‘बाबा’ की भाजपा में वापसी, चुनाव में ‘बागी’ होकर बिगाड़े थे BJP के समीकरण

भोपाल/दमोह| गणेश अग्रवाल| शिवराज सरकार के बहुप्रतीक्षित मंत्रिमंडल विस्तार के साथ ही विधानसभा चुनाव में भाजपा (BJP) का दामन छोड़ कांग्रेस (Congress) का हाथ थामने वाले नेताओं का रुख फिर बदल गया है| बीते विधानसभा चुनाव में बुंदेलखंड क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी को कई सीटों पर हार का मुंह दिखाने का दावा करने वाले बाबा के नाम से प्रसिद्ध दमोह जिले के कद्दावर नेता डॉक्टर रामकृष्ण कुसमरिया (Ramkrishna Kusmaria) एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए हैं|

मंत्रिमंडल के विस्तार के बाद भाजपा नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया की मौजूदगी में अनेक कांग्रेसियों ने जहां भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ली| तो उसी दौरान एक ऐसा चेहरा भारतीय जनता पार्टी के सदस्यता लेने वालों में सामने नजर आया जो भारतीय जनता पार्टी का एक बड़ा चेहरा था, लेकिन बीते विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं मिलने के बाद भाजपा से बागी होकर निर्दलीय रूप से दमोह और पथरिया विधानसभा से चुनाव लड़ा और फिर कांग्रेस में शामिल हो गया|

यह चेहरा है डॉक्टर रामकृष्ण कुसमरिया का| जिन्होंने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष बीडी शर्मा की मौजूदगी में भारतीय जनता पार्टी की एक बार फिर सदस्यता ली| भारतीय जनता पार्टी के सदस्यता मंच पर डॉ रामकृष्ण कुसमरिया का स्वागत करके उनको सदस्यता दिलाई गई|

बागी होकर बिगाड़े थे भाजपा के समीकरण

विधानसभा चुनाव के समय कुसमरिया खासा चर्चा में रहे, जिन्हे मनाने के लिए भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने एड़ी चोटी का जोर लगा दिया था, भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात झा हेलीकाप्टर से उन्हें मनाने पहुंचे थे| लेकिन कुसमरिया ने अपना नामांकन वापस नहीं लिया। निर्दलीय लड़े भाजपा के बागी डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया ने दमोह और पथरिया सीट पर समीकरण बिगाड़ दिया था| कुसमरिया की जमानत जब्त होने के बावजूद उन्होंने जयंत मलैया (दमोह से भाजपा प्रत्याशी) और लखन पटेल (पथरिया में भाजपा प्रत्याशी और तत्कालीन विधायक) के वोट काट दिए| जिसके चलते दमोह में कांग्रेस और पथरिया में बसपा जीतने में कामयाब रही| इसके बाद कांग्रेस में शामिल होकर भाजपा को जमकर कोसने वाले पूर्व मंत्री कुसमरिया आखिरकार आज फिर भाजपा के हो गए|

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