चिटफंड कंपनी के खिलाफ पुलिस ने कसा शिकंजा, तीन आरोपी गिरफ्तार, फरार आरोपी की तलाश जारी

बालाघाट, सुनील कोरे

जिले में भोले, भाले निवेशकों को प्रलोभन देकर उनका पैसा लेकर फरार हो चुकी चिटफंड कंपनी के खिलाफ प्रदेश के मुख्यमंत्री से हरी झंडी मिलने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करना शुरू कर दिया है।  एक ऐसी ही चिटफंड कंपनी के बड़े पदो पर बैठे तीन लोगों को कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार किया है। जिसमें चिटफंड कंपनी वेल्किन रियल इंफ्रा इंडिया लिमिटेड कंपनी के चीफ मैनेजिंग डायरेक्टर और 2 मैनेजिंग डायरेक्टर है, जबकि जिले के हट्टा और किरनापुर थाना अंतर्गत कंपनी से जुड़े तीन आरोपी टोपलाल बिसेन, देवेन्द्र गौतम और योगेश उर्फ योगेश्वर लिल्हारे फरार है, जिसकी पुलिस सरगर्मी से तलाश कर रही है। पुलिस कंट्रोल रूम में चिटफंड कंपनी वेल्किन रियल इंफ्रा इंडिया लिमिटेड के बड़े पदो पर बैठे लोगों की गिरफ्तारी को लेकर आयोजित प्रेसवार्ता में यह जानकारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रतिपालसिंह महोबिया ने प्रेस को दी। इस दौरान प्रभारी सीएसपी अपूर्व भलावी, डीएसपी कश्यप और थाना प्रभारी मंशाराम रोमड़े मौजूद थे।

उगली के ग्राम ढुटेरा निवासी की शिकायत पर पुलिस ने किया था मामला दर्ज

वेल्किन रियल इंफ्रा इंडिया लिमिटेड कंपनी के खिलाफ निवेशकों की जमा राशि से ज्यादा राशि देने का प्रलोभन देकर उनकी जमा राशि हड़प जाने पर सिवनी जिले के उगली थाना अंतर्गत ग्राम ढुटेरा निवासी अशोक पिता रामलाल पटले ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि जमा राशि से मैच्युरिटी में ज्यादा राशि देने का प्रलोभन देकर कंपनी द्वारा राशि जमा कराई गई और मैच्युरिटी के बाद राशि नहीं दी जा रही है। जिसकी शिकायत पर तत्कालीन एसडीएम किरनापुर द्वारा जांच की गई।

क्या पाया गया जांच में

जांच में पाया गया कि कंपनी ने निवेशकों की राशि न लौटाकर उनके साथ धोखाधड़ी कर कंपनी ने अवैध लाभ अर्जित किया है। जिसमें पुलिस अधीक्षक के आदेश पर कोतवाली में वेल्किन रियल इंफ्रा इंडिया लिमिटेड कंपनी के डायरेक्टरों के खिलाफ निक्षेपकों का हित संरक्षण अधिनियम 2000 की धारा 6, प्राईस चिटस एंड सर्कुलेशन स्कीम बेनिट एक्ट 1978 की धारा 4 और धारा धोखाधड़ी की धारा 420 के तहत अपराध पंजीबद्व कर जांच में लिया गया था।

मुख्यमंत्री के चिटफंड कंपनी के खिलाफ कार्यवाही के आदेश पर पुलिस ने की कार्रवाई

प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री द्वारा हाल ही में चिटफंड कंपनियों द्वारा निवेशकों से राशि जमा कर उनकी राशि न लौटाकर की गई धोखाधड़ी पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिये गये थे। जिसके बाद जिले में चिटफंड कंपनियों के खिलाफ वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन और निर्देशन में कोतवाली थाने में वेल्किन रियल इंफ्रा इंडिया लिमिटेड कंपनी के डायरेक्टरों के खिलाफ दर्ज अपराध में बनाये गये आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित कर आरोपियों की पतासाजी की गई।

पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार , साथ ही किए कागजी दस्तावेज बरामद

कोतवाली पुलिस ने आरोपी कंपनी के चीफ मैनेजिंग डायरेक्टर किरनापुर थाना अंतर्गत ग्राम कटंगी, हाल मुकाम गोंदिया निवासी भूपेन्द्र पिता लोकचंद तुरकर और मैनेजिंग डायरेक्टर गोंदिया जिले के डुग्गीपार थाना अंतर्गत सौंदड़ निवासी 52 वर्षीय जगदीश पिता दामाजी गायधने एवं गोंदिया अंतर्गत ग्राम टांडा निवासी सुधीर पिता धरमदास राहंगडाले को गिरफ्तार किया। जिनके पास से निवेशकों द्वारा जमा कराये गये कागजी दस्तावेज को बरामद किया है।पुलिस की मानें तो आरोपियों द्वारा लाखों रूपये का गबन किया गया है। हालांकि इस मामले में इनके तीन साथी टोपलाल बिसेन, देवेन्द्र गौतम और योगेश उर्फ योगेश्वर लिल्हारे फरार है। जिनकी पुलिस सरगर्मी से तलाश कर रही है। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद से अन्य चिटफंड कंपनियों का संचालन करने वालों में हड़कंप का माहौल है और उन्हें भी अपनी गिरफ्तारी का डर सता रहा है।

इनकी रही सराहनीय भूमिका

प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री के आदेश के बाद वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में चिटफंड कंपनी के बड़े पदो पर बैठे तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने में कोतवाली थाना प्रभारी मंशाराम रोमड़े, उपनिरीक्षक संदीप चौरसिया, दीपक चौहान, प्रधान आरक्षक रामकिशोर राहंगडाले, मंगल मानेश्वर, आरक्षक गजेन्द्र माटे, शैलेष गौतम, रवि गोरिया, राम रावेट, राजेश, अवधेश बघेल का सराहनीय योगदान रहा।

इनका कहना है

मुख्यमंत्री द्वारा चिटफंड कंपनियों के विरूद्ध अभियान चलाकर कार्रवाई के आदेश के बाद कोतवाली थाने में वेल्किन रियल इंफ्रा इंडिया लिमिटेड कंपनी के बड़े पदो पर बैठे लोगों द्वारा निवेशकों की राशि की धोखाधड़ी के दर्ज प्रकरण में कोतवाली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। जिनके पास से मिले कागजी दस्तावेज में लाखों रूपये की धोखाधड़ी करने के प्रमाण मिले है। जिन्हें पुलिस द्वारा माननीय न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लिया जायेगा। जिनसे पूछताछ में और भी निवेशकों की राशि के धोखाधड़ी के और मामले की जानकारी पता की जायेगी। मामले में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर भी पुलिस प्रयासरत है।