हत्या की आरोपी माँ व तीन सगे भाइयों सहित चार को आजीवन कारावास की सजा

भिण्ड। जिला न्यायालय ने रामशरण, छोटेसिंह, रवि सिंह सभी पुत्र गिरधावल सिंह यादव व करई देवी पत्नी गिरधावल सिंह यादव को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। आरोपियों ने  ऊमरी थाना क्षेत्र के नेतराम सिंह का पुरा गांव में विशम्भर दयाल शर्मा की कुल्हाड़ी व लाठियों से पीट पीटकर हत्या 12 जनवरी 2017 को खेत मे मवेशी चरने के विवाद के चलते  की थी।

जानकारी के मुताबिक फरियादी मृतक के पुत्र पवन कुमार शर्मा ने रिपोर्ट की कि हमारी जमीन गांव के गिरदावल सिंह यादव की जमीन से लगी हुयी है। गिरदावल व उसके लड़के आये दिन अपनी मवेशियों को खेतों मे चरने के लिये छोड़ देते है।  मेरे पिता विश्वेशवर दयाल ने कल शाम को आरोपी के घर जाकर मवेशी चराने की शिकायत की तो गिरदावल बोला तूं अपनी जमीन छोड़कर गांव से भाग जा नही तो मैं तेरा अपने लड़को से मर्डर करा दूंगा। मेरे पिता डर के मारे घर आ गये और यह बात घर के सभी सदस्यों को बतायी। 12 जनवरी2017 को सुबह करीब 9 बजे बहन वर्षा की शादी का सामान लेने के लिये हम टेन्ट वाले के यहां जा रहे थे। जैसे ही मेरे पिता सड़क से लगे हुये खेत के पास पहुंचे तो गांव के ही गिरदावल सिंह यादव, उनके पुत्र रवि, छोटे व रामशरण व पत्नी करई देवी लाठी कुल्हाड़ी लेकर एक राय होकर जान से मारने की नियत से मेरे पिता को घेर कर मारने लगे। पिताजी के चीखने की आवाज सुनकर मैं तथा बाबा नेतराम और चाचा प्रहलाद पिताजी को बचाने पहुंचे तो आरोपीगण मेरे पिता की मार-पीट कर रहे थे। हमने बचाने का प्रयास किया तो सभी लोग गाली- गलौच कर बोले तुमको भी इसी तरह मार देगें और मेरे पिता को मरा समझकर डांग की तरफ भाग गये। तब मैंने डायल 100 को फोन किया। तब घटना की रिपोर्ट थाना ऊमरी में की। पुलिस द्वारा रिपोर्ट पश्चात आवश्यक विवेचना कर अभियुक्तगण के विरूद्ध

 धारा 302, 149  भादवि के अपराध पंजीबद्ध किया । इस मामले में सभी आरोपियों को आजीवन कारावास एवं 5 हजार रूप्ये के अर्थदण्ड, धारा 148 एवं 506(बी) भादवि के अपराध मे 2-2 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 1-1 हजार के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। 

उल्लेखनीय है कि राज्य शासन द्वारा प्रकरण को जघन्य एवं सनसनीखेज प्रकरण के रूप में चिन्हित किया गया था तथा न्यायालय द्वारा निर्णय पारित करते हुये मृतक के आश्रितों को नियमानुसार प्रतिकर प्रदाय किये जाने के निर्देश भी जारी किए।