Bhind : आधार कार्ड पर मनमानी वसूली, विरोध पर कर्मी बोला कलेक्टर को दिखा दो वीडियो, वो मुझे सैलरी नहीं देते

हद तो तब हो गई जब यह लोग खुले आम जनता के विरोध के बाद उन्हें आधार कार्ड नहीं बनाने की धमकी देने लगे।

भिंड, सचिन शर्मा। मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) में आधार कार्ड बनवाने के नाम पर खुलेआम भोली-भाली जनता से ठगी की जा रही है। आधार कार्ड (Aadhar card) बनाने वाले लोगों से मनमानी वसूली कर रहे हैं। हद तो तब हो गई जब यह लोग खुले आम जनता के विरोध के बाद उन्हें आधार कार्ड नहीं बनाने की धमकी देने लगे।

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50 की जगह वसूल रहे 200
मामला भिंड जिले (0 के किला परिसर में स्थित कृषि विभाग कार्यालय का है। जहां गुरुवार को जब चासड़ निवासी किशन सिंह अपने 12 वर्षीय बेटे का आधार कार्ड में नाम का संशोधन कराने गए। तो उनसे ₹50 की जगह ₹200 मांगे गए। जिसके बाद किशन ने आधार कार्ड बनाने वाले कर्मी से पूछा की इतने पैसे किस बात के हैं तो वहां बैठक कर्मी गुस्से में कहा कि आपको इतने ही पैसे देने पड़ेंगे।

बोला कलेक्टर नहीं देता सैलरी
वहीं जब आधार कार्ड बनाने वाले कर्मी की करतूत का किशन वीडियो बनाने लगा तो कंप्यूटर पर बैठा युवक भड़क गया और कहने लगा कि “यह वीडियो जाकर कलेक्टर को दिखा दो और ज्यादा है तो मैं तुम्हारे साथ चलता हूं। कलेक्टर साहब मुझे तन्खा नहीं दे रहे हैं।”

भोपाल तक खिलानी पड़ती है रिश्वत
गुस्साए युवक ने यह तक कहा कि हम किसी से नहीं डरते, जिसको वीडियो दिखाना है दिखा दो वीडियो बनाने से कुछ नहीं होगा। यहां जो मशीन चलती है उसका हमने 6 लाख में टेंडर लिया है। यहां से लेकर भोपाल तक हमें रिश्वत खिलानी पड़ती है। हमने इसके लिए 6 लाख दिए हैं।

आधार कार्ड नहीं बनाने की दी धमकी
किशन ने जब युवक से पूछा कि जो लीगल पैसे हैं उतने में ही आधार कार्ड बना दो। लेकिन आधार कार्ड बनाने वाले कर्मी ने उसकी एक न सुनी और उसके कागज उसके हाथ में थमा दिए। वहीं किशन से कहा कि एक कागज पत्रकारिता में जा कर देना और कलेक्टर कार्यालय में। कर्मी ने आगे कहा कि “अब हम लिख कर दे रहे हैं तुम्हारा आधार कार्ड कहीं भी नहीं बनेगा।”

बहरहाल इस तरह की मनमानी वसूली और कर्मी का चोरी ऊपर से सीना जोरी वाला रवैया यह साफ दर्शाता है कि सरकारी कामों में किस तरह भ्रष्टाचार का काम हो रहा है और ₹50 के काम के लिए गरीब जनता से ₹200 मांगे जा रहे हैं। वहीं इस पूरे मामले में एक और बात सामने आई है की इन आधार कार्ड बनाने वालों को भी टेंडर से लेकर अपनी दुकान खोलने तक के लिए छोटे स्तर से लेकर बड़े अधिकारी को रिश्वत खिलाना पड़ता है। अब देखना होगा की वीडियो सामने आने के बाद इस पर क्या कार्रवाई होती है।

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