पुलिस-नक्सली मुठभेड़, 14 लाख का हार्डकोर इनामी नक्सली गिरफ्तार, 3 राज्यों को थी तलाश

बालाघाट, सुनाल कोरे। 8 मार्च की सुबह लगभग 7-8 बजे के बीच लांजी क्षेत्र के मालकुंआ का जंगल गोलियों की आवाजों से गूंज उठा। बालाघाट पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि मालकुंआ और चिलकोना के जंगल में टांडा एरिया कमेटी के प्रतिबंधित माओवादी नक्सलियों देखे गये है। जिसके बाद पुलिस ने नक्सली उन्मूलन में लगे हॉकफोर्स के जवानों के साथ जंगल में सर्चिंग शुरू की। इस दौरान सुबह लगभग 6-7 बजे मालकुंआ के घने जंगल में लगभग 15 से 20 नक्सली वर्दी में हथियार थामे नजर आये। जिन्हें पुलिस ने आत्मसमर्पण की चेतावनी दी लेकिन नक्सली पुलिस की चेतावनी को नजरअंदाज करते हुए पुलिस और हॉकफोर्स की टीम पर फायरिंग करने लगे। जिसका जवाब भी पुलिस ने पूरी ताकत के साथ दिया।

पुलिस-नक्सली मुठभेड़, 14 लाख का हार्डकोर इनामी नक्सली गिरफ्तार, 3 राज्यों को थी तलाश

लगभग 45 मिनट चली पुलिस और नक्सलियों की मुठभेड़ (Police-naxalite encounter) में दोनो ओर से जंगल का सन्नाटा गोलियों की फायरिंग की आवाज से गूंज उठा। इस दौरान जहां नक्सलियों ने 80 से 90 फायरिंग वहीं पुलिस ने 50-60 राउंड फायरिंग की। मुठभेड़ के दौरान स्वयं को घिरता देख नक्सली जंगल की ओर भागने लगे, जिसका पीछा कर रही पुलिस को पेड़ की आड़ में एक व्यक्ति नजर आया। उसे संदिग्ध हालत में देख जब पुलिस ने पकड़कर पूछताछ की तो पुलिस के होश भी फाख्ता हो गये। पुलिस के हत्थे चढ़ा व्यक्ति दुर्दांत और इनामी हार्डकोर नक्सली श्यामलाल उर्फ मोतीराम सनकु जांग धुर्वे निकला, जो महाराष्ट्र के गढ़चिरोली जिला अंतर्गत धनोरा तहसील के पोस्ट मुरूमगांव के कटेझरी का निवासी है।

14 लाख के इनामी हार्डकोर नक्सली पकड़ाया, दर्ज है 84 अपराध
टांडा एरिया कमेटी सदस्य नक्सली श्यामलाल (hardcore naxalite arrested) पर मध्यप्रदेश में 15, छत्तीसगढ़ में 8 और महाराष्ट्र में 61 मामले दर्ज है। उसकी तीनों राज्यों को काफी लंबे समय से तलाश थी। बालाघाट जिले में ही वर्ष 2010 में पुलिसकर्मी की हत्या और वर्ष 2019 में पंद्रे नामक व्यक्ति की हत्या के साथ ही कई हत्या, हत्या के प्रयास, आगजनी सहित नक्सली विरोधी अभियान में इसकी सक्रिय संलिप्तता रही है। इसकी गिरफ्तारी के लिए मध्यप्रदेश पुलिस ने 3 लाख, छत्तीसगढ़ पुलिस ने 5 लाख और महाराष्ट्र पुलिस ने 6 का इनाम रखा था। गौरतलब है कि बीते कुछ सालो में बालाघाट पुलिस को नक्सलियों के खिलाफ 9 वीं बड़ी सफलता है, पुलिस ने इससे पूर्व हुई मुठभेड़ में जहां नक्सलियों का मार गिराया है, वहीं इस बार एक हार्डकोर नक्सलियों को जीवित पकड़ने में भी सफलता हासिल की है।

