बैतूल, वाजिद खान। आमतौर पर लोग जन्मदिन (Birthday)और शादी की सालगिरह (Marriage Anniversary) अपनों के बीच सेलिब्रेशन के साथ मनाते हैं लेकिन कुछ लोग ऐसे होते हैं जो अपनी खुशियों में दूसरों की खुशियां भी ढूंढते हैं और ऐसे ही लोग लिए कुछ ऐसा कर जाते हैं जो समाज के लिए प्रेरणा बन जाते हैं ऐसी ही एक मिसाल पेश की है बैतूल के एक डॉक्टर दंपत्ति ने।

दर असल मध्य प्रदेश के बैतूल में एक डॉक्टर दंपत्ति ने अपनी शादी की सालगिरह कुछ अनोखे अंदाज में मनाई । बैतूल के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर दीप साहू (Dr Deep Sahu)और स्किन रोग विशेषज्ञ डॉक्टर कीर्ति साहू (Dr Kirti Sahu) की शनिवार को शादी की सालगिरह थी । शादी की सालगिरह पर डॉक्टर दंपति ने पार्टी करने की बजाय समाज को कुछ देने का संकल्प लिया और इसकी जानकारी अपने साथी डॉक्टरों को दी। डॉक्टर दंपत्ति के इस निर्णय में उनके साथी डॉक्टर भी शामिल हो गए और फिर अनोखे तरीके से शादी की सालगिरह मनाने का निर्णय लिया और पूरी डॉक्टरों की टीम बाजार में हाथ में मास्क लेकर निकल पड़ी । बैतूल के गंज इलाके में डॉक्टरों की टीम ने उन लोगों को मास्क वितरित किए जो बिना मास्क के घूम रहे थे साथ ही कई ऐसे लोग हैं जिनमे बुजुर्ग और दिव्यांग को अपने हाथों से मास्क पहनाया । मास्क वितरित करने के साथ-साथ डॉक्टरों ने लोगों को मास्क पहनने का तरीका ही बताया ।डॉ दीप साहू का कहना है कि कोरोना संक्रमण  लगातार बढ़ता जा रहा है और इसी को देखते हुए आज हमने अपनी शादी की सालगिरह को अनोखे तरीके से मनाने का निर्णय लिया। लोगों के बीच पहुंचकर उन्हें मास्क वितरित किए और उन्हें सलाह दी कि दो गज की दूरी और मास्क है जरूरी इसका पालन करने से ही हम कोरोना से बच पाएंगे ।

उनके साथ मास्क वितरण कर रहे डॉक्टरों ने भी लोगों से मास्क पहनने की अपील की । डॉ साहू के साथी डॉ विनय चौहान का कहना है कि कोरोना की वापसी और ठंड के सीजन में वायरस बढ़ने का खतरा रहता है इसको लेकर लोगों को काफी सतर्क रहने की जरूरत है । मास्क सिर्फ मुंह पर लगाना नहीं मास्क को तरीके से पहनना है जिससे हम कोरोना से बच सकते हैं । डॉक्टर दंपत्ति के इस कार्य से आम लोगों ने भी उन्हें बधाई दी और उनकी सराहना की ।

उधर हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ नितिन राठी का कहना है कि आज हमारे एक डॉक्टर दंपत्ति की शादी की वर्षगांठ है कोरोना को हम नजदीक से देख रहे हैं और इसका लोगों पर असर देख रहे हैं इसलिए हम लोगों ने सोचा की वर्षगाँठ को ऐसे मनाएं जिससे लोगों में जागरूकता आये।