रेत विवाद या आपसी रंजिश: कातिलाना हमले में एक भाई की मौत, दूसरा गंभीर

तीन दिन बाद भी पुलिस की पकड़ से दूर आरोपी, परिजनों ने सड़क पर शव रखकर किया चक्काजाम

बालाघाट, सुनील कोरे| भौरगढ़ में 21 अक्टूबर की रात्रि आखर चौक सभामंच के पास कुछ लोगों द्वारा दो भाईयों पर कुल्हाड़ी से किये कातिलाना हमले में एक भाई की मौत हो गई। जबकि दूसरा भाई जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा है। घटना के तीन दिन बीत जाने के बाद भी कार्यवाही नहीं होने से नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने कातिलाना हमले में घायल युवक के शव को गांव में लाये जाने के बाद बीते 23 अक्टूबर की रात्रि सड़क पर रखकर चक्काजाम किया और पुलिस पकड़ से दूर आरोपियों पर कार्यवाही की मांग की। रात्रि में परिजनों और ग्रामीणों द्वारा किये जा रहे इस प्रदर्शन से तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए वारासिवनी एसडीओपी अरविंद श्रीवास्तव सहित खैरलाजी, रामपायली, वारासिवनी और कटंगी का प पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा।

रात्रि में तकरीबन घंटो तक चले प्रदर्शन में परिजनों को कार्यवाही के लिए पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी द्वारा आश्वस्त किये जाने के बाद परिजनों ने सड़क से शव को उठाकर घर ले गये। जिसका अंतिम संस्कार आज 24 अक्टूबर को स्थानीय मोक्षधाम में किया गया।

कातिलाना हमले की वजह अभी स्पष्ट नहीं है, जहां पुलिस पुराने विवाद की बात कह रही है तो वहीं क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि और नागरिक, इसे रेत के विवाद से जोड़कर बता रहे है। बताया जाता है कि मृतक 32 वर्षीय विजय पिता नीडु मते और उसके छोटे भाई 24 वर्षीय मनीष पिता नीडु मते पर 21 अक्टूबर की रात लगभग 4 लोगों ने कुल्हाड़ी से कातिलाना हमला कर दिया। जिससे गंभीर रूप से घायल दोनो भाईयों विजय और मनीष को तत्काल खैरलांजी अस्पताल ले जाया गया था, जहां से उन्हें रिफर पर जिला चिकित्सालय लाया गया था। जहां से रिफर पर परिजन उनके बेहतर ईलाज के लिए वर्धा अस्पताल लेकर गये थे। जहां बड़े भाई विजय मते की 23 अक्टूबर को मौत हो गई।

जैसे ही विजय मते का शव बीते 23 अक्टूबर को गांव पहुंचा, उसके शव को लेकर परिजनों और ग्रामीणों ने सड़क पर रखकर आरोपियों पर कार्यवाही की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। परिजनों का आरोप था कि पुलिस आरोपियों को संरक्षण प्रदान कर रही है और घटना के तीन दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस अब तक किसी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर सकी है, जिसके चलते आरोपियों के हौंसले बुलंद है। हालांकि प्रदर्शन के दौरान पुलिस अधिकारी द्वारा आरोपियों पर कार्यवाही को लेकर आश्वस्त किये जाने के बाद परिजनो ने सड़क से शव को उठाकर प्रदर्शन खत्म कर दिया। वहीं पूरी रात आरोपियों की पुलिस तलाश करती रही है, सूत्रों की मानें तो पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जिसकी सुरक्षा को लेकर पुलिस ने उसे अन्यत्र थाने में रखा है, हालांकि पुलिस ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है, पुलिस का कहना है कि आरोपियों को पकड़ने के लिए लगातार दबिश दी जा रही है और उनकी मोबाईल को सर्विलांस में रखा गया है।

रेत का विवाद का एंगल भी बता रहे जनप्रतिनिधि और नागरिक
बताया जाता है कि हमले में मृतक और घायल, कभी हमलावरों के साथी हुआ करते थे। जिनके बीच विवाद की कोई स्पष्ट वजह सामने अब तक नहीं आई है, अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे गंभीर रूप से घायल मनीष के बयान और आरोपियों के पकड़ाये जाने के बाद उनसे पूछताछ में ही घटना की वास्तविकता का पता चल सकता है। इस बीच गांव के ही डॉ. राजेन्द्र वानखेड़े और जिला पंचायत सदस्य रामकुमार नगपुरे ने, घटना को रेत के विवाद में कारित होने का बयान दिया है। उनका कहना है कि रेत को लेकर मृतक और उसका भाई ट्रेक्टर लेकर रेतघाट से रेत लाने गया था। जहां से आरोपी भी रेत निकाल रहे थे, जिनके बीच रेत को लेकर विवाद इतना बढ़ा कि आरोपियों ने योजनाबद्व तरीके से दोनो भाईयों पर कातिलाना हमला कर दिया। जिसमें विजय मते की मौत हो गई। जबकि मनीष अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा है, जिसकी भी हालत अति गंभीर बताई जा रही है।

इस मामले में घटना के बाद खैरलांजी पुलिस ने आरोपियो के खिलाफ हत्या का प्रयास का मामला दर्ज किया था। जिसके बाद पुलिस ने मामले में हत्या की धारा का ईजाफा कर आरोपियों की सरगर्मी से तलाश शुरू कर दी है, वहीं सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार आरोपियों तक पहुंचने के लिए पुलिस ने उन पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है।

इनका कहना है
आरोपियों की तलाश की जा रही है, पुलिस टीम लगातार आरोपियों को पकड़ने के लिए दबिश दे रही है। पुलिस मामले की जांच कर रही है, कुछ पुराना विवाद हो सकता है लेकिन स्पष्ट जानकारी अस्पताल में भर्ती घायल के बयान और आरोपियों के पकड़ाये जाने के बाद उनसे पूछताछ में ही पता चल पायेगा। अब तक की जांच में रेत को लेकर विवाद की कोई बात सामने नहीं आई है।
अरविंद श्रीवास्तव, एसडीओपी, वारासिवनी

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