पटवारियों के लिए नई ट्रांसफर पालिसी, इन शर्तों पर होगा अंतर जिला तबादला

भोपाल| पटवारियों के एक जिले से दूसरे जिले में स्थानांतरण के लिए राज्य शासन ने ट्रांसफर पालिसी जारी कर दी है| संविलियन नीति के तहत अपरिहार्य परिस्थितियों में पटवारियों के एक जिले से दूसरे जिले में ट्रांसफर हो सकेंगे| संविलियन नीति के अंतर्गत पटवारी परीक्षा 2017 का रिजल्ट 26 मार्च 2018 के पूर्व के नियुक्त पटवारी अंतर्जिला संविलियन के लिए ही पात्र होंगे। वहीं इस नीति के अंतर्गत सेवाकाल में सिर्फ एक बार अंतर्जिला संविलियन की पात्रता होगी। ऐसे पटवारी जिनके विरूद्ध लोकायुक्त, आपराधिक प्रकरण एवं विभागीय जांच प्रचलित है वह पात्र नहीं होंगे।

आयुक्त भू-अभिलेख एवं बंदोबस्त ग्वालियर द्वारा पटवारियों की संविलियन नीति के लिए आवेदन प्रक्रिया निर्धारित किए जाने के संबंध में सभी कलेक्टर (भू-अभिलेख) को निर्देश दिए गए हैं। संविलियन नीति के अंतर्गत ऑनलाईन आवेदन हेतु पात्रता की शर्ते निर्धारित की गई है। पटवारी परीक्षा 2017 का रिजल्ट 26 मार्च 2018 के पूर्व के नियुक्त पटवारी अंतर्जिला संविलियन के लिए ही पात्र होंगे। यदि किसी पटवारी के पति या पत्नि पटवारी के पदस्थापना जिले से अन्य जिले में शासकीय अधिकारी, कर्मचारी के रूप में पदस्थ है तो उस पटवारी पर यह शर्ते लागू नहीं होगी अर्थात वह स्थानांतरण के लिए आवेदन करते के लिए पात्र होगा। भले ही उस पटवारी की नियुक्ति 26 मार्च 2018 को अथवा बाद में हुई हो। इस नीति के अंतर्गत सेवाकाल में सिर्फ एक बार अंतर्जिला संविलियन की पात्रता होगी। ऐसे पटवारी जिनके विरूद्ध लोकायुक्त, आपराधिक प्रकरण एवं विभागीय जांच प्रचलित है वह पात्र नहीं होंगे।

पटवारियों द्वारा इस नीति के अंतर्गत अन्य जिले में स्थानांतरण के लिए आवेदन करने से पूर्व WEBGIS (Mmpbhulekh.gov.in) में पंजीकृत होना अनिवार्य है। आवेदन में पटवारी को स्थानांतरण के लिए तीन जिलों का विकल्प दिया जाएगा ताकि जिलों की प्राथमिकता अनुसार निर्धारित नीति के अंतर्गत विचार किया जा सके। ऑनलाईन आवेदन करने के बाद संबंधित पटवारी के मोबाईल पर ओटीपी प्राप्त होगा जिसे दर्ज कर ही पटवारी द्वारा आवेदन जमा किया जा सकेगा। पटवारी द्वारा स्थानांतरण के लिए केवल एक बार ही आवेदन किया जा सकेगा। इसमें कोई भी परिवर्तन बाद में नहीं किया जा सकेगा।

स्थानांतरण के लिए प्रत्येक जिले के पटवारियों द्वारा नियमानुसार निर्धारित अवधि में भेजे गए सभी आवेदन संबंधित जिले के अधीक्षक/प्रभारी अधीक्षक भू-अभिलेख को प्रदर्शित होंगे। अधीक्षक अथवा प्रभारी अधीक्षक भू-अभिलेख संबंधित जिला द्वारा सभी आवेदन पर कलेक्टर द्वारा अनुमोदन लिया जाएगा तथा अनुमोदन उपरांत प्रत्येक अभ्यर्थी के नाम के समक्ष अनुशंसा की जाती है अथवा अनुशंसा नहीं की जाती है, लिखकर सभी आवेदन 16 जुलाई तक जमा कर कार्यालय आयुक्त भू-अभिलेख को भेजे जाएंगे। आवेदन पत्रों की संवीक्षा उपरांत संविलियन के लिए पात्र कर्मचारियों की सूची आयुक्त भू-अभिलेख एवं बंदोबस्त द्वारा तैयार की जाएगी।

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