MP में संबल योजना मंगलवार से फिर होगी शुरू, मिलेगा यह फायदा

भोपाल| मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में एक बार फिर शिवराज सरकार (Shivraj Government) की चर्चित योजना ‘मुख्यमंत्री जन कल्याण संबल योजना’ (Sambal Yojna) शुरू होने जा रही है| पिछले दिनों मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj SIngh chauhan) ने इसकी घोषणा की थी| सीएम इस योजना का मंगलवार 5 मई को औपचारिक शुभारंभ करेंगे। असंगठित श्रमिकों के लिए शुरू की गई योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये हैं। संबल योजना को व्यापक स्वरूप दिया जायेगा। सीएम संबल योजना के श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत 41 करोड़ रूपये की राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से उनके खातों में ट्रांसफर करेंगे।

संबल योजना 2018 में प्रारंभ की गई थी जिसे बाद में तत्कालीन सरकार ने बंद कर दिया था। कमलनाथ सरकार ने नया सवेरा योजना बनाकर इसे ठन्डे बस्ते में डाल दिया था| तब इसको लेकर जमकर सियासत भी हुई| कांग्रेस का मानना था कि योजना के नाम पर अपात्रों को लाभ पहुँचाया गया, इसकी जांच भी शुरू हुई थी| मुख्यमंत्री ने पिछले दिनों संबल योजना पुन: शुरू करने की घोषणा की थी जो 5 मई से शुरू हो जायेगी।

संबल योजना के अंतर्गत असंगठित श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा की योजनाएँ शुरू की गई है। इस योजना में न केवल पंजीकृत श्रमिकों बल्कि उनके परिवार के सदस्यों को भी लाभान्वित किया जाता है। योजना के अंतर्गत असंगठित श्रमिकों के पंजीयन के लिए विशेष अभियान चलाया गया था।

सम्बल योजना का यह है लाभ
संबल योजना में असंगठित श्रमिक उन्हें माना गया है जो नौकरी, स्वरोजगार, घरों में कार्य करने वाले, किसी एजेंसी ठेकेदार के जरिए या प्रत्यक्ष रूप से कार्यरत जैसे भविष्य निधि और ग्रेजुयटी आदि समाजिक सुरक्षा का लाभ नही मिलता। संबल योजना में पंजीकृत असंगठित श्रमिकों की सामान्य मृत्यु की दशा में सहायता राशि 2 लाख रूपये की अनुग्रह राशि का प्रावधान है। दुर्घटना में मृत्यु की दशा में अनुग्रह सहायता राशि 4 लाख रूपये स्थायी अपंगता पर अनुग्रह सहायताराशि 2 लाख रूपये और आशिंक स्थायी अपंगता में अनुग्रह सहायता राशि 1 लाख रूपये देने का प्रावधान है। मृत्यु होने पर श्रमिक के उत्तराधिकारी को तत्काल 5 हजार की राशि अंत्येष्टि सहायता के रूप मेंदी जाती है। संबल योजना के अंतर्गत पंजीकृत श्रमिकों के परिवार को नि:शुल्क चिकित्सा सुविधा तथा महाविद्यालयीन स्तर तक नि:शुल्क शिक्षा की सुविधा भी प्रदान की जाती है।