पेंगोलिन तस्करों को वन विभाग ने किया रंगे हाथों गिरफ्तार

वारासिवनी। सुनील कोरे|दक्षिण सामान्य वनमंडल के वारासिवनी परिक्षेत्र की टीम ने खरीददार बनकर दुर्लभ वन्यप्राणी पंेगोलिन के साथ तीन आरोपियों को कोचेवाही रेलवे स्टेशन के समीप से पकड़ा है। बताया जाता है कि वनविभाग को मुखबिर से मिली खबर के बाद वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में परिक्षेत्र वनविभाग की टीम आरोपियांे को पकड़ने में जुटी थी और अंततः खरीददार का भेष धारण कर वन अमले ने दुर्लभ वन्यप्राणी पेंगोलिन के साथ तीन आरोपियों को पकड़ने में सफलता हासिल की है। वन अधिकारियों का कहना है कि वन्यप्राणी पेंगोलिन के तस्करी में कोई गिरोह काम कर रहा है, जिसके बाद वनविभाग की टीम अब इनके साथियांे की तलाश में जुट गई है।
दुर्लभ वन्यप्राणी पेंगोलिन के साथ पकड़े गये तीन आरोपी सिवनी जिले के कुरई तहसील अंतर्गत भेलवा निवासी 25 वर्षीय रजनीश पिता स्व. कोदूलाल ग्वालवंशी, वारासिवनी क्षेत्र के ग्राम दिनेरा निवासी 55 वर्षीय अशोक पिता नारायणसिंग बिसेन ओर लिंगमारा निवासी 46 वर्षीय महिला मीना पति रुमनप्रसाद नंदा गवली को रंगेहाथ मौके से गिरफ्तार किया है। वनअमले द्वारा गिरफ्तार किये गये आरोपियों से पूछताछ जारी है। अधिकारियों का कहना है कि यह एक बड़ा गिरोह हो सकता है। वन्यप्राणी पेंगोलिन की तस्करी में पकड़े गये तीनो ही आरोपियों के खिलाफ वनअमले द्वारा वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत वन अपराध प्रकरण कायम किया गया है।
वन अमले के अधिकारी की मानें तो मुखबिर द्वारा आठ दिन पूर्व यह सूचना दी गई थी कि कुछ लोग पेंगोलिन बेचने के फिराक में है। मुखबीर द्वारा दी गई निषान देही के आधार पर संदिग्धों को घेरने के लिए वन विभाग द्वारा टीम गठित की गई। जिसके एक योजनाबद्व रणनीति के तहत मिशन पेंगोलिन तस्करी के आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

अधिकारी ने बताया कि आरोपियों से वन अमले ने खरीददार बनकर संपर्क किया और पेंगोलिन खरीदने को लेकर 30 लाख मंे सौदा तय किया गया। जिसके बाद रकम की डिलेवरी के लिए अनेक दफा स्थान बदले गये। गत रात्री कोचेवाही मंे डिलेवरी का स्थान तय हुआ था। जिसके बाद रणनीति के अनुसार 20 सदस्यों की टीम मौके पर पहले से ही पहुंच गई थी। जबकि विभाग के तीन कर्मी खरीददार बनकर रूपये लेकर पहुंचे थे। जिसमें 30 लाख रूपये को तीन लाख रूपयांे को कागज के माध्यम से 30 लाख रूपये की तरह दिखाया गया था। जैसे ही कोचेवाही रेल्वे स्टेषन के समीप आरोपियों से लेन देन करने के दौरान उन्हे पेंगोलिन दिखाया, वन अमले ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

दुर्लभ वन्यप्राणी पेंगोलिन के साथ आरोपियों को गिरफ्तार करने में वन परिक्षेत्र अधिकारी यषपाल मेहरा, उपवन क्षेत्रपाल गोविंद वासनिक, वनपाल पवन पटले, ताराचंद डोंगरे, राजेश पथिक, वनरक्षक शैलेन्द्र जगजीवन, भवानीप्रसाद बिसेन, श्रीमती हिरकन हट्टेवार, लोकेश कुमार टेंभरे, कंुवरलाल नगपुरे, दिनेश कुर्मी, नंदकिशोर डोलस, रविन्द्र लडकर, सुनील कुमार मरावी, अशोक परते, दीपेंद्र सिंह परमार, स्थाई कर्मी महांगु डहरवाल, महेश बिसेन, विनय भवरे का सराहनीय योगदान रहा।

इनका कहना है
वन्यप्राणी पंेगोलिन साथ आरोपियों को गिरफ्तार करने में वारासिवनी परिक्षेत्र की टीम को बड़ी सफलता मिली है। विभागीय अमले ने कडी मेहनत एवं रणनीति के पष्चात आरोपियों को रंगे हाथो गिरफ्तार किया है। बालाघाट जिला वनों एवं वन्यप्राणियों से परिपूर्ण है। यहां अनेक विलुप्त प्रजाति के पेड़ पौधे एवं वन्यप्राणी पाये जाते है। वन विभाग द्वारा ऐसे अपराधों में अंकुष लगाने के लिए हरसंभव प्रयास किये जा रहे है। गिरफ्तार किये गये आरोपियों से पूछताछ जारी है, जिससे बडे गिरोह के पर्दाफाष होने की संभावना है।
अमित पटौदी, एसडीओ, कटंगी

पेंगोलिन तस्करों को वन विभाग ने किया रंगे हाथों गिरफ्तार