एमपी में EVM लापरवाही में 7 निलंबित, 10 को कारण बताओ नोटिस

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भोपाल। मध्य प्रदेश में मतदान के बाद ईवीएम में प्रत्याशियों का भविष्य कैद है| 11 दिसम्बर को उनके भविष्य का फैसला होगा| इससे पहले ईवीएम की सुरक्षा को लेकर कई लापरवाही सामने आने के बाद कांग्रेस ने सवाल उठाये हैं|  वहीं ईवीएम संचालन में लापरवाही और ईवीएम की सुरक्षा को लेकर सात कर्मचारियों को निलंबित किया गया है। इसके साथ ही दस कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। वहीं सागर में स्ट्रांग रुम में ईवीएम की निगरानी के लिए पांच अतिरिक्त कैमरे लगाने के निर्देश दिए गए है।

दरअसल, अनूपपूर के मौहरी में ईवीएम बटन और चुनाव रजिस्टर में दर्ज मतदाताओं के आंकड़ों में भिन्नता पाए जाने के बाद वहां एक दिसंबर को पुन: मतदान करवाया गय था। कलेक्टर एवं ज़िला निर्वाचन अधिकारी अनुग्रह पी ने 28 नवम्बर को विधानसभा क्षेत्र अनूपपुर 87 के मतदान केंद्र 180 मौहरी में मतदान में लापरवाही पर मतदान दल के 4 सदस्यों को निलम्बित कर दिया । बता दे कि इसके पहले ईवीएम को लेकर होटल में ठहरने वाले शुजालपुर के सेक्टर अधिकारी सोहनलाल बजाज सहित दो कर्मचारियों को निलंबित किया था।वही सागर के खुरई में ईवीएम मशीन के देरी से पहुंचने पर नायब तहसीलदार को निलंबित किया गया था।

532 प्रत्याशियों को नोटिस 

चुनाव आयोग ने विधानसभा चुनाव लड़ रहे 532 प्रत्याशियों को समय पर निर्वाचन व्यय का हिसाब-किताब नहीं देने पर नोटिस जारी किया है। कुल 2899 उम्मीदवारों में से 2367 उम्मीदवारों ने समय पर अपना चुनाव व्यय पेश कर दिया है। जिन 532 उम्मीदवारों को नोटिस जारी किए गए हैं, उनमें से 27 उम्मीदवारों के खिलाफ आरपी एक्ट के तहत प्रकरण भी दर्ज कराए गए हैं। चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों के लिए निर्वाचन व्यय के रिकॉर्ड को रखना और उसको निर्धारित समय में प्रस्तुत किया जाना अनिवार्य है। समय में व्यय पेश नहीं करने पर नोटिस दिया जाता है। नोटिस देने के बाद भी यदि कोई रिकॉर्ड पेश नहीं करता है, तो उसके खिलाफ प्रकरण दर्ज कराया जाता है।

2050 एफआईआर दर्ज

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कांताराव ने बताया कि आचार संहिता लागू होने के बाद से आज तक प्रदेश में आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में 2050 एफआईआर दर्ज की गई हैं। जिनमें से एक हजार से ज्यादा का निराकरण कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस अवधि में राज्य में 70 करोड़ की संपत्ति जब्त की गई है। ज��नमें से 30 करोड़ नगद राशि है। जिसकी जांच के लिए आईटी को सौंपा है। आईटी से रिपोर्ट मिलने के बाद राशि को रिलीज कर दिया जाएगा। 

24 घंटे सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में स्ट्रांग रूम

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी व्ही.एल. कान्ता राव ने मतगणना और स्ट्रांग रूम के संबंध में राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों से कहा कि स्ट्रांग रूम में रखी गई ईव्हीएम और व्हीव्हीपीएटी सुरक्षा घेरे में सुरक्षित है। 24 घंटे सीसीटीवी कैमरों से स्ट्रांग रूम के पास निगाह रखी जा रही है। मतदान में उपयोग की गयी ईव्हीएम और व्हीव्हीपीएटी को प्रदेश के 51 स्ट्रांग रूम में प्रत्याशियों या उनके प्रतिनिधियों के समक्ष सील बंद किया गया है। इसकी वीडियों रिकार्डिंग भी करायी गयी है। यह सभी स्ट्रांग रूम मतगणना के दिन 11 नवम्बर को प्रत्याशियों की उपस्थिति में वीडियों रिकार्डिंग कराकर खोली जाएंगी।