जननी एक्सप्रेस के असफल काम को मिशन उम्मीद ने बनाया सफल, शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव सुनिश्चित

मिशन उम्मीद (Mission umeed) के तहत जिले के दुर्गम क्षेत्रों से यदि किसी गर्भवती महिलाओं को प्राइवेट वाहन से शासकीय संस्था तक लाया जाता है, तो इस कार्य में प्रयुक्त होने वाले वाहन चालक को आने-जाने का निर्धारित किराया दिया जाता है।

बड़वानी, बाबुलाल सारंग। जिले में शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने के लिये कलेक्टर  शिवराज सिंह वर्मा की महत्वाकांक्षी अभियान मिशन उम्मीद की कामयाबी अब दुर्गम, पहाड़ी, पहुंच विहीन, सड़क विहीन और कमजोर संचार सुविधाओं वाले क्षेत्रों में दिखाई देने लगीं हैं। ग्रामीण अपने निजी साधनों से गर्भवती महिलाओं को निकटतम प्रसव केंद्रों पर लाकर उनकी संस्थागत प्रसव करवाकर जच्चा-बच्चा दोनों की जान बचाने का कार्य कर रहें हैं।

जननी एक्सप्रेस के असफल काम को मिशन उम्मीद ने बनाया सफल, शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव सुनिश्चित

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यह सब संभव हो पाया है मिशन उम्मीद (Mission Umeed) के तहत, जिसके अंतर्गत जिले के दुर्गम क्षेत्रों से यदि किसी गर्भवती महिलाओं को प्राइवेट वाहन से शासकीय संस्था तक लाया जाता है, तो इस कार्य में प्रयुक्त होने वाले वाहन चालक को आने-जाने का निर्धारित किराया दिया जाता है।
जिसके कारण अब ऐसे क्षेत्र से भी गर्भवती महिलाओं को समय पर शासकीय संस्था पहुंचाने में सफलता मिल रही है। जहां पर पहले जननी एक्सप्रेस (Jananni express) से यह कार्य संभव नहीं हो पाता था। कलेक्टर एवं अन्य पदाधिकारियों के सीधे निरीक्षण एवं सतत समीक्षा के कारण इस कार्य में प्रयुक्त होने वाले निजी वाहन चालक अर्थात प्रेरक को तत्काल राशि का भुगतान भी हो रहा है। जिसके कारण गर्भवती महिला के परिवार के सदस्यों के अनुरोध पर अब ग्राम का कोई भी वाहन चालक इस कार्य को सहज करने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं।

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