पुलिस और नक्सली मुठभेड़ में मारे गये व्यक्ति की हुई शिनाख्त

बालाघाट, सुनील कोरे| गढ़ी थाना के रिजर्व फारेस्ट क्षेत्र बसपहरा के जंगल में 6 सितंबर की अपरान्ह हुई पुलिस, सुरक्षाबलों और नक्सलियों की मुठभेड़ (Naxalite encounter) में मारे गये व्यक्ति की शिनाख्त हो गई है। मृतक लगभग 45 वर्षीय झामसिंग पिता पंचुसिंह धुर्वे छत्तीसगढ़ के झलमला थाना अंतर्गत बालसमुंद का रहने वाला है। यह व्यक्ति वहां कैसे और क्यों पहुंचा, पुलिस अब इसकी जांच कर रही है। जबकि दूसरी ओर यह बात भी सामने आ रही है कि मृतक अपने साथी के साथ क्षेत्र में मछली मारने गया था। चूंकि शाम के दौरान कुछ बंदूकधारियों ने उन्हें रोका, लेकिन वह उन्हें देखकर भागने लगे।

इस दौरान ही चलाई गई गोली लगने से झामसिंग की मौत हो गई, किन्तु पुलिस इससे इतेफाक नहीं रखती। पुलिस की मानें तो रिजर्व फारेस्ट क्षेत्र में वैसे भी किसी के जाने की मनाही है, फिर यह वहां कैसे पहुंचा? क्या वह नक्सलियों का कुरियर था या संगम सदस्य या फिर नक्सली? इसकी पतासाजी की जा रही है। चूंकि पुलिस के रिकॉर्ड में नक्सलियों के संगम सदस्य का कोई रिकॉर्ड नहीं होता है और मारे गये व्यक्ति को लेकर पुलिस के पास नक्सलियों की दर्ज रिकॉर्ड में उसका नाम नहीं है, जिससे पुलिस इस बात पर कायम है कि जंगली क्षेत्र में वह जरूर नक्सलियों का कुरियर बनकर गया होगा या फिर वह संगम सदस्य है। चूंकि पुलिस के अनुसार मृतक व्यक्ति का जहां शव मिला है, उससे कुछ ही दूरी पर सर्चिंग के दौरान पुलिस और सुरक्षाबलों की टीम ने एक पिट्टु बैग और एक भरमार बंदूक भी बरामद की है। जिससे मृतक के नक्सलियों के सहयोगी होने की संभावना प्रबल बताई जा रही है। हालांकि पुलिस का कहना है कि वह सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है, जिसमें अब पुलिस उसके परिवारवालों से भी पूछताछ करेगी। जिससे पता चल सकें कि वह आखिर यहां कैसे आया था? बहरहाल पुलिस ने मृतक के शव का फॉरेंसिक एक्सपर्ट की मौजूदगी में शव का पीएम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया है।

दूसरी ओर गढ़ी पुलिस ने बसपहरा के जंगल में सर्चिंग कर रहे जवानों पर फायरिंग की हॉकफोर्स निरीक्षक की रिपोर्ट पर नक्सलियों द्वारा हमला कर जान से मारने की नियत से फायरिंग किये जाने के मामले में नक्सली राकेश ओडी सहित अन्य 10-15 नक्सलियों के खिलाफ धारा 147,148,149,307 ताहि, 25,27 आर्म्स एक्ट और विधि विरूद्ध क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम 1967 की धारा 13(क)(ख) के तहत मामला कायम कर जांच में लिया है।

6 सितंबर की शाम हुई थी मुठभेड़
गढ़ी थाना क्षेत्र के उमरझोला गांव में ईलाज के लिए दो नक्सलियों के आने की जानकारी पुलिस को मिली थी। जिसके बाद उनकी तलाश के लिए दो सर्चिंग पार्टी गढ़ी थाना का पुलिस बल और हॉकफोर्स की टीमे रवाना हुई थी। जब तक सर्चिंग टीम गांव पहुंची, तब तक ईलाज कराने आये दोनो नक्सली जा चुके थे। सर्चिंग के लिए भेजी एक टीम गांव और उसके आसपास पहुंच मार्ग में तलाश कर रही थी, जबकि दूसरी टीम जंगलो में सर्चिंग कर रही थी। इस दौरान ही जंगलो में सर्चिंग कर रही पुलिस और सुरक्षाबलों की टीम को पहाड़ी पर कुछ नक्सली दिखाई दिये। उंची पहाड़ी की ओर सर्चिंग टीम बढ़ ही रही थी कि पहाड़ी पर डटे नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी। जिसका सुरक्षाबलों की टीम की ओर से भी जवाब दिया गया। जिसमें दोनो ओर से कई राउंड फायरिंग हुई। फायरिंग बंद होने के कुछ समय बाद सर्चिंग कर रही टीम को मौसम ने उजाले और मौसम ने साथ नहीं दिया। तब तक इसकी जानकारी पुलिस अधीक्षक अभिषेक तिवारी को मिल गई थी। जिनके निर्देशन में 7 सितंबर को मुठभेड़ वाले स्थल की ओर अन्य और सुरक्षाबलों की पार्टियों को रवाना किया गया। जहां सर्चिंग टीम को एक शव मिला था। जिसके कुछ ही दूरी पर एक पिट्टु बैग, जिसमें खाने की सामग्री और पास ही एक भरमार बंदूक मिली थी। जहां से पुलिस ने सामग्री, भरमार बंदूक और मृतक के शव कोि बरामद कर लिया था। पुलिस लगातार मृत मिले व्यक्ति की शिनाख्त कर रही थी, बीती रात पुलिस को उसके बारे में पुख्ता जानकारी मिली कि मुठभेड़ के बाद मृत मिला व्यक्ति छत्तीसगढ़ के बालसमुंद निवासी है, जिसके बाद पुलिस ने शव का पीएम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया।

इनका कहना है
गढ़ी थाना क्षेत्र के बसपहरा जंगल में पुलिस और नक्सलियों की मुठभेड़ के बाद मृत मिले व्यक्ति की शिनाख्त हो गई है। मृतक छत्तीसगढ़ के झलमला थाना अंतर्गत बालसमुंद का रहने वाला है। मृतक का पीएम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया गया है। मुठभेड़ में मारा गया व्यक्ति नक्सलियों का सहयोगी या संगम सदस्य है, वह वहां कैसे पहुंचा, इसकी जांच की जा रही है।
अभिषेक तिवारी, पुलिस अधीक्षक

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