बैतूल, वाजिद खान| मध्य प्रदेश (Madhyapradesh) में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana) किसानों के लिए मजाक बन कर रह गई है। फसल को नुकसान होने पर बीमा राशि का इन्तजार कर रहे किसानों के साथ अजीब मजाक हुआ है| बैैैतूल (Betul) मेंं किसान को अपनी खराब फसल का मुआवजा कहीं सिर्फ एक रुपये तो कही 32 और 100 रुपये मिला है। । खुद किसान इसे अब भद्दा मजाक बता रहे है तो

किसान बोले, अधिकारियों पर ही न्योछावर कर देंगे

किसानों के खाते में बीमे की रकम के बतौर एक से सौ रुपये से भी कम की रकम डाली गई है। ग्राम आरुल के अनिल सरले बीते खरीफ फसल का मुआवजा इन्हें महज 92 रुपये मिला है। जबकि गांव गोधना में रहने वाले इनके ससुर पूरन लाल धावले को उड़द की फसल खराब होने पर एक रुपये का मुआवजा मिला है। अनिल की माने तो सरकार उनके साथ मजाक कर रही है। ऐसे में जबकि वे फसल के बीमा प्रीमियम के लिए प्रति एकड़ साढ़े सात सौ की रकम चुका रहे है। किसान रमेश गायकवाड़ मानते है कि मिलने वाली रकम भीख से भी कम है। ऐसा लगता है सरकार उन्हें भीख दे रही है। अब जब बीमा के अधिकारी गांव आएंगे तो वे यह रकम उन पर न्योछावर कर देंगे।

91 हजार से ज्यादा किसानों ने कराया बीमा
बैतूल जिले में पिछले खरीफ सीजन में 91 हजार से ज्यादा किसानों का बीमा किया गया था। जिसमे आज 64 हजार किसानों के खाते में बीमा की रकम डाली गई है। कंपनी ने इसके लिए 81 करोड़ से ज्यादा की रकम जारी की है।  बैतूल के कृषि अधिकारी बताते है की यह उनके संज्ञान में भी आया है।किसानों के खाते में एक रुपये जैसी रकम डाली गई है।

कहीं 1 रुपए तो कहीं 92
किसान अनिल सरले का कहना है कि 92 रुपये मुआवजा मिला है, नहीं देते तो भी चल जाता | इससे ज्यादा तो हम प्रीमियम भरते हैं| किसान के साथ मजाक है हमारे एक रिश्तेदार है उनको एक रुपए मिला है|

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