70 दिन से लापता है सैनिक की नाबालिग बेटी, पुलिस खोजने में नाकामयाब

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भिंड| देश की रक्षा में कार्यरत राजेश सिंह कुशवाह की बेटी 18 मार्च 2019 से अटेर रोड भिंड से लापता है।  परिजनों को आशंका है उसका पड़ोस में ही रहने वाले एक लड़के ने अपहरण कर लिया लापता बेटी के परिजनों ने देहात थाना पुलिस को अपरहण की कायमी के लिए आवेदन भी दिया है लेकिन पुलिस आंख बंद बैठी है। परिजनों को आशंका है बालिका के अपहरण में पुलिस और रेत माफिया से जुड़े लोग लिप्त हो सकते हैं । नाबालिक दीपिका की तलाश पुलिस  के लिए भी चुनौती से कम नहीं है। अब तो पानी सर के ऊपर से चढ़ने लगा है क्योंकि परिजनों ने बालिका की बरामदगी की मांग को लेकर लहार चौराहे पर धरना पर बैठ गए हैं।

अटेर रोड निवासी बालिका के पिता जो कि अटेर रोड भिंड के निवासी हैं।  सैनिक पिता की ड्यूटी इस समय श्रीनगर में है क्योंकि वे सीआरपीएफ में कार्यरत हैं इसलिए उन्हें छुट्टी भी कम मिल पा रही हैं परिजनों के सामने संकट है वह बेटी पर आए संकट का सामना करें या देश की रक्षा करे। उन्होंने मीडिया को बताया कि उनकी नाबालिग बेटी  18 मार्च को सुबह 7 बजे कोचिंग पर पढ़ने गई थी कब से वापस नहीं लौटी है इस घटना को 2 माह से अधिक समय गुजर चुका है लेकिन भिंड पुलिस आंख पर पट्टी बांध कर बैठ गई है। ऐसा भी नहीं है पिता ने संदेहास्पद लोगो के नाम ना बताएं हो। लेकिन पुलिस कुछ भी सुनने के लिए तैयार नहीं है। नगर पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार बेस की कार्यशैली पर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। बालिका के परिजनों ने पहला संदेह पड़ोस में रहने वाले एक लड़के पर किया है। पिता का कहना है उसे एक रेत माफिया द्वारा जान से मारने की धमकी भी दी गई है। सीआरपीएफ जवान ने धमकी देने वाले का नाम भी पुलिस को बता रखा है। जिस दिन बालिका लापता हुई उसी रोज विष्णु शर्मा नाम का युवक भी घर से गायब है देहात थाना पुलिस में उसकी मिसिग दर्ज है। पुलिस ने इस लापता युवक के बारे में भी कोई खोज खबर नहीं की। बालिका के गायब होने में इस लापता युवक का कोई कनेक्शन तो नहीं है। बालिका  के पिता  ने अपनी फरियाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्यमंत्री कमलनाथ से भी की है। अब तो परिजनों ने लहार चौराहा भिंड पर दीपिका के गायब होने के संबंध में एक बैनर भी  टांग रखा है। सूत्रों की मानें तो इस मामले में सागर में पदस्थ एक महिला आरक्षक की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है। नगर पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार बेस यदि इस मामले में गंभीरता से जांच कर दे और इस मामले को गंभीरता से लेते तो गायब बालिका अब तक मिल गई होती लेकिन सीएसपी भिंड ने इस मामले को बिल्कुल भी गंभीरता से नहीं लिया उसी का परिणाम है कि प्रदेश भर की पुलिस इस मामले को लेकर बदनाम होती हुई दिखाई दे रही है दीपिका के परिजनों ने गृह मंत्री से भी शिकायत की है और नाकारा पुलिस अधिकारियों विशेषकर सीएसपी दिनेश कुमार वैश और थाना प्रभारी राजकुमार शर्मा को हटाने की मांग भी की है।

गायब बालिका के परिजनों के पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सामने धरने पर बैठते ही पुलिस कप्तान रुडोल्फ अल्वारेस हरकत में आ गए हैं और उन्होंने सीएसपी दिनेश बैश के नेतृत्व में एक टीम का गठन कर बालिका को जल्दी खोजने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। उधर बालिका के परिजनों का कहना है कि वे अब धरने से तभी हटेंगे जब उनकी बेटी मिल जाएगी नहीं तो वे इसी जगह पर बैठकर अपने प्राण त्याग देंगे।