Bhind : भिंड पुलिस की मिलावटखोरों पर कार्यवाही, नकली दूध बनाते रंगे हाथों पकड़ा

भिंड पुलिस (Bhind Police) का बड़ा हल्ला बोल सामने आया है। आज सांझ ढलने के बाद पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार सिंह के निर्देश पर डीएसपी हेडक्वार्टर मोती लाल कुशवाहा ने दल बल के साथ हरिओम दूध डेयरी पर छापामार कार्यवाही की है। प्रारंभिक तौर पर इस डेयरी से माल्टोस पावडर (maltose powder) सहित बड़ी माना मात्रा में अमानक सामग्री जप्त की गई है।

भिंड, गणेश भारद्वाज। सरकार के आदेश के बाद पुरे प्रदेश में मिलावटखोरों के ऊपर छापेमार कार्यवाही की जा रही है। उसी के चलते भिंड पुलिस (Bhind Police) का बड़ा हल्ला बोल सामने आया है। आज सांझ ढलने के बाद पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार सिंह के निर्देश पर डीएसपी हेडक्वार्टर मोती लाल कुशवाहा ने दल बल के साथ हरिओम दूध डेयरी पर छापामार कार्यवाही की है। प्रारंभिक तौर पर इस डेयरी से माल्टोस पावडर (maltose powder) सहित बड़ी माना मात्रा में अमानक सामग्री जप्त की गई है।

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इस पुरे मामले में 25000 लीटर नकली दूध मिलने की खबर सामने आई है। पुलिस के द्वारा फूड विभाग (Food department) की टीम को आगामी कार्यवाही के लिए मौके पर बुलाया गया है। डीएसपी मोतीलाल कुशवाहा ने ‘एमपी ब्रेकिंग’ को बताया कि अभी एक ताला बन्द गोदाम को खोला जाना है, जिसमें बड़ी मात्रा में नकली दूध बनाने की अमानक सामग्री मिलने की प्रबल संभावना है। ज्ञात हो कि भिंड पुलिस के द्वारा मिलावट खोरी पर अंकुश लगाने के लिए ताबड़तोड़ कार्यवाहियां जारी है। पिछले माह अटेर रोड स्तिथ लक्ष्मी डेयरी से भी बड़ी मात्रा में अमानक सामग्री जिसे नकली दूध बनाने में उपयोग किया जाता है पुलिस के द्वारा जप्त की गई थी। पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार सिंह कहते हैं कि प्रदेश में मिलावट खोरी पर अंकुश लगाने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) संवेदनशील और सक्रिय है। हम सब को भी उन्होंने निर्देश दिए हैं कि वो किसी भी कीमत पर मिलावट खोरी बर्दाश्त नहीं करूंगा।

Bhind : भिंड पुलिस की मिलावटखोरों पर कार्यवाही, नकली दूध बनाते रंगे हाथों पकड़ा

मिलावट खोरी पर कड़े एक्शन के चलते हो चुका है भिंड कलेक्टर का ट्रांसफर
बता दें कि करीब 15 दिन पूर्व जिले के गोहद कस्बे में जब नकली मसाले बनाने की सामग्री फूड विभाग जिला प्रशासन की टीम के द्वारा पकड़ी गई थी। जिस व्यापारी के यहां यह मिलावट वाला मसाला पकड़ा गया था, वहां नेताओं की सिफारिश के बावजूद कार्रवाई नहीं रोकी गई थी। इसके कुछ दिन बाद ही तत्कालीन कलेक्टर डॉ वीरेंद्र सिंह रावत का स्थानांतरण कर दिया गया था। जिसके चलते चर्चाओं का बाजार यह गर्म हुआ था कि कलेक्टर का स्थानांतरण मिलावट माफिया के द्वारा ही करवाया गया है।

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