भिण्ड : कलेक्टर ने किया बाल विमर्श, बच्चों ने पूछा- कैसे बन सकते हैं आईएएस?

भिण्ड कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस. ने गुरुवार को बाल विमर्श कार्यक्रम के दूसरे दिन बच्चों से ऑनलाइन बातचीत की। इस दौरान बच्चों ने कलेक्टर से कई तरह के सवाल किए।

भिण्ड, गणेश भारद्वाज। केशव स्मृति सेवा न्यास (Keshav Smriti Sewa Trust) के तत्वाधान में आयोजित बाल विमर्श कार्यक्रम के दूसरे दिन जिला कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस (Collector Dr. Satish Kumar S.) जिले के बच्चों से ऑनलाइन जुड़े। बाल विमर्श में कलेक्टर ने बच्चों को हिम्मत और मेहनत से आगे बढ़ने का पाठ पढ़ाया। वहीं बच्चों ने कलेक्टर अंकल से कई जिज्ञासु सवाल किए, जिनका सार्थक समाधान उनके द्वारा किया गया।

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कलेक्टर सतीश कुमार से एक वैष्णवी नामक छात्रा ने सवाल किया कि लीगल काम यदि करप्शन की वजह से रुके तो क्या करना चाहिए? इसके उत्तर में कलेक्टर ने कहा कि हमें लीगल अनलीगल किसी भी प्रकार के कार्य के लिए रिश्वत नहीं देना चाहिए और यदि कहीं ऐसा दिखाई देता है तो मुझसे आप शिकायत करिए। कलेक्टर कुमार से अधिकतम बच्चों ने पूछा कि आईएएस बनने के लिए क्या करना चाहिए कैसे पढ़ाई करें और कितने समय पढ़ाई करें? जिसका जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि हमें लाइफ में सफल होने के लिए एक ही प्लान नहीं बल्कि प्लान ए, बी, सी निर्धारित करना चाहिए। हम जो भी लक्ष्य निर्धारित करें उसके प्रति हमें दृढ़ निश्चयी होना जरूरी है। कलेक्टर ने कुंग फू पांडा कार्टून फिल्म का उदाहरण देकर बताया कि जीवन में सफल होने का सूत्र आप स्वयं या आपके अंदर ही है।

100 सालों नहीं देखी कोरोना जैसी महामारी

बच्चों से जुड़ते हुए कलेक्टर कुमार ने कहा कि हमने पिछले 100 साल में ऐसी महामारी नहीं देखी और ना ही हमने सोशल डिस्टेंसिंग और आइसोलेशन जैसे शब्दों को सुना था। करीब 100 वर्ष पूर्व स्पेनिश फ्लू नामक महामारी से एक अनुमान के मुताबिक विश्व भर में साढ़े पांच करोड़ लोग प्रभावित हुए थे। कोरोना वायरस के संदर्भ में उन्होंने कहा कि हम इससे लड़ेंगे और इसे जीत कर दुनिया में आगे बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि हमें आगे बढ़ने से दर्द भूख या नींद नहीं रोक सकती और सफल होने वालों को अपमान करके कोई रोक नहीं सकता है। इस दुनिया का जो अनुभव है वही तो जिंदगी है। हमें आगे बढ़ने के लिए हिम्मत और मेहनत की आवश्यकता होती है न कि पैसे की। बच्चों को अपने माता पिता और गुरु का सम्मान करना चाहिए और अपनी मिट्टी के प्रति समर्पण भाव रखना चाहिए। वसुधैव कुटुंबकम की भावना को विकसित करके हमें मानवता को सर्वोपरि रखना चाहिए। हम कभी भी नकारात्मक सोच ना रखे और विज्ञान के प्रति सकारात्मक बने।

वीरों की भूमि भिण्ड

कलेक्टर सतीश कुमार ने भिण्ड जिले के संदर्भ में कहा कि यह वीरों की भूमि है, यहां के लोगों में सेना में भर्ती होने की ललक है। भिण्ड में विकास की अपार संभावनाएं हैं। यहां का चंबल अभयारण्य और चंबल नदी में पाई जाने वाली डॉल्फिन व घड़ियाल विश्व भर के लोगों को यहां पर्यटन के लिए आमंत्रित करते हैं। यही नहीं यहां का गौरी सरोवर, अटेर का किला, आलमपुर की छतरियां, गोहद का जाटों का किला देश विदेश के लोगों को यहां की अनुपम छटा दिखाती है।

तीसरे दिन सांसद संध्या राय से होगा बाल विमर्श

भिंड-दतिया संसदीय क्षेत्र की सांसद संध्या राय बाल विमर्श कार्यक्रम के तृतीय दिवस बच्चों से जुड़ेंगी और उनके प्रश्नों का जवाब देगी। कोरोना संक्रमण काल में बच्चों में एक नई सकारात्मक ऊर्जा विकसित करने की दृष्टि से आयोजित बाल विमर्श कार्यक्रम के आगामी दिनों में प्रदेश के सहकारिता मंत्री अरविंद सिंह भदौरिया, पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार सिंह जिला स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजीत मिश्रा एवं जिला शिक्षा अधिकारी हरिभुवन सिंह तोमर सहित कई अन्य अधिकारी व नेता गण बच्चों से जुड़कर उनकी बाल जिज्ञासाओं का समन करने का कार्य करेंगे।

गुरुवार के बाल विमर्श कार्यक्रम की अध्यक्षता केशव स्मृति न्यास के कोषाध्यक्ष सुनील अग्रवाल के द्वारा की गई। बाल विमर्श कार्यक्रम की शुरुआत में कार्यक्रम के संयोजक मनीष ओझा के द्वारा आज के मुख्य अतिथि भिंड कलेक्टर डॉ सतीश कुमार एस का जीवन परिचय बच्चों के सामने रखा गया। बाल विमर्श कार्यक्रम के द्वितीय दिवस को सफल बनाने में गणेश भारद्वाज, सुशील तिवारी, आशीष शर्मा, महेंद्र सोनी, सुपनीत त्रिपाठी व आशीष जैन की प्रमुख भूमिका रही।