया कि पांच आरोपी, विगत एक साल से लगातार उसके साथ धमकी देकर जबरदस्ती सामूहिक दुष्कर्म कर रहे है। जिससे वह गर्भवती हो गई है। 15 वर्षीय नाबालिग के सामूहिक दुष्कर्म के बाद गर्भवती होने के सनसनीखेज और गंभीर मामले में तत्काल लांजी पुलिस ने पांच आरोपियों के खिलाफ धारा 366 (ए), 376, 376(2) (एन), 376(3), 376 डीए, 506 आईपीसी, 5(जे) (आईआई), 5(एल), 6 पॉस्को एक्ट के तहत मामला कायम कर विवेचना में लिया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महानिरीक्षक के.पी. व्यंकटेश्वर राव, पुलिस उपमहानिरीक्षक अनुराग शर्मा के मार्गदर्शन और पुलिस अधीक्षक अभिषेक तिवारी, अति. पुलिस अधीक्षक प्रतिपाल महोबिया के निर्देशन में एसडीओपी नितेश भार्गव के नेतृत्व में के गठित टीम, आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी करने के प्रयास में जुट गई थी। जिसके बाद पुलिस लगातार आरोपियों के संभावित स्थानों पर दबिश दे रही थी, लेकिन आरोपी फरार हो जाते थे। जिसके बाद पुलिस को मुखबिर से सूचना पर पता चला कि नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म के आरोपी ग्राम मोहझरी में खेतो में छिपे है। जिसकसे बाद पुलिस ने मुखबिर की सूचना के आधार पर आरोपियों को गत 20 जून को गिरफ्तार किया और आज 21 जून को मीडिया के सामने आरोपियों की गिरफ्तारी का खुलासा करने के बाद न्यायालय में पेश किया। नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म मामले मंे दर्ज अपराधिक धाराओं में लांजी पुलिस ने मोहझरी निवासी 19 वर्षीय अभिषेक पिता घनश्याम नाकतोड़े, 22 वर्षीय पवन पिता श्रीराम पारधी, 26 वर्षीय निशांत पिता नंदकिशोर भगत, भानेगांव निवासी 21 वर्षीय आशीष पिता शिवचरण बुराड़े और 23 वर्षीय विकास पिता मुन्नू ठाकरे को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में अपना अपराध स्वीकार किया है। जिसके बाद पुलिस ने उन्हें बालाघाट न्यायालय मंें पेश किया। जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भिजवा दिया गया है।