लांजी में मिले नक्सली संगठन भारत की कम्युनिस्ट पार्टी के पर्चे, पुलिस ने बढ़ाई सर्चिंग

बालाघाट। सुनील कोरे| प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी नक्सलियो द्वारा 28 जुलाई से 03 अगस्त तक भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) एम.एम.सी जोनल कमेटी (नक्सलियो) के द्वारा शहीदी सप्ताह मनाया जा रहा है। शहीदी सप्ताह से एक दिन पूर्व 26-27 जुलाई दरमियानी रात नक्सलियों ने लांजी क्षेत्र में पर्चे फेंककर लोगो से शहीदी सप्ताह मनाने का आव्हान किया है। इस आशय के पर्चे, पोस्टर लांजी क्षेत्र से लगे बकरामुंडी नंदोरा मार्ग के बीच कटंगनाला के पास मिले है। जिसे 27 जुलाई को लांजी पुलिस ने बरामद कर लिया है। जिसके बाद पुलिस ने सर्चिंग को और बढ़ा दिया है और इस क्षेत्र में पुलिस नक्सलियों की उपस्थिति का पता करने में जुट गई है।

दरअसल, पुलिस और नक्सली बीच हुई मुठभेड में मारे गये कामरेट चारू मंजुमदार कॉमरेड कन्हाई चटर्जी सहित चार नक्सली नेताओ की याद में नक्सलियो के द्वारा प्रतिवर्ष 28 जुलाई से 03 अगस्त तक शहीदी सप्ताह मनाया जाता है, जहां नक्सलियो के द्वारा नक्सल प्रभावित क्षेत्रो में उन नेताओ की याद में स्मृति चिन्ह बनाकर कार्यक्रम आयोजित करते है। वही शहीदी सप्ताह के पूर्व नक्सली, नक्सल प्रभावित क्षेत्र के जंगलो में पर्चे, पोस्टर फेंककर लोगो से भी शहीदी सप्ताह मनाने की अपील करते है। वही जगह-जगह पर नक्सली विचारधारा के बेनर भी बांधते है। शहीदी सप्ताह के तारतम्य में नक्सलियो द्वारा बकरामुंडी नांदोरा मार्ग के बीच कटंगनाला के पास 26-27 जुलाई की मध्य रात्रि पर्चे फेंके। जहां पर्चो में लोगो से पीएलजीए में भर्ती होने का आव्हान किया है और यह भी कहा है कि हर दमन को मुंहतोड जवाब देते हुए, उसे हरायेगें और नवजनवादी कं्राति को सफल करेगें। जनता के हितो की लडाई लडते हुए वे अपनी जान भी दे देगें और जनता को शोषण से मुक्ति दिलाकर समानता का साम्राज्य कायम करेगें।

इस बार नक्सलियो के द्वारा जो पर्चे फेंके गये है उनमें अपने नेता कामरेड रामन्ना (रावुला श्रीनिवास) का फोटो प्रकाशित कराकर अपने शहीद नेता को लाल सलाम श्रद्धांजली दी है। वही नक्सलियो ने पर्चे में केंद्र की मोदी सरकार की भी आलोचना की है। पर्चे में नक्सलियों ने उल्लेख किया है कि मोदी सरकार प्रचार माध्यमो के बल पर जनता के सेवक होने का ढिंढोरा पीट रही है परंतु हकीकत में जनता पर पंूजीवाद का भारी शोषण और जुर्म बढ़ा है। कोरोना महामारी का उल्लेख करते हुए पर्चे में लिखा है कि इस महामारी से पहले ही सरकार जनता की रोटी रोजी को बर्बाद कर चुकी थी अब कोरोना के बाद तो जनता के जीवन में आतंक मचा दिया है तथा पुलिस मनमानी करते हुए जनता की पिटाई कर रही है। बीमारियो के कारण जनता मर रही है उसकी कोई खबर नही है, मात्र कोरोना महामारी के बात हो रही है। रोजगार और धंधे बर्बाद हो गये है ऐसी संकट की स्थिति में भी मोदी के भाजपा पार्टी के पक्ष में रहने वाले व्यापारी दोगुना और तीन गुना भाव से अतिआवश्यक वस्तुओ को बेचकर जनता को लूट रहे है और मोदी रेडियो, टीव्ही पर सहायता का नाटक कर रहे है। इस नाटक में उनके मंत्री, अफसर, व्यापारी और पूंजीपति खुब कमाई कर रहे है, पर्चे में मोदी सरकार को जनविरोधी बताया।

इनका कहना है
बकरामुंडी डिपो-नंदोरा मार्ग के बीच नाले के पास 27 जुलाई की सुबह नक्सली पर्चे बरामद किये गये है। जिनकी जांच की जा रही है। पर्चे मिलने के बाद क्षेत्र में टीम को रवाना किया जा रहा है, सर्चिंग बढ़ा दी गई है, यदि कोई नक्सली सुराग मिलता है तो कार्यवाही की जायेगी।
नितेश भार्गव, एसडीओपी