मुआवजा राशि को लेकर किसानों में नाराजगी, प्रशासन को सौंपा ज्ञापन, सुधार की मांग

एसडीएम बैतूल, सीएल चनाप का कहना है कि टूलेन का मुआवजा 1 सप्ताह में भूमि स्वामियों को मिल जाएगा भू अर्जन अधिनियम के अनुसार ही मुआवजा मिल रहा है। अगर मुआवजा में कोई त्रुटि है या कोई भ्रांति है। उसमें सुधार किया जाएगा।

बैतूल, वाजिद खान। मध्य प्रदेश के बैतूल में सरकार किसानों के साथ कैसा मजाक कर रही है इसका उदाहरण बैतूल से इंदौर के बीच बन रही फोरलेन सड़क में देखने को मिल रहा है। जहां किसानों की जमीन अधिग्रहित की गई है। उसको लेकर किसी किसान को 181 रुपए का मुआवजा मिल रहा है तो किसी को कम मुआवजा मिल रहा है। किसी को ज्यादा मुआवजा मिल रहा है। नाराज किसानों ने बैतूल एसडीएम को ज्ञापन सौंपा और सही मुआवजा दिलाने की मांग की।

बैतूल से इंदौर के बीच बन रही फोरलेन सड़क में जोगली गांव की किसानों की जमीन घर दुकान पेड़ टॉयलेट आदि अधिकृत किए गए हैं। इनमें से एक भूमि स्वामी दीपचंद रावत है। जिनके पास नोटिस आया कि उनका मकान अधिग्रहित किया गया है और इसका मुआवजा 181 रुपए बना है। ऐसा अकेले दीपचंद के साथ नहीं हो रहा। ऐसे कई किसान हैं। जिन के मामले में गंभीर अनियमितता देखने को मिल रही है।

इसी गांव के किसान राम भगत जिनकी जमीन ज्यादा अधिग्रहित हुई है और उनको मुआवजा मात्र 73921 रुपये मिल रहा है। उन्हीं के पड़ोसी किसान रामपाल की जमीन उनसे कम जा रही है लेकिन उनको मुआवजा 6 लाख 79912 मिल रहा है। किसानों का आरोप है कि मुआवजे को लेकर जो नोटिस जारी किए गए हैं। उनमें अंको में मुआवजे की राशि कम दर्शाई गई है और शब्दों में ज्यादा दर्शाई गई है। इससे लगता है कि अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर सीमांकन नहीं किया है। जिसके कारण इतनी गंभीर अनियमितताएं सामने आई है।

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किसानों का यह भी कहना है कि फोरलेन सड़क के किनारे जो उनकी जमीन है। उसका रेट 1000 से 2000 रुपये स्क्वायर फीट है लेकिन उन्हें 8 स्क्वायर फीट से मुआवजा दिया जा रहा है। इतनी कम राशि में इतनी जमीन भी कहीं और नहीं खरीद पाएंगे। किसानों ने मांग की है कि फिर पुनः सीमांकन कराकर उनका सही मुआवजा दिलाया जाए।किसानों की शिकायत पर बैतूल एसडीएम सी एल चनाप का कहना है कि टू लेन सड़क का मुआवजा जो अटका हुआ है वह 1 सप्ताह में मिल जाएगा। फोरलेन सड़क के लिए जो मुआवजा दिया जा रहा है। वह भू अर्जन अधिनियम के तहत दिया जा रहा है। अगर मुआवजे को लेकर कोई त्रुटि या भ्रांति है। उसका निराकरण किया जाएगा ।

किसान मदन मालवीय का कहना है कि फोरलेन बनने वाला है और जमीन अधिग्रहण की गई है। किसी को 181 रुपये का मुआवजा बना है तो कहीं कच्चे मकान का ज्यादा और पक्के मकान का कम मुआवजा बन रहा है। बहुत सारी अनियमितताएं हैं। हमारी जमीन की बाजार में कीमत 1000 से 2000 स्केवयर फ़ीट है और मुआवजा 8 रुपये स्केवयर फीट का बन रहा है।

किसान श्याम किशोर का कहना है कि हमें अभी तक 2 लेन सड़क में अधिकृत हुई जमीन का मुआवजा नहीं मिला है। 2 दिन पहले 4 लेन की जमीन का नोटिस भेज दिया गया। नोटिस में यह भी स्पष्ट नहीं दर्शाया गया है की क्या-क्या अधिकृत किया गया है। खेत किया गया है। मकान किया गया है। पेड़ किया गया है या दुकान की गई है। इसका विवरण नोटिस में नहीं दिया गया है।

किसान बालाराम का कहना है कि मुआवजा में जो त्रुटि सामने आई है। उसकी कई बार शिकायत करने के बाद भी कोई आश्वासन नहीं मिल रहा है। मुआवजा भी कम मिल रहा है। जितना मिलना चाहिए उतना नहीं मिल रहा है। एसडीएम बैतूल, सीएल चनाप का कहना है कि टूलेन का मुआवजा 1 सप्ताह में भूमि स्वामियों को मिल जाएगा भू अर्जन अधिनियम के अनुसार ही मुआवजा मिल रहा है। अगर मुआवजा में कोई त्रुटि है या कोई भ्रांति है। उसमें सुधार किया जाएगा।

मुआवजा राशि को लेकर किसानों में नाराजगी, प्रशासन को सौंपा ज्ञापन, सुधार की मांग मुआवजा राशि को लेकर किसानों में नाराजगी, प्रशासन को सौंपा ज्ञापन, सुधार की मांग मुआवजा राशि को लेकर किसानों में नाराजगी, प्रशासन को सौंपा ज्ञापन, सुधार की मांग मुआवजा राशि को लेकर किसानों में नाराजगी, प्रशासन को सौंपा ज्ञापन, सुधार की मांग मुआवजा राशि को लेकर किसानों में नाराजगी, प्रशासन को सौंपा ज्ञापन, सुधार की मांग