Can-be-heavier-on-another-collector-Salina-Singh's-laughter!

भिंड| गणेश भारद्वाज|

भिंड में अटेर उपचुनाव के दौरान वीवीपैट मशीन से केवल कमल का फूल चिन्ह वाली पर्चियां निकलने का बिना सिर पैर का मामला एक बार फिर गरमाता हुआ दिखाई दे रहा है। अप्रैल 17 में कमल के फूल वाली पर्चियां निकलते हुए दिखाई देने पर मजाक में तत्कालीन मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सलीना सिंह का हंसकर पत्रकारों को थाने में विठलवा देने की धमकी देना इतना महंगा पड़ा कि तत्कालीन कलेक्टर और एसपी को आयोग ने हटा दिया था। मामला वही खत्म हो गया 15 दिन हटने के बाद कलेक्टर एसपी की बहाली भी कर दी गई ।लेकिन वीवीपैट मशीन से कमल के फूल वाली पर्ची निकालने का मामला अधिकारियों के लिए आज भी सिरदर्द बनता हुआ दिखाई दे रहा है।

सूत्रों के मुताबिक बात दो रोज पहले की है, वीडियो कॉन्फ्रेंस जब राष्ट्रीय चुनाव आयोग के सचिव श्री जैन ले रहे थे तो उन्होंने भिंड के कलेक्टर छोटे सिंह से सवाल कर दिया कि आपको अटेर उपचुनाव के दौरान हुआ वीवीपैट के मामले के बारे में क्या जानकारी है? तो श्रीमान कलेक्टर महोदय कुछ जवाब ही नहीं दे सके, इसके अलावा चुनाव की तैयारियों को लेकर किए गए अन्य प्रश्नों का जवाब देने में भी श्रीमान कलेक्टर महोदय लगभग निरुत्तर से ही दिखाई दिए। इस बात को लेकर आयोग के सचिव महोदय बेहद खफा हो गए और खबर तो यहां तक है कि सभी अधीनस्थ कर्मचारियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग हॉल से बाहर निकाल कर कलेक्टर साहब की वह लताड़ लगाई गई कि कलेक्टर साहब बगलें झांकते हुए दिखाई दिए। ऐसा नहीं है कि यह मामला किसी एक कमरे की चारदीवारी में ही था, मामला हालांकि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का था तो पूरे प्रदेश के अधिकारी इस बात को देख रहे थे लेकिन बात निकलकर बाहर मीडिया तक नहीं आई। दो रोज बात धीरे-धीरे कुछ अधिकारियों की सुगबुगाहट से यह बात बाहर निकल कर आई है कि भिंड कलेक्टर छोटे सिंह की चुनाव आयोग के सचिव महोदय के द्वारा जमकर खिंचाई की गई और लताड़ लगाई गई। चुनाव आयोग के इतने ज्यादा खफा होने से स्पष्ट दिखाई दे रहा है कि आचार संहिता लगने के बाद यदि प्रदेश में किसी कलेक्टर पर पहली बार आयोग की गाज गिरेगी तो वह भिंड कलेक्टर ही होंगे।

वैसे  कलेक्टर श्री सिंह को भिंड में पदस्थ हुए 2 महीने से अधिक का समय हो गया उनकी कार्यशैली से भी यहां का जनमानस बेहद खफा है इसी बीच में भिंड नगरपालिका की जो स्वच्छता के मामले में रेटिंग 100 अंक घटकर आई है वह भी चिंता का विषय है ।भिंड में चाहे सीवर के निर्माण का मामला हो चाहे जनता की अन्य मूलभूत सुविधाओं या परेशानियों का मामला ।  श्रीमान कलेक्टर महोदय हर मामले से दूरी बनाए हुए दिखाई देते हैं और बदले में मीडिया के प्रश्नों पर जवाब बस इतना कह देते हैं कि हमें तो शासन जो कहेगा बस वही करना है उसके अलावा कुछ भी नहीं।