मालकुंआ में सड़क ठेकेदारों के वाहनों को जलाने की घटना में था शामिल
30 जनवरी 2021 को लांजी थाना के देवरबेली चौकी अंतर्गत प्रधानमंत्री सड़क विकास प्राधिकरण की निगरानी में आरसीपीएलडब्लूई योजना अंतर्गत देवरबेली से मालकुंआ के बीच बनाये जा रही सड़क में लगे तीन वाहनों में की गई आगजनी में दलम के साथ गिरफ्तार नक्सली श्यामलाल भी शामिल था। बताया जाता है कि अभी भी नक्सली देवरबेली क्षेत्र के मालकुंआ और चिलकोना जंगल में विकास कार्यो में लगी मशीनरी को जलाने और पुलिस पार्टी पर हमला करके दहशत फैलाने के फिराक में थे। इससे पहले की नक्सली अपने मंसुबो पर कामयाब हो पाते, पुलिस पार्टी ने उन्हें खदेड़ दिया है। पुलिस की मानें तो 8 मार्च को हुई नक्सली मुठभेड़ में शामिल 15 से 20 नक्सली में तांडा और मलाजखंड दलम के नक्सली शामिल थे, जो अलग-अलग दिशा में जंगल में भागे है। जिनकी तलाश के लिए 4 और हॉकफोर्स की टीमों को सर्चिंग अभियान में लगाया गया है।

जंगल से बैग, खाद्य सामग्री और नक्सली साहित्य एवं पर्चे बरामद
पुलिस से मिली जानकारी अनुसार श्यामलाल एक हार्डकोर नक्सली है जो हत्या, हत्या के प्रयास, आगजनी सहित अन्य नक्सली गतिविधियों में शामिल रहा है। उसे जब पुलिस ने पकड़ा था तो उसके पास कोई हथियार नहीं था। पुलिस का कहना है कि आसपास सर्चिंग के दौरान भी कोई बड़ा हथियार नहीं मिला है। ऐसे में सवाल खड़े हो रहे है कि इतना बड़ा दुर्दांत नक्सली बिना हथियार कैसे घूम रहा था। हालांकि पुलिस का कहना है कि नक्सली के हथियार को लेकर सर्चिंग की जा रही है। पुलिस ने मुठभेड़ के बाद घटनास्थल से नक्सलियों के पिट्टु बैग, खाद्य सामग्री और नक्सली साहित्य एवं पर्चे बरामद किये है।

आर्म्स और एंबुश का जानकार था श्यामलाल
पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित प्रेसवार्ता में आईजी के.पी. व्यंकटेश्वरराव और पुलिस अधीक्षक अभिषेक तिवारी ने बताया कि मुठभेड़ के पहले नक्सलियो को आत्मसमर्पण करने कहा गया लेकिन नक्सलियों ने पुलिस पार्टी पर फायरिंग शुरू कर दी। जिसका जवाब देते हुए पुलिस पार्टी ने फायरिंग की। दोनो के बीच करीब पौन घंटा चली फायरिंग के बाद हार्डकोर इनामी नक्सली श्यामलाल को पकड़ा गया है जो नक्सली सूरज टेकाम के साथ रहकर नक्सली संगठन में सक्रिय भूमिका निभा चुका है। पुलिस के हत्थे चढ़ा नक्सली श्यामलाल, आर्म्स और एंबुश का अच्छा जानकार है। जिसे पुलिस न्यायालय में पेश करने के बाद पुलिस रिमांड लेकर और भी नक्सली गतिविधियों और घटनाओं के बारे में जानकारी लेगी। पुलिस को विश्वास है कि नक्सली श्यामलाल से पूछताछ में और भी मामले खुल सकते है। इस दौरान डीआईजी अनुराग शर्मा और हॉकफोर्स कमांडर नागेन्द्र उपस्थित थे।