Baitul- छात्रा ने रोका कलेक्टर का काफिला, कार के सामने धरने पर बैठी, ये है मामला

बैतूल, वाजिद खान। जिले के भैंसदेही में मंगलवार को नवागत कलेक्टर अमनबीर सिंह बैंस (collector Amanbir Singh Bains) का काफिला एक लड़की ने रोक दिया। कलेक्टर जनसुनवाई के लिए गए हुए थे, जब वह वापिस निकले तो रास्ते में एक छात्रा ने बीच सड़क पर बैठकर कलेक्टर का काफिला रुकवा दिया। सड़क पर छात्रा को बेठी देख कलेक्टर ने अपनी कार से उतरकर उससे बात की और भरोसा दिलाया कि 10 दिनों में उनकी समस्या का समाधान हो जाएगा। वैशाली नाम की ये छात्रा अपनी रेगुलर मार्कशीट (regular marksheet) की मांग कर रही थी।

कलेक्टर की कार के सामने छात्रा का धरना

भैंसदेही में उस समय हंगामा मच गया जब एक छात्रा ने कलेक्टर का कारवां रोक लिया। अपनी रेगुलर मार्कशीट न मिलने से नाराज वैशाली मालवीय नाम की छात्रा कलेक्टर की कार के सामने धरने पर बैठ गयी। वह तब तक कार के सामने से टस से मस नहीं हुई जब तक उसे कलेक्टर से संतोषजनक जवाब नही मिल गया। दरअसल वैशाली भैंसदेही शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की छात्रा रही है। उसने साल 2019 में इस स्कूल से कक्षा बारहवीं की परीक्षा दी थी। उसके साथ की 33 छात्राएं यहा नियमित छात्रा के तौर पर अध्ययनरत थीं, लेकिन जब उनकी मार्कशीट आयी तो उसमे छात्राओं को प्रायवेट परीक्षार्थी बताया गया था। वैशाली का कहना है कि छात्राओं ने इसकी शिकायत सीएम हेल्पलाइन पर भी की लेकिन उन्हें वहां से भी कोई राहत नहीं मिली। उसकेक मुताबिक इस मामले में मदद की बजाय स्कूल प्रिंसिपल भी उन्हें समझौते के लिए धमकी देते रहे।

कलेक्टर ने दिया 10 दिन में कार्रवाई का आश्वासन

मंगलवार को कलेक्टर अमनबीर सिंह बैस ने भैसदेही में तहसील स्तरीय जनसुनवाई का आयोजन किया था जहां छात्राएं अपनी समस्या लेकर पहुंची, लेकिन वहां भी उन्हें कोई संतुष्टि वाला जवाब नहीं मिला जिससे वे नाराज हो गयी। इसके बाद जब शिविर से कलेक्टर वापिस रवाना होने लगे तो वैशाली नाम की छात्रा कलेक्टर की कार के सामने धरने पर बैठ गयी। उसने मांग की कि जब तक उसकी मार्कशीट रेगुलर की नहीं मिलेगी वह कार के सामने से नही हटेगी। छात्रा ने यहां तक कह दिया कि उसकी समस्या हल नही हुई तो वह कुछ भी कदम उठा लेगी। छात्रा की नाराजगी देख कलेक्टर खुद कार से उतरे और फिर उन्होंने उसे अपना फोन नम्बर देकर कहा कि उनकी समस्या दस दिन में हल हो जाएगी। कलेक्टर ने कहा कि ऐसा न होने पर वो उनसे मिलने आ सकती है। ये आश्वासन मिलने के बाद ही छात्रा ने कलेक्टर का रास्ता छोड़ा।

बताया जा रहा है कि इस स्कूल की इन छात्राओं का ये मामला यहां पदस्थ दो अतिथि शिक्षकों के कारण बिगड़ा है। ट्यूशन के झगड़े में छात्राओं के फार्म भरने में की गई अनियमितता की वजह से छात्राओं को रेगुलर की जगह प्राइवेट कर दिया गया। अब कलेक्टर ने इस मामले में प्रिंसिपल को शोकाज नोटिस देने के निर्देश दिए है।

यह है मामला
छात्रा वैशाली के मुताबिक उसने 9 से 12 वीं तक कन्या स्कूल में रेगुलर छात्रा के रूप में पढ़ाई की है। यहां देशमुख और झरबड़े मैडम के यहां ट्यूशन जाने का झगड़ा था। दोनों ने कह रखा था की अगर उनके पास कोचिंग नही आएंगे तो वे उन्हें प्राइवेट करवा देंगे।
इधर इस मामले के बाद अब छात्राओं की उपस्थिति पंजी की जांच करवाई जा रही है, जिससे यह सिद्ध होगा कि वे रेगुलर थी या नहीं।

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