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भिण्ड। लाजपत राय अग्रवाल।

अभी तक यह सुना था की बेटे अपने पिता की चिंता करते हैं और उन्हें हर कदम पर सहयोग भी लेकिन राजनीति के मैदान में कुछ उलट बांसी दिखाई दे रही है भिंड विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 10 से बसपा प्रत्याशी संजीव सिंह कुशवाहा को जिताने के लिए उनके पिता पूर्व सांसद डॉ राम लखन सिंह ने कमान  संभाल ली है। डॉ राम लखन सिंह पूर्व में भारतीय जनता पार्टी से चार बार भिंड दतिया संसदीय क्षेत्र के सांसद एवं एक बार विधायक भी रहे हैं क्षेत्र में उनका अच्छा खासा दबदबा है स्वभाव से सौम्य और मिलनसार डॉक्टर सिंह अपने बेटे की विजय की कामना लेकर चुनावी दंगल में कूद पड़े हैं यह तो समय के गर्त में हैं की तस्वीर क्या रहेगी बहरहाल वे अपने बेटे को विजय की कामना के साथ हाथी की सवारी करते हुए देखना चाहते हैं।

 पिता को विजय बनाने लंदन से आया बेटा 

भाजपा प्रत्याशी चौधरी राकेश सिंह का बेटा भरत चतुर्वेदी लंदन की एडिनबर्ग यूनिवर्सिटी का छात्र है वह पिछले साल ही छात्र संघ का चुनाव जीता है अब लंदन से राजनीति का ककहरा सीख कर आए भरत चतुर्वेदी अपने पिता के लिए भिंड की गलियों की खाक छान रहे हैं लोगों से मिलने का तरीका उनका अपना अनूठा है कोचिंग सेंटरों पर छात्रों के साथ अंग्रेजी व हिंदी दोनों में बात करते हैं वे भाजपा की नीतियां और नेतृत्व की कुशलता के बारे में पाठ पढ़ा कर वोट भी मांग रहे हैं क्या शहर और क्या देहात हर जगह लोगों की जुबान पर अगर चर्चा है तो भरत चतुर्वेदी की चुनाव प्रचार के बाद भारत अपने सहयोगियों से यह भी जानकारी ले रहे हैं कि मतदाताओं के बीच उनके पिता का कैसा रिस्पॉन्स है।  परिणाम तो 11 दिसंबर को पता चलेगा लेकिन भरत ने लोगों के दिलों को जरूर जीत लिया है।

 चुनाव प्रचार में इंजीनियर बेटा और एमबीए बेटी भी कूदी

इस चतुष्कोणीय मुकाबले में सपा प्रत्याशी नरेंद्र सिंह कुशवाह का इंजीनियर बेटा और कांग्रेस प्रत्याशी डॉ रमेश दुबे की एमबीए कर रही बेटी भी अपने अपने पिता के लिए पसीना बहा रही हैं। कांग्रेस प्रत्याशी की बेटी तान्या दुबे चूंकि मैनेजमेंट के गुर सीख रही है इसलिए पूरी बेबाकी के साथ वह मतदाताओं से विशेषकर महिला वर्ग से कांग्रेस की रीति नीति और अपने पिता की विशेषताओं को बताने में सफल होती दिख रही है।